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History of India
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क्रांतिकारी आंदोलन के द्वितीय चरण (1920 के दशक के उत्तरार्ध) के प्रमुख संगठनों और उनके वैचारिक तथा संगठनात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों से आए क्रांतिकारियों ने बैठक की और 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया, जिसमें समाजवाद को संगठन का आधिकारिक लक्ष्य बनाया गया।
- 2. वर्ष 1925 के काकोरी षड्यंत्र कांड के उपरांत जब अंग्रेजों द्वारा एच.आर.ए. के अधिकांश शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, तब संगठन के पुनर्गठन में भगवती चरण बोहरा की वैचारिक भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी, जिन्होंने 'बम का दर्शन' (Philosophy of the Bomb) नामक प्रसिद्ध दस्तावेज तैयार किया था।
- 3. सांडर्स हत्याकांड (दिसंबर 1928) के पश्चात लाहौर में क्रांतिकारियों द्वारा पर्चे बांटे गए जिन पर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी' का नाम दर्ज था, और इस घटना को लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए अंजाम दिया गया था।
- 4. वर्ष 1929 की केंद्रीय विधानसभा बम कांड की घटना के तुरंत बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने मौके से भागने का असफल प्रयास किया, जिसके दौरान पुलिस मुठभेड़ में बटुकेश्वर दत्त मारे गए और भगत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 सही हैं क्योंकि सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में एच.आर.ए. का नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) रखा गया और इसमें समाजवादी विचारधारा को अपनाया गया। भगवती चरण बोहरा ने 'बम का दर्शन' लिखकर क्रांतिकारी हिंसा के औचित्य को स्पष्ट किया था। दिसंबर 1928 में लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए सांडर्स की हत्या की गई थी। कथन 4 गलत है क्योंकि केंद्रीय विधानसभा (1929) में बम फेंकने के बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने खुद अपनी इच्छा से गिरफ्तारी दी थी, वे भागे नहीं थे और न ही मुठभेड़ में बटुकेश्वर दत्त की मृत्यु हुई थी (बटुकेश्वर दत्त का निधन बाद में 1965 में हुआ था)। इस विषय की अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और उसके विरोध में उपजे 'स्वदेशी आंदोलन' के दौरान घटित निम्नलिखित प्रमुख घटनाओं तथा उनके प्रभावों के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था।
2. जिस दिन (16 अक्टूबर 1905) बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोकादिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव प्रभात फेरियां निकालीं और रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे के हाथों में राखी बांधकर सांप्रदायिक सद्भाव व अखंडता का प्रदर्शन किया तथा 'आमार सोनार बांग्ला' गीत गाया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (Constructive Programme) पर भी जोर दिया गया, जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके प्रथम प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष को नियुक्त किया गया था।
4. बंगाल विभाजन के विरोध में ब्रिटिश वस्तुओं और शिक्षा संस्थानों के बहिष्कार का यह आंदोलन केवल बंगाल तक ही सीमित रहा, क्योंकि देश के अन्य प्रांतों के नेताओं (जैसे पंजाब में लाला लाजपत राय और मद्रास में चिदंबरम पिलई) ने इसे राष्ट्रीय महत्व का आंदोलन मानने से इंकार कर दिया था।
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जहाँगीर ने 1611 ई. में मेहरुन्निसा से विवाह किया, जिसे उसने क्या उपाधि दी थी?
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सत्रहवीं शताब्दी के मध्य में यूरोपीय शक्तियों (विशेषकर पुर्तगालियों, डच और ब्रिटिश) के मध्य भारत में व्यापारिक संघर्ष और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1612 में 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगाली बेड़े को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगल सम्राट जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्रदान की।
2. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने भारत में अपनी पहली व्यापारिक कोठी वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में स्थापित की थी, और उन्होंने मसालों के व्यापार पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए पुर्तगालियों को परास्त कर कोचीन और मलय प्रायद्वीप के कई क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया था।
3. वर्ष 1661 में पुर्तगाल की राजकुमारी कैथराइन ऑफ ब्रैगांजा का विवाह ब्रिटेन के राजा चार्ल्स द्वितीय के साथ हुआ, जिसके दहेज के रूप में अंग्रेजों को 'बॉम्बे' (मुंबई) द्वीप उपहार स्वरूप प्राप्त हुआ, जिसे बाद में चार्ल्स द्वितीय ने मात्र 10 पाउंड वार्षिक किराए पर ईस्ट India कंपनी को सौंप दिया था।
4. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना वर्ष 1664 में जीन-बैप्टिस्ट कोल्बर्ट के प्रयासों से लुई चौदहवें के शासनकाल में हुई थी, और उन्होंने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1668 में फ्रेंको कैरो के नेतृत्व में मसूलीपट्टनम में स्थापित की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल काल में "पित्रा ड्यूरा":
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भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन की प्रक्रिया के दौरान वर्ष 1947 में प्रस्तुत माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) तथा उससे संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं में यह प्रावधान किया गया था कि हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के विधायक अलग बैठकर यह निर्णय लें कि क्या प्रांत का विभाजन किया जाना चाहिए, जिसके परिणामस्वरूप दोनों प्रांतों का विभाजन हुआ।
2. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने के निर्णय के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराए जाने का स्पष्ट प्रावधान इस योजना में किया गया था।
3. भारत और पाकिस्तान के बीच परिसंपत्तियों, दायित्वों तथा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निर्धारण के लिए वायसराय माउंटबेटन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) का गठन किया गया था, जिसने 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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