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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की अर्थव्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और समकालीन सभ्यताओं के साथ इसके संपर्कों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों का मेसोपोटामिया की सभ्यता के साथ घनिष्ठ व्यापारिक संबंध था, जिसकी पुष्टि सुमेरियन अभिलेखों में प्रयुक्त 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द से होती है, जिसे सामान्यतः सिंधु क्षेत्र के लिए ही संदर्भित किया जाता था।
  2. 2. लोथल और सुरकोतदा जैसे तटीय स्थलों के अतिरिक्त फारस की खाड़ी (Persian Gulf) की मुहरें (Gulf seals) लोथल से प्राप्त होना यह प्रमाणित करता है कि हड़प्पावासी समुद्री व्यापार में सक्रिय रूप से संलग्न थे और ओमान व बहरीन के साथ उनका सीधा संपर्क था।
  3. 3. यद्यपि हड़प्पा सभ्यता के लोग तांबा और कांसा बनाने की उन्नत तकनीकी जानते थे, तथापि इस काल में सोने और चाँदी जैसी बहुमूल्य धातुओं का कोई भी पुरातात्विक साक्ष्य सिंधु बस्तियों से प्राप्त नहीं हुआ है, जो यह दर्शाता है कि वे इन धातुओं से पूर्णतः अपरिचित थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: मेसोपोटामिया के सुमेरियन अभिलेखों में 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द का प्रयोग सिंधु क्षेत्र के लिए किया गया है, और वहाँ से हड़प्पाकालीन मुहरें व बाट भी मिले हैं। कथन 2 सही है: लोथल एक प्रमुख बंदरगाह था और वहाँ से फारस की खाड़ी की मुहरों की प्राप्ति से यह सिद्ध होता है कि हड़प्पावासियों का विदेशी व्यापार सुदूर पश्चिम के देशों तक फैला हुआ था। कथन 3 गलत है: सिंधु घाटी सभ्यता के लोग सोने, चाँदी, तांबे और कांसे जैसी सभी प्रमुख धातुओं से भली-भांति परिचित थे। मोहनजोदड़ो, हड़प्पा और अन्य स्थलों से सोने के आभूषण तथा चाँदी के बर्तन प्रचुर मात्रा में मिले हैं। अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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