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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दौर में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारत में व्यापारिक एकाधिकार और बस्तियों की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के आधिकारिक राजदूत के रूप में सर थॉमस रो भारत आया था और वह अजमेर में मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार में उपस्थित हुआ, जहाँ उसने अंग्रेजों के लिए पूरे मुगल साम्राज्य में व्यापार करने और कारखाने स्थापित करने के विशेष अधिकार प्राप्त किए।
  2. 2. पश्चिमी तट पर अंग्रेजों ने वर्ष 1613 में जहांगीर के शाही फरमान के बाद सूरत में अपनी पहली स्थायी व्यापारिक कोठी स्थापित की, जो आगे चलकर पश्चिमी भारत में उनके व्यापारिक अभियानों का प्रमुख मुख्यालय बन गई।
  3. 3. पूर्वी भारत में अंग्रेजों ने अपनी पहली फैक्ट्री की स्थापना वर्ष 1633 में उड़ीसा के हरिहरपुर और बालासोर में की थी, जिससे बंगाल की खाड़ी केीय क्षेत्र में उनके व्यापारिक विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  4. 4. वर्ष 1639 में Francis Day (फ्रांसिस डे) ने चंद्रगिरि के स्थानीय शासक से मद्रासपट्टनम (मद्रास) को पट्टे पर लिया और वहाँ 'फोर्ट सेंट जॉर्ज' की किलेबंदी की, जो बाद में दक्षिण भारत में अंग्रेजों का मुख्य प्रशासनिक केंद्र बना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1615 में जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो जहांगीर के दरबार में आया था और उसने अंग्रेजों के लिए अनुकूल व्यापारिक रियायतें हासिल कीं। वर्ष 1613 में सूरत में पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित हुई। पूर्वी भारत में 1633 में बालासोर और हरिहरपुर में कारखाने खोले गए तथा 1639 में फ्रांसिस डे ने मद्रास को पट्टे पर लेकर फोर्ट सेंट जॉर्ज का निर्माण कराया। इस ऐतिहासिक क्रम के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, और इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया था। 2. 16 अक्टूबर 1905 को जिस दिन बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, बन्दे मातरम गीत गाया और एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर एकता का प्रदर्शन किया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा की दिशा में उठाए गए कदमों के तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम प्राचार्य के रूप में अरबिंदो घोष को नियुक्त किया गया था। 4. स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के दौरान मुस्लिम समुदाय की व्यापक भागीदारी रही और पूर्वी बंगाल के नवाब सलीमुल्लाह खान ने इस आंदोलन का पुरजोर समर्थन करते हुए ब्रिटिश सरकार की विभाजनकारी नीतियों का कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? फिरोज शाह तुगलक के काल में किस विभाग का मुख्य कार्य अनाथों, विधवाओं और गरीब लड़कियों की सहायता करना था? मध्यकालीन भारत के इतिहास में 'भक्ति और सूफी आंदोलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूफी मत के 'चिशती सिलसिले' के संतों ने राज्य की राजनीति से पूर्ण दूरी बनाए रखने और शासकों से उपहार या वित्तीय सहायता स्वीकार न करने के अपने कठोर नियम का पालन किया, जिसके कारण शेख निजामुद्दीन औलिया ने सल्तनत के कई सुल्तानों के आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया था। 2. बारहवीं शताब्दी में दक्षिण भारत में उत्पन्न 'वीरशैव आंदोलन' (लिंगायत संप्रदाय), जिसका नेतृत्व बासवण्णा और उनके साथियों ने किया था, ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व, जाति व्यवस्था तथा पुनर्जन्म के सिद्धांतों को अस्वीकार करते हुए वैदिक अनुष्ठानों का कड़ा विरोध किया। 3. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने वाले रामानंद ने अपनी शिक्षाओं के प्रसार के लिए संस्कृत भाषा के स्थान पर जनसाधारण की भाषा (हिंदी/अवधी) को अपनाया और अपनी शिष्यों की मंडली में जातिगत भेदों को नजरअंदाज करते हुए रैदास (चमार), कबीर (जुलाहा) और सेना (नाई) जैसे व्यक्तियों को शामिल किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अवध में विद्रोह की शुरुआत जून 1857 में हुई, जिसके उपरांत बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिश कादिर को नवाब घोषित कर स्वयं शासन की बागडोर संभाली और ब्रिटिश रेजिडेंसी की घेराबंदी का नेतृत्व किया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने फैजाबाद और अवध के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित किया था। 3. ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने भारी सैन्य बल और नेपाल के जंगबहादुर की सहायता से मार्च 1858 में लखनऊ पर पुनः अधिकार कर लिया, जिसके पश्चात बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें पेंशन पर कलकत्ता भेज दिया गया था। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को अंग्रेजों द्वारा पकड़ने के लिए पचास हजार रुपये का भारी इनाम रखा गया था, और अंततः पवाया के एक स्थानीय जागीरदार के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई तथा उनका सिर काटकर सरेआम प्रदर्शित किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धार्मिक मामलों और दान विभाग के प्रधान को मुगल काल में क्या कहा जाता था?
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