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History of India
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निम्नलिखित में से 1857 के विद्रोह के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित दमन क्षेत्रों (केंद्रों) के युग्मों में से कौन-सा एक सुमेलित नहीं है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1857 के विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में विद्रोह कुचलने की जिम्मेदारी दी गई थी। जॉन निकलसन ने दिल्ली में, मेजर जनरल ह्यूरोज ने झाँसी और ग्वालियर में, तथा कॉलिन कैंपबेल ने कानपुर और लखनऊ में विद्रोह का दमन किया था। जबकि, कर्नल नील (Colonel Neill) ने मुख्य रूप से इलाहाबाद और बनारस (वाराणसी) में विद्रोहियों के खिलाफ क्रूरतापूर्वक कार्रवाई की थी, न कि बरेली और रोहिलखंड में (जहाँ खान बहादुर खान के नेतृत्व वाले विद्रोह का दमन मुख्य रूप से कॉलिन कैंपबेल और बर्क ने किया था)। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम की अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के प्रारंभिक आंदोलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तिनकटिया' प्रणाली थोपी गई थी, जिसके अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के कुल क्षेत्रफल के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी।
2. चंपारण सत्याग्रह के दौरान सरकार द्वारा गठित जाँच समिति के सदस्यों में महात्मा गांधी को भी एक सदस्य के रूप में शामिल किया गया था, जिसने इस कुप्रथा को समाप्त करने की आधिकारिक संस्तुति दी थी।
3. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह के दौरान जब फसल का उत्पादन सामान्य वर्ष के एक-चौथाई (25%) से भी कम रह गया था, तब राजस्व संहिता के नियमानुसार किसानों का लगान पूरी तरह माफ किया जाना चाहिए था, किंतु ब्रिटिश प्रशासन ने इसे मानने से इनकार कर दिया था।
4. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान वल्लभभाई पटेल, इंदुलाल याग्निक और महादेव देसाई जैसे नेताओं ने गांधीजी का खुलकर समर्थन किया था, और इसी आंदोलन की सफलता से प्रभावित होकर वल्लभभाई पटेल ने वकालत का पेशा हमेशा के लिए छोड़ दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्थापित 'प्रार्थना समाज' और 'आर्य समाज' के वैचारिक दृष्टिकोण, सामाजिक सुधार एजेंडे तथा धार्मिक सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रार्थना समाज की स्थापना वर्ष 1867 में केशव चंद्र सेन की प्रेरणा से बंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य ध्यान अंतर-जाति विवाह, अंतर-जाति भोज, विधवा पुनर्विवाह और दलित जातियों के उत्थान जैसे सामाजिक सुधारों पर था।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, अवतारवाद और जन्म आधारित जाति व्यवस्था का पुरजोर खंडन किया तथा 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए वेदों की अचूकता और सर्वोच्चता को स्थापित किया।
3. प्रार्थना समाज के प्रमुख नेता और न्यायविद् महादेव गोविंद रानाडे ने समाज सुधार कार्यों को गति देने के लिए 'डेक्कन एजुकेशन सोसायटी' की स्थापना की, जबकि आर्य समाज ने पाश्चात्य शिक्षा प्रणाली का पूर्ण बहिष्कार करते हुए केवल गुरुकुल पद्धति पर आधारित शिक्षा को ही एकमात्र विकल्प माना।
4. आर्य समाज ने हिंदू समाज से अलग हुए या इस्लाम व ईसाई धर्म अपना चुके व्यक्तियों की पुनः हिन्दू धर्म में वापसी के लिए 'शुद्धि आंदोलन' की शुरुआत की थी, जिसे प्रार्थना समाज के सदस्यों का भी वैचारिक समर्थन प्राप्त था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता और उसके नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विद्रोहियों के पास न तो कोई एकीकृत केंद्रीय उच्च कमान (Centralized High Command) था और न ही कोई सुसंगत अखिल भारतीय राजनीतिक व सैन्य रणनीति; विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ताओं ने मुख्य रूप से अपने स्थानीय एवं क्षेत्रीय अधिकारों और रियासतों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
2. नाना साहब, कुंवर सिंह और रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्थानीय नेतृत्व ने अपने-अपने क्षेत्रों में अत्यधिक वीरता का प्रदर्शन किया, किंतु वे अंग्रेजों के आधुनिक तोपखाने, संचार साधनों (जैसे टेलीग्राफ) और सैन्य अनुशासन का मुकाबला करने के लिए कोई दीर्घकालिक तथा समन्वित रणनीति नहीं बना सके।
3. मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को विद्रोहियों द्वारा भारत का सम्राट घोषित किए जाने के पश्चात उनके पास एक अत्यंत शक्तिशाली, अनुशासित और आधुनिक हथियारों से लैस सेना उपलब्ध थी, जिसकी मदद से उन्होंने अंग्रेजों को दिल्ली से स्थायी रूप से खदेड़ दिया था।
4. भारत के अधिकांश बड़े देसी शासकों (जैसे हैदराबाद के निज़ाम, ग्वालियर के सिंधिया और इंदौर के होलकर) ने ब्रिटिश शासन के प्रति निष्ठा बनाए रखी और विद्रोह को दबाने में अंग्रेजों की सक्रिय सहायता की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मध्यकालीन भारत के भक्ति और सूफी आंदोलनों के दार्शनिक विकास तथा उनके प्रमुख संतों के विचारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण भारत के अलवार संतों ने जहाँ व्यक्तिगत भक्ति और प्रपत्ति (शरणगति) के मार्ग को लोकप्रिय बनाया, वहीं महिला संत अंडाल को उनकी अनन्य कृष्ण-भक्ति के कारण 'दक्षिण की मीरा' कहा जाता है।
2. सूफी मत (तसव्वुफ) के चिश्ती सिलसिले के प्रसिद्ध संत निजामुद्दीन औलिया ने राजकीय दरबार के प्रभाव से दूर रहने की नीति अपनाई थी और सुल्तानों से मिलने तथा उनके द्वारा दिए जाने वाले अनुदानों को सख्ती से अस्वीकार कर दिया था।
3. उत्तर भारत में निर्गुण भक्ति धारा के महान संत कबीर दास ने जाति, वर्ण और बाहरी आडंबरों का कड़ा विरोध करते हुए राम और रहीम की एकता पर बल दिया, तथा उनके उपदेश 'बीजक' नामक ग्रंथ में संकलित हैं।
4. वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संत ज्ञानेश्वर ने मराठी भाषा में 'भावार्थदीपिका' (ज्ञानेश्वरी) की रचना कर भगवद्गीता के संदेश को आम जनता तक पहुँचाया, और इस संप्रदाय के अनुयायी महाराष्ट्र के पंढरपुर में विठोबा की उपासना करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू वीर कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह द्वारा चलाए गए सैन्य अभियानों और प्रशासनिक प्रतिरोध के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने जगदीशपुर से विद्रोह का नेतृत्व करते हुए दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर आरा पर अधिकार कर लिया था, तथा ब्रिटिश सेना के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध (Guerrilla warfare) रणनीति का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और रीवा तक अपने सैन्य अभियानों का विस्तार किया था।
2. ब्रिटिश सेनाओं द्वारा पीछा किए जाने के दौरान गंगा नदी पार करते समय वीर कुंवर सिंह की बांह में गोली लग गई थी, जिसके कारण उन्होंने स्वयं अपनी तलवार से अपनी बांह काटकर गंगा नदी में अर्पित कर दी थी।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात् उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को समाप्त कर ब्रिटिश शासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद उन्हें अंडमान और निकोबार (सेल्यूलर जेल) आजीवन कारावास के लिए भेज दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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