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History of India
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1857 के महान स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार में जगदीशपुर के बाबू वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा सैन्य संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अप्रैल 1858 में कुंवर सिंह ने आरा पर कब्जा करने के बाद अंग्रेजों के खिलाफ एक निर्णायक सैन्य रणनीति के तहत ब्रिटिश सेना को मात दी और गंगा नदी को पार करते समय उनकी बांह में गोली लगने पर उन्होंने अपनी ही तलवार से अपनी बांह काटकर गंगा में अर्पित कर दी थी।
- 2. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के बाद उनके छोटे भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों में ब्रिटिश सेना के खिलाफ गोरिल्ला युद्ध (छापेमारी युद्ध प्रणाली) को जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों से एक समानांतर सरकार का संचालन किया था।
- 3. अमर सिंह को अंततः दिसंबर 1858 में नेपाल के तराई क्षेत्र में ब्रिटिश सेना द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, जहाँ बाद में एक ब्रिटिश सैन्य अदालत द्वारा उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: अप्रैल 1858 में आरा के निकट अंग्रेजों को पराजित करने के उपरांत गंगा नदी पार करते समय अंग्रेजी सेना की गोली लगने से वीर कुंवर सिंह की बांह घायल हो गई थी, जिसे उन्होंने संक्रमण से बचने के लिए स्वयं अपनी तलवार से काटकर गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया था। कथन 2 सही है: 26 अप्रैल 1858 को वीर कुंवर सिंह के निधन के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों से ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध लंबे समय तक गोरिल्ला युद्ध जारी रखा। कथन 3 गलत है क्योंकि अमर सिंह को ब्रिटिश सेना द्वारा नेपाल में गिरफ्तार नहीं किया गया था, बल्कि उन्हें नेपाल से पकड़े जाने के बाद गोरखपुर लाया गया और कथित तौर पर सितंबर 1859 में जेल में उनकी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इस ऐतिहासिक संघर्ष के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और उनके भौगोलिक विस्तार तथा राजनैतिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा (आधुनिक भागलपुर और मुंगेर क्षेत्र)
2. वत्स - कौशाम्बी (आधुनिक इलाहाबाद के आसपास का क्षेत्र)
3. मत्स्य - विराट नगर (आधुनिक जयपुर और अलवर क्षेत्र)
4. अस्मक - पोटली या पौनार (गोदावरी नदी घाटी का क्षेत्र)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन एवं तत्पश्चात प्रारंभ हुए 'स्वदेशी आंदोलन' के वैचारिक, आर्थिक और राजनीतिक आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड कर्ज़न द्वारा बंगाल के विभाजन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार बताना था, किंतु इसका वास्तविक गुप्त राजनीतिक उद्देश्य बंगाल के राष्ट्रीय चेतना के केंद्र को विभाजित करना और हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक आधार पर बंगाल को कमज़ोर करना था।
2. विभाजन के निर्णय के विरोध में 16 अक्टूबर 1905 को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, बंगाली गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाया और एक-दूसरे की कलाई पर रक्षा बंधन बांधकर एकता का संदेश दिया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीयकरण पर बल दिया गया, जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके पहले प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष को नियुक्त किया गया।
4. कांग्रेस के वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन (अध्यक्षता: गोपाल कृष्ण गोखले) और 1906 के कलकत्ता अधिवेशन (अध्यक्षता: दादाभाई नौरोजी) में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के प्रसार को लेकर गरम दल और नरम दल के बीच कोई मतभेद नहीं था, और दोनों अधिवेशनों में पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव एकमत से पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, केंद्रीय मंत्रिपरिषद और अशोक के धम्म तथा अभिलेखों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य प्रशासन में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के शीर्ष अधिकारियों को 'तीर्थ' कहा जाता था, जिनकी संख्या कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार अठारह थी; इनमें 'समाहर्ता' संपूर्ण साम्राज्य का राजस्व संग्रह करने वाला मुख्य अधिकारी था, जबकि 'सन्निधातृ' राजकीय कोषागार और भंडारगृह का अध्यक्ष होता था।
2. अशोक के अधिकांश शिलालेख ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण हैं और वे बाएं से दाएं लिखे गए हैं, किंतु उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे शाहबाजगढ़ी और मानसेहरा) से प्राप्त अभिलेख खरोष्ठी लिपि में हैं, जो दाएं से बाएं लिखी जाती थी, और अफगानिस्तान से प्राप्त अभिलेख ग्रीक तथा अरमाइक लिपियों में हैं।
3. अशोक द्वारा प्रतिपादित 'धम्म' कोई नया धर्म या बौद्ध धर्म का राजनीतिक संस्करण नहीं था, बल्कि यह एक नैतिक आचार संहिता थी जिसका उद्देश्य सामाजिक सौहार्द, बुजुर्गों का सम्मान, दासों व सेवकों के साथ मानवीय व्यवहार और सभी संप्रदायों के प्रति सहिष्णुता स्थापित करना था, जिसका स्पष्ट उल्लेख उसके द्वितीय और सप्तम स्तंभ लेख में मिलता है।
4. मौर्य काल में न्याय व्यवस्था अत्यंत कठोर थी और कौटिल्य के अर्थशास्त्र में दीवानी न्यायालय को 'धर्मस्थीय' तथा फौजदारी न्यायालय को 'कंटकशोधन' कहा गया है, जहाँ पुलिस विभाग को 'रक्षिन' और जासूसों को 'गूढ़पुरुष' कहा जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) और इसके क्रांतिकारी कार्यक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन करके 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई थी, जिसमें समाजवाद को संगठन का आधिकारिक उद्देश्य बनाया गया।
2. HSRA के सदस्यों ने सांडर्स हत्याकांड (लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए) और 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा (Central Legislative Assembly) में बम फेंकने जैसी सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें भगत सिंह के साथ बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे।
3. वर्ष 1930 में लाहौर षड्यंत्र केस के निर्णय के पश्चात भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई, जबकि चंद्रशेखर आजाद को फरवरी 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में ब्रिटिश पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में उन्हें फांसी की सजा दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और सामाजिक-आर्थिक विशिष्टताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सैंधव सभ्यता की अधिकांश बस्तियाँ 'ग्रिड पद्धति' (Grid System) पर आधारित थीं, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और बस्तियों को मुख्य रूप से दो भागों — पश्चिमी दुर्ग (Citadel) और पूर्वी आवासीय नगर — में विभाजित किया गया था, हालाँकि धौलावीरा इसका अपवाद है जो त्रि-स्तरीय (तीन भागों) विभाजित था।
2. इस सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) इसकी सबसे अनूठी विशेषता थी, जिसमें प्रत्येक घर का गंदा पानी ढकी हुई नालियों के माध्यम से सड़कों की मुख्य नालियों तक पहुँचता था, तथा नालियों की सफाई के लिए जगह-जगह पर ईंटों से बने सोख्ता गड्ढे और मेनहोल बनाए गए थे।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) का प्रयोग संभवतः धार्मिक आयोजनों या अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसके तल को जल-रोधी बनाने के लिए ईंटों के ऊपर बिटुमिन (तारकोल) की एक परत का लेप लगाया गया था।
4. हड़प्पा सभ्यता के स्थलों से लोहे के कृषि उपकरण, हथियार और प्रचुर मात्रा में सोने-चांदी के सिक्के (आहत सिक्के) प्राप्त हुए हैं, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि सैंधव वासी एक उन्नत मौद्रिक अर्थव्यवस्था और धातु-प्रौद्योगिकी से परिचित थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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