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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के गठन के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कुल 389 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, तथा इस सभा में ब्रिटिश भारत के प्रांतों के साथ-साथ रियासतों और मुख्य आयुक्त के क्षेत्रों को भी उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया गया था।
  2. 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, और सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को फ्रांस की पद्धति के अनुरूप सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था, जबकि बाद में 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष तथा एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णमाचारी दोनों को सभा का उपाध्यक्ष निर्वाचित किया गया था।
  3. 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के लिए कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रारूप समिति (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसका गठन 29 अगस्त 1947 को किया गया था और इसमें अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर सहित कुल 8 सदस्य शामिल थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कुल 389 सीटों (ब्रिटिश प्रांतों की 296 और रियासतों की 93) में से कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिली थीं। सीटों का आवंटन मुख्य रूप से जनसंख्या के अनुपात (लगभग 10 लाख की आबादी पर 1 सीट) के आधार पर किया गया था। कथन 2 सही है: 9 दिसंबर 1946 को हुई पहली बैठक का मुस्लिम लीग ने बहिष्कार किया था। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया था और 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष तथा एच.सी. मुखर्जी व वी.टी. कृष्णमाचारी उपाध्यक्ष चुने गए थे। कथन 3 गलत है: संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियाँ (Major Committees) नहीं बल्कि 13 मुख्य समितियाँ और कई गौण समितियाँ बनाई गई थीं। इसके अलावा, 29 अगस्त 1947 को गठित प्रारूप समिति (Drafting Committee) में अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर सहित कुल **7** सदस्य थे (न कि 8)। संविधान के निर्माण से जुड़े ऐसे ऐतिहासिक और तथ्यात्मक पहलुओं की अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत पाठ्यक्रम को पढ़ सकते हैं।
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