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History of India
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास, सैन्य सुधारों और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों की नगद वेतन प्रणाली की शुरुआत की और घोड़ों को दागने तथा सैनिकों का हुलिया दर्ज करने की प्रथा लागू की, ताकि सैन्य भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
- 2. मुहम्मद बिन तुगलक ने कृषि सुधारों के अंतर्गत 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की, जिसके तहत किसानों को तकावी (सोंधार) ऋण प्रदान किए गए और दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के साथ सांकेतिक मुद्रा का सफल प्रयोग किया गया।
- 3. फिरोजशाह तुगलक ने शरियत के विरुद्ध वसूले जाने वाले अनेक करों को समाप्त कर दिया और केवल चार प्रकार के करों (खराज, जकात, जजिया और खम्स) को वैध रखा, तथा साथ ही उसने सिंचाई के लिए 'हर्ब-ए-शर्ब' (नहर कर) नामक सिंचाई कर भी लगाया जो कुल उपज का 1/10 भाग था।
- 4. सिकंदर लोदी ने व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का पैमाना शुरू किया, जो 39 अंगुल या 30 इंच का होता था, और वर्ष 1504 में यमुना नदी के तट पर 'आगरा' शहर की स्थापना कर उसे अपनी नई राजधानी बनाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल स्थायी सेना के लिए नगद वेतन देना शुरू किया और घोड़ों को दागने (दाग) तथा सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा शुरू की। कथन 2 गलत है क्योंकि मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि और सांकेतिक मुद्रा (Token Currency) का प्रयोग प्रशासनिक और आर्थिक कुप्रबंधन के कारण पूरी तरह असफल सिद्ध हुआ था, हालांकि 'दीवान-ए-कोही' विभाग की स्थापना सही है। कथन 3 सही है, फिरोजशाह तुगलक ने शरियत आधारित चार कर रखे और सिंचाई के लिए 'हर्ब-ए-शर्ब' (حق الشرب) नामक कर लागू किया। कथन 4 सही है, सिकंदर लोदी ने 1504 में आगरा की स्थापना की और 'गज-ए-सिकंदरी' पैमाना चलाया। दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक इतिहास के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना के प्रारंभिक वर्षों और नरम दल-गरम दल के वैचारिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के प्रारंभिक चरण (1885-1905) के नेता मुख्य रूप से 'ब्रिटिश न्यायप्रियता' में विश्वास रखते थे और उन्होंने संवैधानिक दायरे में रहकर 'प्रार्थना, याचिका और प्रतिनिधिमंडल' (Prayer, Petition and Protest) की पद्धति को अपनाया था, जिसे आलोचकों ने 'राजनीतिक भिक्षावृत्ति' की संज्ञा दी थी।
2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के निर्णय के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी असंतोष के दौरान गरम दल के नेताओं (बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, विपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष) ने इस आंदोलन को केवल स्वदेशी तक सीमित न रखकर इसे 'स्वराज्य' और ब्रिटिश वस्तुओं के पूर्ण बहिष्कार के रूप में अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने की वकालत की।
3. वर्ष 1907 के ऐतिहासिक सूरत अधिवेशन में नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच वैचारिक मतभेद इस बात को लेकर उत्पन्न हुए कि गरम दल के नेता देश के अन्य हिस्सों में स्वदेशी आंदोलन का विस्तार करने के पक्ष में नहीं थे, जबकि नरमपंथी इसका विस्तार पूरे देश में करना चाहते थे।
4. कलकत्ता में वर्ष 1906 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में पहली बार 'स्वराज्य' शब्द का आधिकारिक रूप से प्रस्ताव पारित किया गया, जिसने आगे चलकर दोनों दलों के बीच दरार को और चौड़ा कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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इब्राहिम लोदी के समय पंजाब का शासक दौलत खाँ लोदी किस अफगान कबीले से संबंधित था?
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सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर की हत्या किस मुगल सम्राट के आदेश पर की गई थी?
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के प्रावधानों के तहत पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठक का यह प्रावधान किया गया था कि दोनों प्रांतों के हिन्दू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्य अलग-अलग बैठक करके यह निर्णय लेंगे कि प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Plebiscite) का प्रावधान किया गया था।
3. योजना के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान के बीच शक्तियों के हस्तांतरण तथा सीमाओं के निर्धारण के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (पंजाब और बंगाल के लिए) का गठन किया गया था, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से पहले ही अपनी सीमा रिपोर्ट सौंप दी थी।
4. ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 में यह स्पष्ट किया गया था कि 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित कर दिया जाएगा और ब्रिटिश राजमुकुट का भारतीय रियासतों पर सर्वोच्च अधिकार समाप्त हो जाएगा, जिससे रियासतों को यह छूट मिल गई कि वे भारत या पाकिस्तान में शामिल हों अथवा स्वतंत्र रहें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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अकबर ने 1582 ई. में किस नए धर्म या आचार संहिता की घोषणा की थी?
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