BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
2 views

भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों, राजभाषा, राजनीतिक दलों के विधिक नियमों तथा संविधान की अनुसूचियों और भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया, तथा वर्तमान में इसमें कुल 22 भाषाएँ हैं, किंतु 'अंग्रेजी' और 'राजस्थानी' भाषाएँ इस अनुसूची में शामिल नहीं हैं।
  2. 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और साथ ही कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में चार सांसद निर्वाचित करे।
  3. 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह उपबंध किया गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में ही होगा, जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें) द्वारा बढ़ाकर 22 किया गया है; इसमें अंग्रेजी और राजस्थानी भाषाएँ वर्तमान में शामिल नहीं हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए चार राज्यों में 6% मत के साथ-साथ लोकसभा में कम से कम 4 सीटें (विभिन्न राज्यों से) जीतना आवश्यक है, किंतु केवल चार सांसद निर्वाचित करना ही एकमात्र शर्त नहीं है बल्कि इसके अन्य विकल्प भी मान्य होते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों और विधायी अधिनियमों का आधिकारिक पाठ अंग्रेजी में ही होता है जब तक संसद कानून द्वारा बदलाव न करे। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
Share:

Related Questions

लोक लेखा समिति में कुल कितने सदस्य होते हैं? पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितना आरक्षण अनिवार्य है? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य की कार्यपालिका, विशेष रूप से राज्यपाल की अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति (अनुच्छेद 213) और मुख्यमंत्री तथा मंत्रिपरिषद की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के अनुसार, राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के विश్రాंतकाल (Recess) के दौरान अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु वह राष्ट्रपति के निर्देशों के बिना ऐसा कोई अध्यादेश प्रख्यापित नहीं कर सकता यदि उस विषय से संबंधित विधेयक को राज्य विधानसभा में पुनः स्थापित करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व स्वीकृति (Previous Sanction) की आवश्यकता होती। 2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'डी.सी. वाधवा वाद (1987)' में यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया गया था कि अध्यादेशों का लगातार पुनर्गठन या बार-बार पुनः प्रख्यापन करना (Re-promulgation) संविधान की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन और एक छद्म विधि निर्माण (Fraud on the Constitution) है, जिसे न्यायपालिका द्वारा निरस्त किया जा सकता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 164 के अंतर्गत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है, तथा इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति को विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य न होने के बावजूद मंत्री नियुक्त किया जाता है, तो उसे अधिकतम छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है, अन्यथा उसका मंत्री पद स्वतः समाप्त हो जाता है, और इस अवधि के भीतर यदि वह एक बार चुनाव हार जाता है, तो उसे उसी कार्यकाल में दोबारा उसी पद पर पुनः नियुक्त नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? प्रधानमंत्री की नियुक्ति से संबंधित प्रावधान किस अनुच्छेद में है? भारतीय संविधान के निर्माण के क्रम में संविधान सभा की कार्यप्रणाली, उसके स्रोतों और विभिन्न समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, तथा फ्रांस की परंपरा का अनुसरण करते हुए सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था। 2. संविधान के निर्माण के दौरान विभिन्न देशों के संविधानों से प्रावधानों को ग्रहण किया गया था, जिसके तहत समवर्ती सूची (Concurrent List) का प्रावधान ऑस्ट्रेलिया के संविधान से, जबकि 'विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया' (Procedure Established by Law) का सिद्धांत जापान के संविधान से लिया गया था। 3. संविधान सभा द्वारा संविधान के प्रारूप (Draft) पर विचार करने के लिए 29 अगस्त 1947 को 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) का गठन किया गया था, जिसमें अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य शामिल थे, और इस समिति द्वारा तैयार किए गए पहले प्रारूप पर जनता, प्रेस और विशेषज्ञों से राय मांगने के बाद दूसरा प्रारूप अक्टूबर 1948 में प्रकाशित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.