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History of India
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तालिकोटा युद्ध के समय विजयनगर का नाममात्र का सुल्तान (कठपुतली शासक) कौन था?

Detailed Explanation

राम राय के शासनकाल में सदाशिव राय केवल नाममात्र का शासक था।
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→ 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के नेतृत्व, प्रशासनिक संरचना और उससे जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों—नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाना साहब ने कानपुर में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूग व्हीलर को पराजित करने के पश्चात स्वयं को पेशवा घोषित किया और खुद को पेशवा बाजीराव द्वितीय का उत्तराधिकारी मानते हुए औपचारिक रूप से ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और रणनीतिकार थे, ने विद्रोही ताकतों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ यूरोपीय कूटनीति के तहत विद्रोही पक्ष का संदेश तुर्की और अन्य बाहरी शक्तियों तक पहुँचाने का प्रयास किया था। 3. कानपुर के पतन के बाद तात्या टोपे ने ग्वालियर की सिंधिया सेना को अपने पक्ष में मिला लिया और रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर कालपी के युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध भीषण संघर्ष का संचालन किया था। 4. कानपुर में अंतिम रूप से पराजय के पश्चात नाना साहब ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद ब्रिटिश अदालत द्वारा मुकदमा चलाकर उन्हें अंडमान और निकोबार (सेल्यूलर जेल) निर्वासित कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वैदिक साहित्य और उनके संकलनकर्ताओं तथा ब्राह्मण ग्रंथों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वेद के दो सबसे प्राचीन मंडल (द्वितीय से सप्तम मंडल) 'वंश मंडल' कहलाते हैं क्योंकि इनका संकलन विभिन्न गोत्रों के ऋषियों (जैसे गृत्समद, विश्वामित्र, वामदेव, अत्रि, भारद्वाज और वशिष्ठ) द्वारा किया गया था, जबकि प्रथम और दशम मंडल सबसे बाद में जोड़े गए सबसे नवीन भाग हैं। 2. 'गोपथ ब्राह्मण' एकमात्र ब्राह्मण ग्रंथ है जो अथर्ववेद से संबंधित है, जिसमें यज्ञीय अनुष्ठानों के साथ-साथ अथर्ववेद के विभिन्न मंत्रों की व्याख्या और जादू-टोने, औषधियों तथा राज्य-अभिषेक के नियमों का विवरण मिलता है। 3. शतपथ ब्राह्मण, जो शुक्ल यजुर्वेद से संबंधित है, में कृषि की चारों क्रियाओं (जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई) का विस्तृत वर्णन मिलता है तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदा नीरा (गंडक नदी) पार कर पूर्व की ओर विस्तार का उल्लेख किया गया है। 4. वैदिक शब्दावली में 'दुहितु' शब्द का प्रयोग पुत्री के लिए किया जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ 'गायहंता' होता था, क्योंकि वैदिक समाज में गाय की हत्या करने पर पुत्री को मृत्युदंड दिए जाने का कठोर प्रावधान था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक चरण और संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भखना द्वारा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में जाना गया। 2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य समाजवादी विचारधारा पर आधारित एक स्वतंत्र गणराज्य की स्थापना करना था। 3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका, जिसका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं बल्कि 'बहनों को अपनी बात सुनाने' के लिए धमाका करना और अपनी गिरफ्तारी देकर अदालत को प्रचार का मंच बनाना था। 4. वर्ष 1931 में लाहौर षड्यंत्र केस के तहत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फाँसी दी गई थी, और उसी वर्ष दिसंबर में चटगांव शस्त्रागार लूट के प्रमुख क्रांतिकारी सूर्य सेन को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण और गोलमेज सम्मेलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1932 में जब सविनय अवज्ञा आंदोलन पुनः प्रारंभ हुआ, तब ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी नीतियों के तहत 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' को गैर-कानूनी घोषित कर दिया और इसके सभी प्रमुख नेताओं को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। 2. लंदन में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन (1932) में कांग्रेस ने भाग लिया था और इसमें महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में शिरकत की थी। 3. कम्युनल अवार्ड (सांप्रदायिक पंचांग) के तहत दलितों के लिए पृथक् निर्वाचन मंडल की घोषणा के विरोध में महात्मा गांधी ने यरवदा जेल में आमरण अनशन किया था, जिसके परिणामस्वरूपी डॉ. बी.आर. अंबेडकर और गांधीजी के समर्थकों के बीच पूना पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए। 4. सविनय अवज्ञा आंदोलन के इस दूसरे चरण में महिलाओं, व्यापारियों और विभिन्न स्थानीय समूहों ने भारी संख्या में भाग लिया, किंतु यह आंदोलन मई 1934 तक आते-आते पूरी तरह समाप्त हो गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → तानसेन किसके दरबार के संगीतज्ञ थे?
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