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History of India
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भारत नाम की उत्पति का सम्बंध प्राचीन काल के किस प्रतापी राजा से है ?

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भारत नाम की उत्पति का सम्बंध प्राचीन काल के किस प्रतापी राजा से है ?
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→ तालिकोटा युद्ध के समय विजयनगर का नाममात्र का सुल्तान (कठपुतली शासक) कौन था? → मुगल कालीन प्रशासनिक व्यवस्था और नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अकबर द्वारा वर्ष 1582 में शुरू की गई 'दहसाला प्रणाली' (Todar Mal's Bandobast) के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और औसत मूल्यों का आकलन करके भू-राजस्व का निर्धारण किया जाता था। 2. जहांगीर के शासनकाल में मुगल चित्रकला अपने स्वर्णकाल पर पहुँची, जहाँ चित्रों में प्राकृतिक दृश्यों, पक्षियों और चित्रों के किनारों (Border) को सजाने की कला का अभूतपूर्व विकास हुआ। 3. शाहजहां के शासनकाल के अंतिम वर्षों में दारा शिकोह और औरंगजेब के बीच उत्तराधिकार को लेकर संघर्ष हुआ, जिसमें 'सामूगढ़ का युद्ध' निर्णायक साबित हुआ और इसी विजय के बाद औरंगजेब ने दिल्ली में अपना प्रथम राज्याभिषेक कराया। 4. औरंगजेब ने अपने शासनकाल के दौरान सिक्कों पर कलमा खुदवाने की प्रथा को समाप्त कर दिया तथा संगीत और चित्रकला को बढ़ावा देते हुए दरबार में चित्रकारों को शाही संरक्षण प्रदान करना जारी रखा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मध्यकालीन भक्ति और सूफी आंदोलनों के वैचारिक विकास, संतों के दार्शनिक सिद्धांतों तथा उनके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शंकराचार्य के 'अद्वैत वेदांत' के विपरीत, निम्बार्क ने 'द्वैताद्वैतवाद' (भेदाभेद) के दर्शन का प्रतिपादन किया, जिसके अनुसार जीव, जगत और ब्रह्म परस्पर भिन्न भी हैं और अभिन्न भी हैं, तथा राधा-कृष्ण की युगल उपासना उनके मार्ग का मुख्य आधार थी। 2. सूफी सिलसिले के अंतर्गत 'चिशती सिलसिला' ने भारत में सादगी, संगीत (समा) और उदारता का मार्ग अपनाया, तथा शेख निजामुद्दीन औलिया ने राजनीतिक सत्ता से दूरी बनाए रखते हुए 'सुल्तान-उल-मशाइख' की उपाधि धारण की और सल्तनत के कई सुल्तानों के आमंत्रण के बावजूद कभी भी शाही दरबार में कदम नहीं रखा। 3. भक्ति आंदोलन के महान संत चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल में 'अचिंत्य भेदाभेद' के सिद्धांत का प्रचार किया और भगवान श्रीकृष्ण की प्रेम-भक्ति (कीर्तन परंपरा) को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाया, जिसमें जाति और धर्म का कोई भेदभाव नहीं था। 4. सूफी संतों में 'सुह्रवर्दी सिलसिला' के विपरीत चिश्ती संतों ने राजकीय अनुदान, जागीरें और नगद धन स्वीकार करने की सख्त मनाही की थी, किंतु सूहरावर्दी संतों ने राज्य के साथ घनिष्ठ संबंध रखे और उच्च पदों तथा शाही संरक्षण को सहर्ष स्वीकार किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ की रेजिडेंसी के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया और ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष चलाया। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, ने फैजाबाद (अवध) क्षेत्र से विद्रोह का नेतृत्व किया और अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान करते हुए ब्रिटिश सेना को कई लड़ाइयों में कड़ी टक्कर दी। 3. ब्रिटिश सेना द्वारा लखनऊ पर पुनः अधिकार करने के पश्चात बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें पेंशन पर कलकत्ता में रहने की अनुमति दे दी गई। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़वाने के लिए अंग्रेजों द्वारा पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था, और अंततः पुवायाँ (शाहजहाँपुर) के राजा के विश्वासघात के कारण वे अंग्रेजों के हाथों मारे गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के अंतर्गत यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें बुलाई जाएंगी, जहाँ प्रत्येक प्रांत के हिंदू और मुस्लिम बहुسसंख्यक जिलों के विधायक अलग-अलग बैठकर यह निर्णय लेंगे कि उनके प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं। 2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ विलय होगा, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) का आयोजन किया गया था, जिसमें खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान का खुलकर समर्थन किया था। 3. भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना का प्रावधान किया गया, तथा लॉर्ड माउंटबेटन को दोनों नए डोमिनियंस के संयुक्त रूप से पहले गवर्नर-जनरल के रूप में कार्य करने की वैधानिक अनुमति दी गई थी। 4. ब्रिटिश संसद द्वारा पारित इस अधिनियम में यह भी स्पष्ट किया गया था कि रियासतों (Princely States) पर ब्रिटिश आधिपत्य समाप्त हो जाएगा और उन्हें किसी भी डोमिनियन में शामिल होने या अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखने का पूर्ण विकल्प प्राप्त होगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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