त्वरित लिंक्स
History of India
1 views
उत्तर वैदिक काल के राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस काल में ऋग्वैदिक काल के कबीले बड़े राज्यों या जनपदों में परिवर्तित होने लगे और राजा की शक्ति में वृद्धि के साथ-साथ 'सभा' और 'समिति' जैसी संस्थाओं का प्रभाव कम होने लगा।
- 2. उत्तर वैदिक ग्रंथों (जैसे शतपथ ब्राह्मण) में कृषि को सर्वोच्च व्यवसाय माना गया, तथा इस काल में लोहे के व्यापक उपयोग ('कृष्ण अयस') ने गहरे वनों को साफ करने और बस्तियों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- 3. समाज स्पष्ट रूप से चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) में विभाजित हो चुका था, जिसमें जन्म आधारित वर्ण व्यवस्था और गोत्र प्रथा पूरी तरह से स्थापित हो चुकी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर वैदिक काल में ऋग्वैदिक कबीलाई समाज अधिक स्थायित्व और क्षेत्रीय विस्तार की ओर बढ़ा। इस काल में 'राष्ट्र' और 'जनपद' जैसी अवधारणाओं का उदय हुआ, राजा की शक्ति बढ़ी और विधाता का अस्तित्व समाप्त हो गया जबकि सभा व समिति की राजनीतिक प्रासंगिकता घटने लगी। शतपथ ब्राह्मण जैसे ग्रंथों में कृषि विस्तार का विवरण मिलता है और लोहे (कृष्ण अयस) के प्रयोग से गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में जंगलों की कटाई तथा कृषि कार्यों में क्रांतिकारी परिवर्तन आया। इसके अतिरिक्त, वर्ण व्यवस्था अब कर्म के स्थान पर जन्म पर आधारित होने लगी और गोत्र व्यवस्था एक सामाजिक नियम के रूप में स्थापित हो गई। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
→
आईन-ए-अकबरी के लेखक कौन हैं?
→
वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को कुचले गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह को दबाने के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किया और कश्मीरी गेट पर संघर्ष करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
2. सर कॉलिन कैंपबेल — लखनऊ और कानपुर क्षेत्र में विद्रोहियों का दमन किया तथा अवध की घेराबंदी समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभाई।
3. सर ह्यूरोज — झाँसी, ग्वालियर और सेंट्रल इंडिया के क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे की सेना के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया।
4. कर्नल जेम्स नील — रोहिलखंड क्षेत्र में खान बहादुर खान के विद्रोह को कुचला तथा बरेली में शांति स्थापित की।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
→
सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता की लिपि मुख्य रूप से चित्रात्मक (Pictographic) थी, जो दाईं से बाईं ओर (Boustrophedon शैली) लिखी जाती थी, और इस लिपि को अब तक पूरी तरह से पढ़ा (Decipher) जा चुका है।
2. लोथल में खोजा गया 'गोदीवाडा' (Dockyard) एक कृत्रिम ईंटों से बना विशाल ढांचा था, जो समुद्री व्यापार और जलपोतों के आवागमन के लिए उपयोग किया जाता था।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'नर्तकी की कांस्य मूर्ति' (Dancing Girl) 'लुप्त मोम तकनीक' (Lost-wax casting process) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना द्वारा सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में 'पैसिफिक कोस्ट एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिससे आगे चलकर 'गदर पार्टी' का उद्भव हुआ और इस पार्टी ने 'हिंदुस्तान गदर' नामक साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन विभिन्न भाषाओं में किया।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसमें समाजवाद को आधिकारिक रूप से अपने लक्ष्य के रूप में शामिल किया गया था और भगवती चरण बोहरा द्वारा 'बम का दर्शन' (Philosophy of the Bomb) नामक प्रसिद्ध दस्तावेज तैयार किया गया था।
3. सेंट्रल एसेंबली बम कांड (1929) के दौरान भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा बुलंद करते हुए जानबूझकर गिरफ्तारी दी, ताकि वे अदालत के मंच का उपयोग अपनी क्रांतिकारी विचारधारा और स्वतंत्रता के संदेश को जनता तक पहुँचाने के लिए कर सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
मराठा साम्राज्य के प्रशासन, सैन्य व्यवस्था और शिवाजी के कालखंड के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद 'अष्टप्रधान' में प्रत्येक मंत्री अपने विभाग का स्वतंत्र नीति-निर्माता होता था और उसके पास राजा के हस्तक्षेप के बिना निर्णय लेने की पूर्ण विधायी व प्रशासनिक शक्तियाँ थीं।
2. शिवाजी की घुड़सवार सेना में 'सिलहदार' वे सैनिक होते थे जिन्हें राज्य की केंद्रीय राजकोष से घोड़े और अस्त्र-शस्त्र सुलभ कराए जाते थे, जबकि 'बरगीर' अपने स्वयं के घोड़े और हथियार लेकर युद्ध में सम्मिलित होते थे।
3. 'चौथ' कर पड़ोसी मुगल या गैर-मराठा क्षेत्रों से उनकी सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बदले वसूला जाने वाला कुल राजस्व का 25 प्रतिशत था, जबकि 'सरदेशमुखी' शिवाजी द्वारा अपने आपको संपूर्ण महाराष्ट्र का वंशानुगत प्रधान मुखिया (सरदेशमुख) होने के दावे के आधार पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत वसूला जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.