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History of India
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गुप्तोत्तर काल और हर्षवर्द्धन के प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हर्ष के शासनकाल में कन्नौज (जिसे कान्यकुब्ज कहा जाता था) उसकी राजधानी बना, और इस काल में प्रशासनिक अधिकारियों को नगद वेतन के स्थान पर 'भूमि अनुदान' देने की प्रथा लगभग समाप्त कर दी गई थी।
  2. 2. हर्ष के प्रशासन में भू-राजस्व की दर सामान्यतः उपज का छठा भाग (1/6) थी, और कानून व्यवस्था इतनी कठोर थी कि राजद्रोह या अपराध करने पर मृत्युदंड का प्रावधान था।
  3. 3. चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang), जो हर्ष के शासनकाल में भारत आया था, ने अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यू-की' (Si-Yu-Ki) में भारतीय समाज, बौद्ध धर्म की स्थिति और शूद्रों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का विस्तृत वर्णन किया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है, क्योंकि गुप्तोत्तर काल और हर्षवर्द्धन के समय में सामंतवाद (Feudalism) का तेजी से विकास हुआ, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासनिक अधिकारियों और सैनिकों को नगद वेतन देने के बजाय भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा और अधिक प्रबल हो गई थी। कथन 2 सत्य है, क्योंकि हर्ष के प्रशासन में भू-राजस्व साधारणतया उपज का छठा भाग लिया जाता था और दंड विधान अपेक्षाकृत कठोर थे। कथन 3 सत्य है, ह्वेनसांग हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था और उसके संस्मरण 'सी-यू-की' में उस काल की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अमूल्य विवरण मिलता है। इस कालखंड के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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