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History of India
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1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. फैजाबाद — मौलवी अहमदुल्लाह शाह (दमनकर्ता: कर्नल नील)
- 2. बरेली — खान बहादुर खान (दमनकर्ता: सर कॉलिन कैंपबेल)
- 3.
इलाहाबाद — लियाकत अली (दमनकर्ता: जनरल नील) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1857 के महान विद्रोह के दौरान उत्तर भारत के विभिन्न केंद्रों में ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंका गया था, जिनका अंग्रेजों ने अत्यंत क्रूरता से दमन किया। फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था और यहाँ कर्नल जेम्स नील ने विद्रोह का दमन किया। बरेली में रोहिला शासक हाफिज रहमत खान के वंशज खान बहादुर खान ने मोर्चा संभाला, जिसे अंततः सर कॉलिन कैंपबेल की सेना ने पराजित किया। इलाहाबाद (प्रयाग) में लियाकत अली ने जनसमूह का नेतृत्व किया और मौलवी लियाकत अली के इस विद्रोह को कर्नल नील ने कुचल दिया था। अतः तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।
Related Questions
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की नगरीय योजना, अर्थव्यवस्था और व्यापारिक संपर्कों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता की जल निकासी प्रणाली (Drainage System) अपनी स्वच्छता और सुनियोजित ग्रिड पैटर्न के लिए विश्व प्रसिद्ध थी, किंतु चन्हुदरो एकमात्र ऐसा स्थल है जहाँ घरों के अंदर पक्की ईंटों के कुओं और बेहतरीन जल निकासी के साक्ष्य नहीं मिलते हैं, क्योंकि यह एक औद्योगिक नगर था।
2. लोथल और सुरकोतदा जैसे तटीय स्थलों से जहाजों के ठहरने के लिए गोदीवाड़ा (Dockyard) के अवशेष मिले हैं, जो यह दर्शाते हैं कि इस सभ्यता का मेसोपोटामिया, ओमान (मगन) और बहरीन (दिलमुन) के साथ समुद्री मार्ग से व्यापक विदेशी व्यापार होता था।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'पशुपति मुहर' (Pashupati Seal) पर एक योगी की आकृति उत्कीर्ण है जिसके चारों ओर गेंडा, भैंसा, बाघ और हाथी जैसे पशुओं का अंकन है, तथा इस मुहर के शीर्ष पर सिंधु लिपि (Pictographic Script) के कुछ अक्षर भी लिखे मिले हैं।
4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे से भली-भांति परिचित थे और उन्होंने अपने रक्षात्मक दुर्गों (Citadels) के निर्माण में बड़े पैमाने पर लोहे के औजारों का प्रयोग किया था, जिसके कारण उनकी सैन्य शक्ति इस काल में अत्यंत सुदृढ़ हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में लोहे का व्यापक प्रयोग शुरू हो चुका था और इसे 'कृष्ण अयस' कहा जाता था, जिसके साक्ष्य अतरंजीखेड़ा से मिलते हैं।
2. शतपथ ब्राह्मण में विदेह माधव की कथा का उल्लेख है, जो आर्यों के पूर्वी विस्तार (गंडक नदी तक) और कृषि के प्रसार को दर्शाती है।
3. ऋग्वेद के दसवें मंडल के 'पुरुष सूक्त' में पहली बार चतुर्वरण व्यवस्था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र) का उल्लेख मिलता है, जो जन्म आधारित कठोरता को दर्शाता है।
4. उपनिषदों को 'वेदांत' भी कहा जाता है, जिनका मुख्य केंद्र दार्शनिक चिंतन, ज्ञानमार्ग, आत्मा (आत्मन्) और ब्रह्मतत्व की मीमांसा करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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तुगलक वंश का वह अंतिम शासक जिसके शासनकाल में खिज्र खाँ ने दिल्ली पर अधिकार कर लिया?
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सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठा साम्राज्य के प्रशासन, शिवाजी की नीतियों और उनके सैन्य संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने पारंपरिक जागीरदारी प्रथा को हतोत्साहित करते हुए अपने प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य की ओर से सैनिकों और अधिकारियों को सीधे नकद वेतन देने की व्यवस्था को प्राथमिकता दी थी।
2. 'अष्टप्रधान' मंडल में 'अमात्य' या 'मजूमदार' का प्रमुख कार्य राज्य की आय और व्यय का लेखा-जोखा रखना तथा सभी शाही दस्तावेजों और पत्रों की भाषा एवं शैली की जाँच करना था।
3. शिवाजी के शासनकाल में 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' करों के संग्रह की व्यवस्था थी; जहाँ चौथ पड़ोसी मुगल या अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा की गारंटी के एवज में वसूला जाने वाला भू-राजस्व का एक चौथाई हिस्सा था, वहीं सरदेशमुखी को शिवाजी अपने आप को पूरे क्षेत्र का सर्वोच्च देशमुखी (वंशानुगत राजस्व अधिकारी) होने के दावे के रूप में कुल राजस्व का दस प्रतिशत वसूलते थे।
4. शिवाजी की पैदल सेना (मावलो) में अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती बनाए रखने के लिए 'हवलदार', 'जुम्लेदार' और 'हजारों' जैसे सैन्य पदों की श्रेणियां निर्धारित थीं, और सेना में लूट के माल का बँटवारा कड़े नियमों के तहत राज्य के पक्ष में नियंत्रित किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने अपने सैन्य संगठन में 'पागा' और 'सिलहदार' घुड़सवारों की व्यवस्था की थी, जिसमें पागा सैनिक राज्य द्वारा प्रदत्त घोड़ों और शस्त्रों का प्रयोग करते थे, जबकि सिलहदार सैनिक अपने स्वयं के घोड़े और शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
2. शिवाजी के प्रशासन में 'अष्टप्रधान' मंडल का प्रत्येक मंत्री राजा के अधीन सीधे कार्य करता था और इनमें से अधिकांश मंत्रियों को आवश्यकता पड़ने पर सैन्य अभियानों का नेतृत्व भी करना पड़ता था, सिवाय पंडितराव और न्यायाधीश के।
3. शिवाजी की राजस्व व्यवस्था मलिक अंबर की भूमि सुधार प्रणालियों से अत्यधिक प्रभावित थी, जिसके तहत उन्होंने भूमि की पैमाइश के लिए 'काठी' और बीघा के मानक माप को अपनाया तथा उपज का 40% भाग राज्य के कर के रूप में वसूल किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% कर दिया गया था।
4. शिवाजी के द्वारा दक्षिण भारत के राज्यों से वसूल किया जाने वाला 'चौथ' कर उनकी सीमा के सुरक्षा प्रदान करने के बदले कुल आय का एक-चौथाई हिस्सा होता था, जबकि 'सरदेशमुखी' आंतरिक क्षेत्रों पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत वसूला जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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