BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
21 views

मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना, आर्थिक व्यवस्था और अशोक के धम्म तथा शिलालेखों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य कालीन केंद्रीय प्रशासन में 'आकर अध्यक्ष' खानों (mines) का अधीक्षक था, जबकि 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य और बाजार का नियंत्रण करने वाला प्रमुख अधिकारी था।
  2. 2. अशोक के 'पृथक कलिंग शिलालेख' (धौली और जौगढ़) में यह घोषणा की गई है कि 'सभी प्रजा मेरी संतान के समान है', और जिस प्रकार मैं अपनी संतान के इस लोक और परलोक के कल्याण की कामना करता हूँ, उसी प्रकार सभी मनुष्यों के कल्याण की कामना करता हूँ।
  3. 3. मौर्य प्रशासन में प्रांतीय शासन के तहत 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' उन प्रांतपतियों (Governors) को कहा जाता था जो शाही परिवार से संबंधित होते थे, जबकि निम्न प्रांतों का प्रशासन सामान्य महामात्रों द्वारा चलाया जाता था।
  4. 4. जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य के गवर्नर पुष्यगुप्त वैश्य ने सौराष्ट्र क्षेत्र में सुदर्शन झील का निर्माण करवाया था, जिसका बाद में अशोक के महामात्र तुषास्प द्वारा जीर्णोद्धार कराया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन मौर्य साम्राज्य के प्रशासन, आर्थिक प्रणाली और अशोक के अभिलेखों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' में राज्य के विभिन्न विभागों और उनके अध्यक्षों (अध्यक्ष) का विस्तृत विवरण मिलता है, जिसमें आकर अध्यक्ष (खानों का अधीक्षक) और पण्यध्यक्ष (वाणिज्य का अधीक्षक) प्रमुख थे। अशोक के 'पृथक कलिंग शिलालेख' (धौली और जौगढ़) में उसने अपनी प्रजा के प्रति पिता तुल्य भाव व्यक्त करते हुए कहा है कि 'सभी प्रजा मेरी संतान के समान है'। मौर्य प्रांतीय प्रशासन में शाही राजकुमारों को 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' कहा जाता था। इसके अतिरिक्त, जूनागढ़ अभिलेख से हमें चंद्रगुप्त मौर्य के समय सुदर्शन झील के निर्माण और बाद में अशोक के काल में तुषास्प द्वारा इसके जीर्णोद्धार का ऐतिहासिक प्रमाण मिलता है। विकिपीडिया संदर्भ
Share:

Related Questions

→ वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सेना में पुरानी ब्राउन बैस (Brown Bess) बंदूकों के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किए जाने का निर्णय लिया गया था, जिसके कारतूसों में सुअर और गाय की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया। 2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बीयुक्त कारतूसों के प्रयोग के विरोध में अपने वरिष्ठ अधिकारियों (सर्जेंट ह्यूसन और लेफ्टिनेंट बो) पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई। 3. चर्बी वाले कारतूस की घटना से उत्पन्न असंतोष सर्वप्रथम बैरकपुर में ही नहीं, बल्कि उससे कुछ सप्ताह पूर्व जनवरी 1857 में दमदम (Dum Dum) छावनी के सैनिकों द्वारा भी खुलकर व्यक्त किया जा चुका था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. चंपारण में यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तीनकथा पद्धति' थोपी गई थी, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी होती थी, और राजकुमार शुक्ल के विशेष आग्रह पर महात्मा गांधी ने चंपारण की यात्रा की थी। 2. खेड़ा सत्याग्रह के दौरान, जब गुजरात के खेड़ा जिले में फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी, तब बॉम्बे सरकार ने भू-राजस्व में शत-प्रतिशत राहत (पूर्ण माफी) प्रदान करने की किसानों की मांग को तत्काल स्वीकार कर लिया था क्योंकि वहाँ प्लेग की महामारी भी फैली हुई थी। 3. वर्ष 1918 के अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन में गांधीजी ने पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) का प्रयोग किया था, जो मिल मालिकों और श्रमिकों के बीच 'प्लेग बोनस' को समाप्त करने के विरोध में था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → खिलजी काल में "खुत" और "मुकद्दम" से कौन से विशेषाधिकार छीन लिए गए थे? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में प्रसिद्ध इतिहासकारों और विचारकों द्वारा दिए गए निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सर जॉन सीले (Sir John Seeley) — "यह पूरी तरह से एक देशभक्तिहीन और स्वार्थी सिपाही विद्रोह था, जिसमें किसी भी प्रकार की स्थानीय या राष्ट्रीय सहानुभूति का पूर्ण अभाव था।" 2. टी.आर. होम्स (T.R. Holmes) — "यह विद्रोह बर्बरता और सभ्यता (Barbarism and Civilization) के बीच का एक भीषण संघर्ष था।" 3. अशोक मेहता (Ashoka Mehta) — अपनी प्रसिद्ध पुस्तक '1857: Great Rebellion' में इस विद्रोह को केवल एक सैनिक विद्रोह न मानकर इसे राष्ट्रीय विद्रोह (National Revolt) का प्रारंभिक स्वरूप बताया था। 4. बेंजमिन डिजराएली (Benjamin Disraeli) — ब्रिटिश संसद में दिए गए अपने भाषण में इस घटना को एक 'राष्ट्रीय विद्रोह' (National Uprising) करार दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? → मौर्य साम्राज्य के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासनकाल तथा उनकी प्रशासनिक एवं धार्मिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैन परंपरा के अनुसार, अपने शासन के अंतिम वर्षों में चंद्रगुप्त मौर्य ने भीषण अकाल के समय भद्रबाहु के प्रभाव में आकर जैन धर्म दीक्षा ली और श्रवणबेलगोला में संलेखना (संथारा) पद्धति द्वारा अपने प्राण त्याग दिए थे। 2. अशोक के 'भाब्रू (बैराट) लघु शिलालेख' से यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि उनका व्यक्तिगत झुकाव बौद्ध धर्म की त्रिरत्न (बुद्ध, धम्म और संघ) में अटूट आस्था और निष्ठा के प्रति था। 3. अशोक के धम्म महामात्रों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देना था, और धम्म नीति के अंतर्गत उन्होंने पशु-बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ केवल शाकाहारी भोजन को अनिवार्य कर दिया था। 4. यूनानी इतिहासकार प्लूटार्क और जस्टिन के विवरणों के अनुसार, चंद्रगुप्त मौर्य ने अपनी विशाल सेना (जिसमें छह लाख सैनिक शामिल थे) के बल पर संपूर्ण भारत को रौंद डाला और यूनानी क्षत्रप सेलुकस निकेटर को पराजित कर एरिया, अराकोसिया, जेड्रोसिया और पैरोपैनिसाडाई के प्रदेश प्राप्त किए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.