त्वरित लिंक्स
History of India
13 views
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'सोलह महाजनपदों' और 'मगध साम्राज्य के उत्कर्ष' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अंगुट निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध तथा जैन ग्रंथ सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची प्रदान करते हैं, जिनमें वज्जी और मल्ल संघ गणतंत्रात्मक शासन प्रणालियों के उदाहरण थे, जबकि अधिकांश अन्य महाजनपद राजतंत्रात्मक थे।
- 2. मगध साम्राज्य के उत्कर्ष में उसकी भौगोलिक स्थिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी; इसकी प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण सामरिक दृष्टि से अत्यंत सुरक्षित थी, और बाद में पाटलिपुत्र को राजधानी बनाए जाने से यह गंगा, सोन और गंडक नदियों के जलमार्गों के नियंत्रण के कारण व्यापार और सैन्य संचालन में सर्वोपरि हो गया।
- 3. बिम्बिसार (श्रेणिक) ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए वैवाहिक संबंधों की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने कौशल, मल्ल और वज्जी राजवंशों की राजकुमारियों से विवाह कर अपनी स्थिति मजबूत की, तथा अवंती के शासक प्रद्योत के साथ शत्रुता समाप्त करने के लिए अपने प्रसिद्ध राजवैद्य जीवक को उसकी चिकित्सा हेतु भेजा था।
- 4. महाप्रपद्म नंद को पुराणों में 'सर्वक्षत्रान्तक' (सभी क्षत्रियों का नाश करने वाला) और 'एकराट' की उपाधि से विभूषित किया गया है, और नंद वंश के शासनकाल में पहली बार कलिंग को मगध साम्राज्य में मिलाए जाने के प्रमाण हाथीगुम्फा अभिलेख से मिलते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के कथन (1) और (2) पूर्णतः सही हैं। बौद्ध ग्रंथ 'अंगुत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में षोडश महाजनपदों का उल्लेख मिलता है, जिसमें वज्जी और मल्ल जैसे राज्य गणतंत्र थे। मगध के उत्कर्ष में उसकी भौगोलिक स्थिति, लोहे की खानों की निकटता और राजगृह तथा पाटलिपुत्र जैसी सुरक्षित राजधानियों का विशेष योगदान था। कथन (3) गलत है क्योंकि बिम्बिसार ने कौशल, मद्र और वैशाली (च्छेल्ल) की राजकुमारियों से विवाह किया था, मल्ल राजवंश से उसका कोई विवाह संबंध नहीं था। कथन (4) आंशिक रूप से भ्रामक है क्योंकि हाथीगुम्फा अभिलेख खारवेल का है, न कि नंद वंश का (यद्यपि नंदराज द्वारा कलिंग विजय का उल्लेख उसमें अवश्य है)। मगध साम्राज्य के ऐतिहासिक विकास के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपद' और उनके भौगोलिक विस्तार तथा राजनैतिक स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग - चंपा (आधुनिक भागलपुर और मुंगेर क्षेत्र)
2. वत्स - कौशाम्बी (आधुनिक इलाहाबाद के आसपास का क्षेत्र)
3. मत्स्य - विराट नगर (आधुनिक जयपुर और अलवर क्षेत्र)
4. अस्मक - पोटली या पौनार (गोदावरी नदी घाटी का क्षेत्र)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
हुमायूँ का मकबरा दिल्ली में किसने बनवाया?
→
प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, पल्लव और चालुक्य राजवंशों की प्रशासनिक, कलात्मक और सैन्य उपलब्धियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव नरेश महेन्द्रवर्मन प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का आदर किया था, किंतु शैव संत अप्पर (तिरुनावुक्करासर) के प्रभाव में आकर उन्होंने शैव धर्म स्वीकार कर लिया तथा महाबलीपुरम में प्रसिद्ध रॉक-कट (एकाश्म) मंदिरों के निर्माण की शुरुआत की।
2. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका विस्तृत उल्लेख ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत के अतिरिक्त रविचर्चित 'ऐहोल शिलालेख' में मिलता है, जिसे रवि कीर्ति द्वारा रचित किया गया था।
3. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी पर आक्रमण कर चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया और 'वातापिकोंड' की उपाधि धारण की, तथा इसी काल में महाबलीपुरम में प्रसिद्ध 'पंचरथ' मंदिरों का निर्माण करवाया गया था।
4. चालुक्य वंश की राजधानी बादामी (वातापी) थी, और इस राजवंश के शासनकाल में वास्तुकला की 'बेसर शैली' (दक्कन शैली) का विकास हुआ, जिसके अंतर्गत ऐहोल और पट्टदकल के प्रसिद्ध मंदिरों का निर्माण किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
जून 1947 की माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब विधानसभाओं को अपनी-अपनी प्रांतीय विधानसभाओं का विभाजन करने के लिए दो भागों में मतदान करने का अधिकार दिया गया था, जिसमें पश्चिमी पंजाब और पूर्वी बंगाल के मुस्लिम बहुसंख्यक भाग पाकिस्तान में शामिल होने के लिए अधिकृत थे।
2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय करने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया था, जिसमें दोनों ही क्षेत्रों ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया था।
3. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के प्रावधानों के तहत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन में विभाजित कर दिया गया, तथा दोनों नए डोमिनियन के लिए ब्रिटिश सम्राट की शाही उपाधि से 'भारत का सम्राट' (Emperor of India) शब्द को हटा दिया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
→
भक्ति और सूफी आंदोलन के दार्शनिक पक्षों और उनके प्रमुख संतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रामानुजचार्य ने 'विशिष्टाद्वैतवाद' के दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार जीवात्मा और परमात्मा भिन्न होते हुए भी अंततः उसी प्रकार अभिन्न हैं जैसे किरण और सूर्य, तथा मोक्ष का मार्ग केवल 'प्रपत्ति' (पूर्ण समर्पण) और भक्ति के माध्यम से ही संभव है।
2. सूफी मत के 'चिश्ती सिलसिले' की स्थापना भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा की गई थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य की राजनीतिक सत्ता और शाही दरबारों से कठोर दूरी बनाए रखने के साथ-साथ संगीत (समां) को ईश्वर-प्राप्ति का साधन माना।
3. शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' के विपरीत, मध्वाचार्य ने 'द्वैतवाद' का सिद्धांत प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार ईश्वर (विष्णु), जीव और प्रकृति पूर्णतः पृथक् और स्वतंत्र सत्य हैं, तथा जीवात्मा कभी भी ईश्वर में पूरी तरह विलीन नहीं हो सकती।
4. कबीर और नानक जैसे निर्गुण संत संप्रदाय ने मूर्तिपूजा, बाह्य आडंबरों, जाति व्यवस्था और संप्रदायवाद का कड़ा विरोध करते हुए एक निराकार, सर्वव्यापी और अनाम ईश्वर की उपासना पर बल दिया, और उन्होंने अपने उपदेशों के लिए संस्कृत के स्थान पर फारसी भाषा को माध्यम बनाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.