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Indian Polity
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के क्रम में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित अधिनियमों और उनके प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चार्टर अधिनियम, 1853 के द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और कार्यकारी कार्यों को पृथक किया गया, तथा परिषद में छह नए पार्षदों जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, को जोड़कर एक अखिल भारतीय केंद्रीय विधान परिषद की स्थापना की गई।
- 2. भारत सरकार अधिनियम, 1858 के द्वारा 'नियंत्रण बोर्ड' (Board of Control) और 'निदेशक कोर्ट' (Court of Directors) की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर दिया गया, तथा भारत के राज्य सचिव (Secretary of State for India) के पद का सृजन किया गया जो ब्रिटिश कैबिनेट का सदस्य था और उसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय परिषद का गठन किया गया।
- 3. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 के माध्यम से गवर्नर-जनरल की कार्यकारी परिषद में पहली बार किसी भारतीय को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रावधान किया गया, और इसी अधिनियम के तहत लॉर्ड कैनिंग द्वारा 'पोर्टफोलियो प्रणाली' (विभागीय प्रणाली) को औपचारिक मान्यता दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सही हैं। 1. चार्टर अधिनियम, 1853 (Charter Act of 1853) के द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया और एक पृथक केंद्रीय विधान परिषद बनाई गई। 2. भारत सरकार अधिनियम, 1858 (Government of India Act 1858) ने 'कंपनी के शासन' को समाप्त कर 'Crown' के अधीन प्रत्यक्ष शासन किया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' को समाप्त कर भारत सचिव का नया पद बनाया। 3. भारतीय परिषद अधिनियम, 1861 (Indian Councils Act 1861) के द्वारा विधायी निकायों में भारतीयों को प्रतिनिधित्व मिलना शुरू हुआ और लॉर्ड कैनिंग द्वारा पोर्टफोलियो प्रणाली को कानूनी रूप दिया गया। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन करें।
Related Questions
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भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से एकल संक्रमणीय मत द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें आवंटित की गई थीं।
2. संविधान सभा में रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चयन संबंधित रियासतों के शासकों द्वारा परामर्श के आधार पर किया जाना था, किंतु रियासतों ने संविधान सभा की बैठकों का बहिष्कार किया जिसके कारण वे शुरू में संविधान सभा में शामिल नहीं हुईं।
3. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कांग्रेस ने 208 सीटें जीती थीं, जबकि मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, और इस सभा में महात्मा गांधी तथा मोहम्मद अली जिन्ना दोनों ही इसके औपचारिक सदस्य के रूप में शामिल रहे थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना, अधिकारिता एवं नियंत्रण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, तथा जिला न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि व्यक्ति कम से कम सात वर्ष तक अधिवक्ता या प्लीडर रहा हो और संघ या राज्य की सेवा में पहले से कार्यरत न हो।
2. संविधान के अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों पर प्रशासनिक नियंत्रण, जिसमें जिला न्यायालयों के नीचे के न्यायिक अधिकारियों की पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टियों का अनुदान शामिल है, पूरी तरह से संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होता है, किंतु इन न्यायालयों के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की अंतिम शक्ति राज्य के राज्यपाल के पास होती है।
3. अनुच्छेद 236 के निर्वचन के अनुसार 'जिला न्यायाधीश' (District Judge) की व्यापक परिभाषा में नगर सिविल न्यायालय का न्यायाधीश, अपर जिला न्यायाधीश, संयुक्त जिला न्यायाधीश, सहायक जिला न्यायाधीश, लघु वाद न्यायालय (Small Cause Court) का मुख्य न्यायाधीश तथा सेशन जज शामिल होते हैं, किंतु इसमें मुख्य प्रेसिडेंसी मजिस्ट्रेट को शामिल नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की प्रशासनिक नियंत्रण शक्ति, रिट अधिकारिता और अधीनस्थ न्यायपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अधीन प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण (Superintendence) की व्यापक शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति न्यायिक अधीक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक अधीक्षण को भी समाहित करती है, जिसे राज्य के विधि द्वारा भी छीना नहीं जा सकता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति का अधिकार सीधे राज्यपाल के पास निहित है, किंतु राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श किए बिना भी अपनी मंत्रिपरिषद की सलाह पर कर सकता है।
3. अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह किसी अन्य विधिक उद्देश्य (Other Purpose) के लिए भी प्रयोग की जा सकती है, और यह उच्च न्यायालय का मूल तथा विवेकपरक क्षेत्राधिकार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक उपबंधों, स्वतंत्रता तथा उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, और उसे अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो होता है, किंतु उसे संसद की कार्यवाही में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, होता है, और उसे उसके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, तथा उसके वेतन और भत्ते भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं।
3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) अपनी पदमुक्ति या सेवानिवृत्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य कार्यालय या नियोजन (Further Office of Profit) के लिए पात्र होता है, क्योंकि संविधान में सीएजी के पुनर्नियुक्ति पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उच्च न्यायालय (High Court) के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति की आयु क्या है?
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