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Indian Polity
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भारतीय संविधान के विभिन्न भागों, अनुसूचियों तथा राजनैतिक दलों और राजभाषा से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के भाग IX-A के अंतर्गत अनुच्छेद 243-W में नगरपालिकाओं को विधाई शक्तियां, प्राधिकार और उत्तरदायित्व सौंपने का प्रावधान है, जिसके तहत उन्हें संविधान की बारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध कुल 23 विषयों पर प्रभावी क्रियान्वयन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
  2. 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के प्रावधानों के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) या 'राज्यीय दल' (State Party) के रूप में मान्यता देने की शर्तें संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रत्यक्ष रूप से लिखित हैं।
  3. 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि संसद द्वारा जब तक कोई अन्य विधि नहीं बनाई जाती, तब तक उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ केवल अंग्रेजी भाषा में ही होगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान की बारहवीं अनुसूची (जिसे 74वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया है) में नगरपालिकाओं की विधाई शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 विषय (Subjects) शामिल हैं, न कि 23 विषय। कथन 2 असत्य है क्योंकि किसी राजनीतिक दल को 'राष्ट्रीय दल' या 'राज्यीय दल' के रूप में मान्यता देने की शर्तें या मानदंड संविधान के अनुच्छेद 324 में नहीं, बल्कि 'निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968' (Election Symbols Order, 1968) के तहत निर्धारित किए गए हैं। कथन 3 सत्य है; संविधान के अनुच्छेद 348(1) के अनुसार, जब तक संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, तब तक उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की सभी कार्यवाहियाँ तथा विध, विधेयकों और अधिनियमों के प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में ही होंगे। विस्तृत अध्ययन के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जाएं।
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