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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व, सैन्य अभियानों तथा ब्रिटिश सेनाओं के विरुद्ध उनके संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 25 जुलाई 1857 को दानापुर छावनी के सैनिकों के विद्रोह के पश्चात बाबू कुंवर सिंह ने उनका नेतृत्व स्वीकार किया और आरा पर आक्रमण कर ब्रिटिश सेना को पराजित किया, किंतु मेजर विन्सेंट आयर के विरुद्ध बिहिया के जंगलों में हुए निर्णायक संघर्ष में कुंवर सिंह को भारी क्षति उठानी पड़ी और उनका महल व जगदीशपुर का अधिकांश हिस्सा नष्ट कर दिया गया था।
- 2. जगदीशपुर से निकलने के पश्चात कुंवर सिंह ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे आजमगढ़, बलिया और कानपुर) में नाना साहब और तात्या टोपे की सेनाओं के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का कुशल समन्वय किया तथा गंगा नदी पार करते समय अपने हाथ में गोली लगने पर स्वयं तलवार से अपना हाथ काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
- 3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की कमान संभाली और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतास और शाहबाद क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाते हुए ब्रिटिश सेनाओं के खिलाफ एक प्रभावी 'छापामार युद्ध' (Guerrilla Warfare) प्रणाली का सफलतापूर्वक संचालन किया था।
- 4. अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजी प्रशासन के विरुद्ध समानांतर सरकार चलाई और ब्रिटिश अधिकारियों (जैसे आउट्राम और डगलस) को भारी रणनीतिक चुनौती दी, किंतु अंततः नेपाल के राजा के विश्वासघात और ब्रिटिश घेराबंदी के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और कलकत्ता में सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध अभूतपूर्व शौर्य और सैन्य कौशल का परिचय दिया था। दानापुर के सैनिकों के विद्रोह के बाद कुंवर सिंह ने जगदीशपुर से अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला। आजमगढ़ और बलिया के अभियानों के दौरान गंगा पार करते समय अंग्रेजी सेना की गोली लगने पर उन्होंने अपना हाथ काटकर गंगा में बहा दिया था। उनकी मृत्यु (अप्रैल 1858) के बाद उनके भाई अमर सिंह ने कैमूर की पहाड़ियों से अंग्रेजों के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध का नेतृत्व जारी रखा और ब्रिटिश हुकूमत की नाक में दम कर दिया। अमर सिंह को युद्ध के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया था बल्कि नेपाल या जंगलों में उनकी गतिविधियों के अंत का विवरण भिन्न है; उन्हें सार्वजनिक फांसी नहीं दी गई थी, बल्कि उनकी मृत्यु कारावास के दौरान बीमारी से हुई थी। इस प्रकार कथन 1 और 4 तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण हैं, जबकि 2 और 3 पूर्णतः सही हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सैन्य उपलब्धियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्द्धन के शासनकाल में कन्नौज को उत्तर भारत के 'महाराजनीतिक' केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त हुई तथा चीनी यात्री ह्वेनसांग ने हर्ष द्वारा प्रयाग की महामोक्ष परिषद में प्रति पाँचवें वर्ष सर्वस्व दान किए जाने और बौद्ध धर्म की महायान शाखा के साथ-साथ हीनयान को भी समान रूप से राजकीय संरक्षण प्रदान करने का विस्तृत वर्णन किया है।
2. पल्लव शासक महेन्द्रवर्मन् प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन मत का अनुयायी होने के बावजूद शैव संत अप्पर के प्रभाव से शैव धर्म अपना लिया, और उसके शासनकाल में महाबलीपुरम के प्रसिद्ध एकात्मक (मोनोलिथिक) रथ मंदिरों का निर्माण कार्य आरंभ हुआ था।
3. चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, और इस विजय का विस्तृत तथा प्रामाणिक उल्लेख कवि रवि कीर्ति द्वारा रचित 'ऐहोले प्रशस्ति' में प्राप्त होता है, जो संस्कृत काव्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
4. चोल सम्राट राजेंद्र प्रथम ने अपनी शक्तिशाली नौसेना के माध्यम से श्रीविजय साम्राज्य (सुमात्रा, जावा और मलय प्रायद्वीप) पर सफल सैन्य अभियान चलाया था, तथा गंगा नदी की घाटी तक अपनी सेना भेजने के उपलक्ष्य में 'गंगैकोंडचोल' की उपाधि धारण की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को कुचले गए क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ और कानपुर में विद्रोही ताकतों के विरुद्ध सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया तथा कर्नल जेम्स नील के साथ मिलकर अवध की प्रारंभिक घेराबंदी को सुदृढ़ किया।
2. सर ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई तथा तात्या टोपे की सेना के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया और झाँसी के पतन के बाद रानी की वीरता की प्रशंसा करते हुए उन्हें "विद्रोहियों में एकमात्र मर्द" कहा।
3. विलियम टेलर और विंसेंट आयर — बिहार क्षेत्र में बाबू वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व में हुए विद्रोह को दबाने और आरा पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने के लिए सैन्य कार्रवाई का संचालन किया।
4. कर्नल जेम्स नील — रोहिलखंड क्षेत्र में खान बहादुर खान के विद्रोह को कुचला तथा बरेली में शांति स्थापित करते हुए गवर्नर जनरल के आदेश पर प्रशासनिक सुधार लागू किए।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झांसी और ग्वालियर में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के सैन्य अभियानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1858 में सर ह्यूरोज के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना द्वारा झांसी के दुर्ग की घेराबंदी किए जाने के बाद, रानी लक्ष्मीबाई ने अत्यंत साहस के साथ युद्ध किया और कालपी की ओर प्रस्थान कर गईं, जहाँ उन्होंने तात्या टोपे के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध एक मजबूत प्रतिरोध संगठित किया।
2. ग्वालियर के पतन के बाद तात्या टोपे ने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों के विरुद्ध अंतिम संघर्ष करते हुए जून 1858 में ग्वालियर के पास वीरगति को प्राप्त हुईं।
3. ग्वालियर पर अधिकार करने के बाद रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने सिंधिया राजवंश के शासक जयाजीराव सिंधिया को अपने पक्ष में करने में पूर्ण सफलता प्राप्त कर ली थी, जिससे उन्हें मराठा साम्राज्य के पुनरुद्धार में अपार सहायता मिली।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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