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History of India
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अंगुट्ठ निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें मगध, वत्स, अवंती और कोसल प्रमुख शक्तिशाली राजतंत्र थे, जबकि वज्जी और मल्ला संघ प्रणाली (गसंघ) पर आधारित थे।
- 2. मगध साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुरक्षित थी, और बाद में रणनीतिक व व्यावसायिक दृष्टिकोण से अधिक महत्वपूर्ण होने के कारण पाटलिपुत्र को इसकी राजधानी बनाया गया।
- 3. बिम्बिसार (श्रेणिक) ने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए आक्रामक सैन्य विजयों के साथ-साथ वैवाहिक संधियों की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने कौशल, मद्र और लिच्छवि राजवंशों की राजकुमारियों से विवाह कर अपनी स्थिति मजबूत की थी।
- 4. मगध के उत्कर्ष में उसके प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों का भी विशेष योगदान था, जिसमें इस क्षेत्र में भारी मात्रा में उपलब्ध तांबे के खदानों ने मगध की सेना को उन्नत अस्त्र-शस्त्र से लैस करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में सोलह महाजनपदों का उल्लेख मिलता है। मगध की प्रारंभिक राजधानी राजगृह थी जिसे बाद में पाटलिपुत्र स्थानांतरित किया गया। बिम्बिसार ने अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कोसल, वैशाली (लिच्छवि) और मद्र कुल की राजकुमारियों से वैवाहिक संबंध स्थापित किए थे। कथन 4 गलत है क्योंकि मगध के उत्कर्ष में तांबे के बजाय क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध **लोहे (Iron)** की खानों का योगदान था, जिससे मजबूत हथियार और कृषि उपकरण बनाए गए। विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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फिरोज शाह तुगलक द्वारा स्थापित "दार-उल-शफा" क्या था?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा सुभाष चंद्र बोस एवं आजाद हिंद फौज से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बंबई में कांग्रेस की भूमिगत गतिविधियों का संचालन करने वालों में उषा मेहता प्रमुख थीं, जिन्होंने गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' (Congress Radio) का प्रसारण कर ब्रिटिश दमन की खबरों को देश-विदेश तक पहुँचाया था।
2. सुभाष चंद्र बोस ने 1941 में ब्रिटिश नजरबंदी से मुक्ति पाकर 'ग्रेट एस्केप' के तहत पेशावर और काबुल के रास्ते जर्मनी की यात्रा की, जहाँ उन्होंने बर्लिन में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और 'फ्री इंडिया लीजन' का गठन किया।
3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आजाद हिंद फौज' की कमान अक्टूबर 1943 में सुभाष चंद्र बोस को सौंपी गई, जिसके तुरंत बाद उन्होंने सिंगापुर में 'अस्थायी आजाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की घोषणा की।
4. आजाद हिंद फौज के सैनिकों ने जापान के सहयोग से मार्च 1944 में असम के सिलचर और गुवाहाटी शहरों पर अधिकार कर लिया था, जहाँ उन्होंने स्वतंत्र भारत की पहली स्थानीय सरकार का गठन किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां के नेतृत्व तथा उनकी रणनीतिक गतिविधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने विद्रोह का नेतृत्व करते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा अजीमुल्ला खां को अपना मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किया था।
2. तात्या टोपे ने कानपुर की सेना के वास्तविक सैन्य कमांडर के रूप में अंग्रेजी सेना के खिलाफ उत्कृष्ट सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया और बाद में जनरल विंडहैन की ब्रिटिश सेना को कानपुर से खदेड़ने में सफलता प्राप्त की थी।
3. नाना साहब और उनके सहयोगियों द्वारा ब्रिटिश आत्मसमर्पण के उपरांत कानपुर में 'बीबीघर हत्याकांड' (Bibighar Massacre) की घटना घटी, जिसके पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने अत्यंत क्रूरतापूर्वक कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया था।
4. ब्रिटिश दमन चक्र के तीव्र होने पर नाना साहब नेपाल की तराई की ओर निकल गए, जबकि तात्या टोपे ने ग्वालियर और मध्य भारत की ओर प्रस्थान कर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सफल गोरिल्ला युद्ध जारी रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल आर्मी में पुरानी 'ब्राउन बेस' बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूस के आवरण में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बीयुक्त कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध बगावत करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों (लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन) पर आक्रमण कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
3. चर्बी वाले कारतूस की घटना से उत्पन्न असंतोष केवल बैरकपुर तक सीमित था, और भारत के अन्य सैन्य छावनियों के सिपाही इस मुद्दे से पूरी तरह अनजान थे तथा उन्होंने बिना किसी विरोध के नई राइफल का उपयोग किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, सत्यशोधक समाज और प्रार्थना समाज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ज्योतिराव फुले द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' (1873) का मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों को बौद्धिक रूप से जाग्रत करना तथा ब्राह्मणवादी वर्चस्व एवं धार्मिक कर्मकांडों के पाखंड से उन्हें मुक्त कराना था।
2. आत्माराम पांडुरंग द्वारा वर्ष 1867 में स्थापित 'प्रार्थना समाज' ने महाराष्ट्र में धार्मिक सुधारों के साथ-साथ विधवा पुनर्विवाह, अंतर्जातीय विवाह, स्त्री शिक्षा और दलितोद्धार जैसे सामाजिक सुधारों पर विशेष बल दिया, किंतु इसकी विचारधारा आक्रामक रूप से रूढ़िवादी हिंदू धर्म के पूर्ण त्याग पर आधारित थी।
3. सत्यशोधक समाज ने अपनी वैचारिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए 'गुलामगिरी' जैसी कृतियों की रचना की, जिसमें अमेरिकी दास प्रथा के संदर्भ का उपयोग करते हुए भारतीय समाज में प्रचलित जातिगत उत्पीड़न की कड़ी आलोचना की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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