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History of India
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान उत्तर भारत के महत्वपूर्ण केंद्रों — फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद — में हुए विद्रोह और ब्रिटिश सेना द्वारा उनके दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. फैजाबाद में विद्रोह की कमान मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने संभाली थी, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, और उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध का प्रभावी नेतृत्व किया था, जिनका दमन अंततः ब्रिटिश सेना द्वारा कर्नल नील की मदद से किया गया।
  2. 2. रोहिलाखंड के मुख्यालय बरेली में खान बहादुर खान ने 1857 के विद्रोह के दौरान अपनी सरकार स्थापित की थी, किंतु ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने वर्ष 1858 के शुरुआती महीनों में भारी सैन्य बल के साथ इस विद्रोह का पूर्ण दमन कर दिया।
  3. 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में लियाकत अली ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, और इस क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता को पुनः स्थापित करने का श्रेय क्रूर सैन्य दमन करने वाले जनरल नील को जाता है, जिन्होंने आम जनता और विद्रोहियों पर भारी अत्याचार किए थे।
  4. 4. बरेली के नेता खान बहादुर खान और फैजाबाद के मौलवी अहमदुल्लाह शाह दोनों को ही ब्रिटिश सेना के विरुद्ध युद्ध के दौरान रणक्षेत्र में ही वीरतापूर्वक लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुई थी और वे कभी जीवित अंग्रेजों के हाथ नहीं लगे थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह, बरेली में खान बहादुर खान और इलाहाबाद में मौलवी लियाकत अली ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध किया था। फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह को 'डंका शाह' कहा जाता था और अंततः पुवायाँ के राजा के विश्वासघात के कारण उन्हें मारा गया था, न कि वे युद्ध में सीधे वीरगति को प्राप्त हुए थे। बरेली में खान बहादुर खान को अंग्रेजों ने बाद में गिरफ्तार कर लिया था और सार्वजनिक रूप से मृत्युदंड दिया था, इसलिए कथन 4 गलत है। इस ऐतिहासिक संघर्ष के विस्तृत विवरण के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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