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BPSC TRE 4.0
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महासागरीय गर्तों (Oceanic Trenches) और जलसंधियों (Straits) की भौगोलिक स्थिति तथा विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मरियाना गर्त (Mariana Trench), जो विश्व का सबसे गहरा महासागरीय गर्त है, प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग में फिलीपींस द्वीप समूह के पूर्व में स्थित है और इसमें पृथ्वी का सबसे गहरा बिंदु 'चैलेंजर डीप' (Challenger Deep) अवस्थित है।
- 2. सुंडा गर्त (Sunda Trench), जिसे जावा गर्त भी कहा जाता है, हिंद महासागर का एकमात्र प्रमुख गर्त है, जो सुमात्रा और जावा द्वीपों के दक्षिण-पश्चिम में इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट के सबडक्शन के कारण निर्मित हुआ है।
- 3. मलक्का जलसंधि (Strait of Malacca) मलय प्रायद्वीप और इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के बीच स्थित है, जो प्रशांत महासागर को हिंद महासागर (अंडमान सागर से दक्षिण चीन सागर) से जोड़ती है और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार की दृष्टि से अत्यधिक सामरिक महत्व रखती है।
- 4. बेरिंग जलसंधि (Bering Strait) उत्तरी अमेरिका महाद्वीप के अलास्का को एशिया के साइबेरिया से अलग करती है और यह प्रशांत महासागर के बेरिंग सागर को अटलांटिक महासागर के आर्कटिक महासागर (चुकची सागर) से जोड़ती है, तथा इसी जलसंधि से अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा गुजरती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि मरियाना गर्त प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग में गुआम और फिलीपींस के पास स्थित है, किंतु यह मुख्य रूप से मारियाना द्वीप चाप के पूर्व में स्थित है (यह सीधे फिलीपींस के पूर्व में न होकर पश्चिम प्रशांत में स्थित है, जबकि फिलीपींस गर्त अलग है)। अन्य सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं; सुंडा गर्त हिंद महासागर का सबसे गहरा गर्त है, मलक्का जलसंधि हिंद और प्रशांत महासागर को जोड़ती है, और बेरिंग जलसंधि अलास्का को साइबेरिया से अलग करती है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार की जनगणना 2011 के अंतिम आंकड़ों और जनसांख्यिकी विशिष्टताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनगणना 2011 के अनुसार बिहार की कुल जनसंख्या 10,40,99,452 थी, जो देश की कुल जनसंख्या का 8.60% है और यह उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र के बाद देश का तीसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है।
2. बिहार का कुल जनघनत्व (Population Density) 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो इसे भारत के सभी राज्यों में प्रथम (सर्वाधिक जनघनत्व वाला राज्य) स्थान पर रखता है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करने पर यह दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर आता है।
3. राज्य की कुल साक्षरता दर 61.80% है, जिसमें पुरुष साक्षरता 71.20% और महिला साक्षरता 51.50% है, तथा सर्वाधिक साक्षरता दर वाला जिला रोहतास (73.37%) और न्यूनतम साक्षरता दर वाला जिला पूर्णिया (51.08%) है।
4. बिहार का कुल लिंगानुपात (Sex Ratio) 918 है, जबकि ग्रामीण लिंगानुपात 921 और शहरी लिंगानुपात 895 दर्ज किया गया है, तथा सर्वाधिक लिंगानुपात वाला जिला गोपालगंज (1021) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत न्यूटन के गति के नियमों, घर्षण बल तथा कार्य-ऊर्जा-प्रमेय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. न्यूटन का प्रथम गति नियम (जड़त्व का नियम) किसी पिंड की उस अवस्था को परिभाषित करता है जिसमें वह बिना किसी बाह्य बल के अपनी विराम अवस्था या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था को बनाए रखता है, और यही नियम जड़त्वीय फ्रेम ऑफ रेफरेंस की परिभाषा भी देता है।
2. गतिमान वस्तु पर कार्य करने वाला स्थैतिक घर्षण बल (Static Friction) हमेशा सीमांत घर्षण बल से अधिक होता है, तथा घर्षण बल संपर्क तलों के क्षेत्रफल पर निर्भर करता है, भले ही अभिलंब प्रतिक्रिया (Normal Reaction) का मान समान रहे।
3. कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी (Conservative) बलों के लिए ही सत्य है, असरक्षी बलों के लिए नहीं।
4. जब कोई पिंड किसी ऊर्ध्वाधर वृत्त में गति करता है, तो वृत्त के उच्चतम बिंदु पर डोरी या ट्रैक में तनाव (Tension) का न्यूनतम मान शून्य हो सकता है, बशर्ते वस्तु की चाल उस बिंदु पर न्यूनतम आवश्यक क्रांतिक चाल (Critical Velocity) के बराबर हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्य साम्राज्य और मौर्योत्तर काल (Maurya and Post-Maurya Period) की प्रशासनिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था तथा सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य काल में केंद्रीय प्रशासन का संचालन 'तीर्थ' नामक उच्च अधिकारियों द्वारा होता था, जिनकी कुल संख्या अर्थशास्त्र के अनुसार 18 थी, और कृषि विभाग के प्रमुख को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था जो राजकीय भूमि की देखरेख करता था।
2. अशोक के शिलालेखों में प्रयुक्त लिपियों में ब्राह्मी और खरोष्ठी के अतिरिक्त उत्तर-पश्चिम सीमांत क्षेत्र में यूनानी (Greek) और आर्माइक (Aramaic) लिपियों का भी प्रयोग किया गया है, जो उसकी बहुसांस्कृतिक और समावेशी नीति को दर्शाता है।
3. मौर्योत्तर काल में सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि (Agrahara) दान देने की प्रथा की शुरुआत की थी, जिससे सामंती व्यवस्था की शुरुआती प्रवृत्ति देखने को मिलती है।
4. कुषाण काल के दौरान मथुरा कला शैली (Mathura Art School) में मुख्य रूप से सफेद संगमरमर का उपयोग किया गया, जबकि गांधार कला शैली में काले स्लेटी पत्थर (Grey Schist) और मट्टिका का बहुतायत से प्रयोग हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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