त्वरित लिंक्स
History of India
13 views
भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 3 जून 1947 को प्रस्तुत 'माउंटबेटन योजना' (Mountbatten Plan) के तहत यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों द्वारा अलग-अलग बुलाई जाएंगी, ताकि वे प्रांत के विभाजन के पक्ष या विपक्ष में निर्णय ले सकें।
- 2. ब्रिटिश संसद में भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (Indian Independence Act 1947) को बिना किसी संशोधन के पारित किया गया, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominions) के सृजन की घोषणा की गई तथा ब्रिटिश सम्राट के उपाधियों से 'भारत के सम्राट' (Emperor of India) शब्द को हटा दिया गया।
- 3. माउंटबेटन योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय जनमत संग्रह (Referendum) के माध्यम से लिया गया था, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान के नेतृत्व में 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान में शामिल होने के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 3 जून 1947 को वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा प्रस्तुत योजना के अनुसार बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं को दो भागों (मुस्लिम बहुसंख्यक और गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक) में बैठक करने का अधिकार दिया गया ताकि वे विभाजन का निर्णय ले सकें। कथन 2 सही है: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 को ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित किया गया, जिसके तहत 15 अगस्त 1947 को दो स्वतंत्र डोमिनियन बने और ब्रिटिश सम्राट की पदवी से 'सम्राट-ए-हिंद' (Emperor of India) हटा दिया गया। कथन 3 गलत है: उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में जनमत संग्रह हुआ था, लेकिन खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके संगठन 'खुदाई खिदमतगार' ने इस जनमत संग्रह का बहिष्कार किया था और पाकिस्तान में शामिल होने के निर्णय का विरोध किया था। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
मुगल साम्राज्य के प्रशासनिक विकास, धार्मिक नीतियों और सैन्य प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जहाँगीर के शासनकाल में मनसबदारी व्यवस्था के अंतर्गत 'दुस्पासिह-सिंहस्पा' प्रणाली की शुरुआत की गई, जिसके तहत मनसबदारों को अपने नियत सवार पद से दोगुने घोड़े रखने की अनुमति दी जाती थी और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भत्ता नहीं मिलता था।
2. शाहजहां के शासनकाल में भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'दहशाल' पद्धति को और अधिक कठोरता से लागू किया गया, तथा फसल के नुकसान के आकलन के लिए पारंपरिक 'नस्क' या 'बटाई' पद्धति को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
3. औरंगजेब के शासनकाल में संगीत पर आधिकारिक प्रतिबंध लगा दिया गया था, किंतु उसके काल में शाही दरबार में फारसी भाषा में ऐतिहासिक ग्रंथ लिखे जाने की परंपरा को उसने पूर्व की भांति राजकीय संरक्षण प्रदान करना जारी रखा।
4. मुगल सम्राटों में अकबर ने सर्वप्रथम राजपूतों के साथ वैवाहिक संबंध स्थापित करने की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने आमेर के राजा भारमल की पुत्री से विवाह किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के अधिकारियों और विद्रोह के दमन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली — जॉन निकलसन
2. लखनऊ — कॉलिन कैंपबेल
3. कानपुर — सर ह्यूरोज़
4. झांसी और ग्वालियर — नील एवं हैवलाक
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
लड़ाकू पेशवा (Fighting Peshwa) के रूप में किसे जाना जाता है जो कभी कोई युद्ध नहीं हारा?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभाला और स्वयं को पेशवा घोषित करते हुए अंग्रेजों से ब्रिटिश पेंशन बहाल करने की माँग की, जिसे अस्वीकार किए जाने पर उन्होंने ब्रिटिश छावनी पर अधिकार कर लिया।
2. तात्या टोपे, जो नाना साहब के अत्यंत योग्य और विश्वासपात्र सैन्य कमांडर थे, ने कानपुर के पतन के बाद ग्वालियर में भी विद्रोही सेना का प्रभावी नेतृत्व किया और अंग्रेजों के विरुद्ध अत्यंत कुशल छापामार युद्ध (Guerrilla Warfare) का संचालन किया।
3. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और निष्ठावान सहयोगी थे, ने विद्रोह से पूर्व लंदन जाकर ब्रिटिश संसद के समक्ष नाना साहब की पेंशन से संबंधित मामलों की पैरवी की थी और बाद में विद्रोह के दौरान कूटनीतिक एवं प्रचार प्रसार की गतिविधियों में प्रमुख भूमिका निभाई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
लोदी काल में निर्मित मकबरों को बागों के बीच बनाने की शैली ने आगे किसे प्रभावित किया?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.