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History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और ब्रिटिश सत्ता के सुदृढ़ीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए चार्टर (राजकीय घोषणापत्र) के माध्यम से केवल 15 वर्षों के लिए पूर्वी देशों के साथ व्यापार का एकाधिकार प्राप्त हुआ था, जिसे बाद में 1609 में जेम्स प्रथम द्वारा अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया गया था।
  2. 2. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1664 में लुई चौदहवें के शासनकाल में मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से हुई थी, और उन्होंने भारत में अपनी प्रथम फैक्ट्री 1668 में सूरत में तथा दूसरी फैक्ट्री 1669 में मसूलीपट्टनम में स्थापित की थी।
  3. 3. कर्नाटक के तीसरे युद्ध (1758-63) के दौरान लड़े गए निर्णायक 'वांडीवाश के युद्ध' (1760) में अंग्रेजी सेनापति आयरकूट ने फ्रांसीसी सेनापति काउंट डी लाली को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप भारत में फ्रांसीसी राजनीतिक शक्ति का पतन हो गया और 'पेरिस की संधि' (1763) के द्वारा उनकी बस्तियां उन्हें केवल इस शर्त पर लौटाई गईं कि वे वहाँ किलेबंदी नहीं करेंगे।
  4. 4. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा बंगाल में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलकत्ता में 'फोर्ट विलियम' की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम राष्ट्रपति (President) सर चार्ल्स आयर थे, तथा इस किले का निर्माण कार्य वर्ष 1696 में सुतातिनी, कलकता और गोविंदपुर नामक तीन गाँवों की जमींदारी प्राप्त करने के पश्चात प्रारंभ हुआ था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (ईआईसी) की स्थापना 1600 में हुई थी और प्रारंभिक चार्टर 15 वर्षों के लिए था, जिसे बाद में जेम्स प्रथम द्वारा अनिश्चितकालीन किया गया। फ्रांसीसी कंपनी की स्थापना कोल्बर्ट के संरक्षण में 1664 में हुई थी और सूरत (1668) व मसूलीपट्टनम (1669) में उनकी शुरुआती फैक्ट्रियां लगीं। वांडीवाश का युद्ध (1760) कर्नाटक के तीसरे युद्ध का निर्णायक मोड़ था, जहाँ आयरकूट ने लाली को हराया और पेरिस की संधि (1763) के तहत किलेबंदी पर प्रतिबंध के साथ बस्तियां वापस मिलीं। इसके अतिरिक्त, कलकत्ता में फोर्ट विलियम का निर्माण 1696 में शुरू हुआ और इसके पहले राष्ट्रपति सर चार्ल्स आयर थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक स्वरूप के संदर्भ में विभिन्न ब्रिटिश और भारतीय विचारकों तथा इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध वक्तव्यों एवं मतों पर विचार कीजिए: 1. सर जॉन सीले (Sir John Seeley) ने 1857 के विद्रोह को 'पूरी तरह से देशभक्तिहीन और स्वार्थी सिपाही विद्रोह' (An entirely patriotic and selfish sepoy mutiny) करार दिया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय स्वतंत्रता प्राप्त करना नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्वार्थों की पूर्ति था। 2. बेंजामिन डिजरायली (Benjamin Disraeli) ने ब्रिटिश संसद में दिए गए अपने ऐतिहासिक भाषण में इस घटना को केवल एक साधारण सैनिक विद्रोह न मानकर इसे 'राष्ट्रीय विद्रोह' (National Revolt) की संज्ञा दी थी। 3. वी.डी. सावरकर (V.D. Savarkar) ने अपनी प्रसिद्ध कृति 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस महान घटना को सुनियोजित 'प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' के रूप में चित्रित किया। 4. एस.एन. सेन (S.N. Sen) ने अपनी आधिकारिक पुस्तक '1857' में यह निष्कर्ष प्रतिपादित किया कि यह विद्रोह 'धर्म के नाम पर शुरू हुआ युद्ध था और अंततः स्वतंत्रता संग्राम के रूप में समाप्त हुआ'। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास और संस्थागत परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में 'चालीसा' (तुर्कान-ए-चहलगानी) नामक तुर्क गुलाम सरदारों के एक प्रभावशाली दल का गठन किया था, जिसे बाद में बलबन ने अपनी केंद्रीय सत्ता को सुदृढ़ करने और आंतरिक विद्रोहों का दमन करने के लिए पूरी तरह समाप्त कर दिया था। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों को नगद वेतन देने की स्थायी व्यवस्था शुरू की और घोड़ों को दागने (दाग) तथा सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा को सख्ती से लागू किया, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। 3. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में मंगोल आक्रमणों से निपटने और राज्य की सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए सल्तनत की सेना को तीन वर्षों का अग्रिम वेतन नगद रूप में दिया गया था, जिससे शाही राजकोष दिवालिया होने के कगार पर पहुँच गया था। 4. सिकंदर लोदी ने भू-राजस्व के निर्धारण और माप के लिए 'गज-ए-सिकंदरी' का प्रचलन शुरू किया, जिसकी लंबाई 39 अंगुल (लगभग 30 इंच) थी, तथा उसने कृषि और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अनाज पर लगने वाले जकात (चुंगी कर) को समाप्त कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के विद्रोह के आर्थिक कारणों और ब्रिटिश औपनिवेशिक नीतियों के प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी) ने पारंपरिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से विखंडित कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कृषक वर्ग भारी कर्ज के जाल में फंस गया और महाजनों तथा साहूकारों का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया। 2. ब्रिटेन से सस्ते मशीनी कपड़ों और औद्योगिक वस्तुओं के भारी आयात ने भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिससे लाखों कारीगर और बुनकर बेरोजगार होकर कृषि पर आश्रित होने के लिए विवश हो गए। 3. ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा अपनाई गई मुक्त व्यापार नीति और एकतरफा शुल्क व्यवस्था (Free Trade Policy) के कारण पारंपरिक भारतीय विनिर्मित वस्तुओं का निर्यात ब्रिटिश बाजारों में पूरी तरह से शुल्क-मुक्त हो गया, जिससे भारतीय व्यापारिक हितों को ऐतिहासिक लाभ प्राप्त हुआ। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? बाजीराव प्रथम और हैदराबाद के निजाम के बीच 1728 ई. में कौन सा युद्ध हुआ था? भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अगस्त 1942 में बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित होने के तुरंत बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत सभी चोटी के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह नेतृत्वहीन हो गया और देश के कई हिस्सों में जनता ने स्वतःस्फूर्त होकर हिंसात्मक तरीकों, रेलवे लाइनों को उखाड़ने और समानांतर सरकारों की स्थापना का मार्ग चुना। 2. सतारा (महाराष्ट्र) में नाना पाटिल के नेतृत्व में स्थापित 'प्रति सरकार' भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बनी सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकारों में से एक थी, जिसने न्यायदान, खाद्यान्न वितरण और मालगुजारी संग्रहण जैसे प्रशासनिक कार्य सफलतापूर्वक संचालित किए। 3. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में कलकत्ता से गुप्त रूप से निकलकर (ग्रेट एस्केप) रूस के रास्ते जर्मनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और पहली बार 'जय हिन्द' का नारा दिया तथा बर्लिन रेडियो से भारतीयों को संबोधित करते हुए जर्मनी के सहयोग से 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) की पहली बटालियन का गठन किया। 4. जापान के नियंत्रण वाले सिंगापुर में रास बिहारी बोस के प्रयासों से वर्ष 1942 के अंत में आईएनए का पुनर्गठन किया गया, और जब सुभाष चंद्र बोस जून 1943 में पनडुब्बी द्वारा दक्षिण-पूर्व एशिया पहुँचे, तब उन्होंने सिंगापुर में अक्टूबर 1943 में 'आज़ाद भारत की अनंतिम सरकार' (अरगकुड़ हिंद) की स्थापना की घोषणा की। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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