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History of India
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और अन्य प्रवासियों द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को सशस्त्र क्रांति के माध्यम से उखाड़ फेंकना था।
  2. 2. इस दल द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक पत्र 'गदर' का शीर्षक 'अंग्रेजी राज का दुश्मन' था, जो प्रारंभिक रूप से गुरुमुखी और उर्दू में प्रकाशित होता था और बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में भी जारी किया गया।
  3. 3. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गदर पार्टी के आह्वान पर हजारों प्रवासी भारतीय 'गदर आंदोलन' के तहत भारत लौटे और पंजाब तथा अन्य छावनियों में ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की योजना बनाई, जो वर्ष 1915 की शुरुआत में गुप्त सूचना लीक होने के कारण विफल हो गई।
  4. 4. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिस्टोरिकल रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) का पुनर्गठन किया गया, जिसमें भगत सिंह, सुखदेव और भगवती चरण बोहरा जैसे क्रांतिकारियों ने समाजवादी विचारधारा को अपने क्रांतिकारी एजेंडे का मुख्य आधार बनाया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन गदर पार्टी और भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के इतिहास के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1913 में स्थापित विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, गदर पार्टी ने प्रवासी भारतीयों में राष्ट्रवाद की अलख जगाई और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सशस्त्र विद्रोह का प्रयास किया। इसके अतिरिक्त, वर्ष 1928 में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह द्वारा हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) का गठन किया गया था।
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