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History of India
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दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यद्यपि विद्रोही सिपाहियों ने बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंदुस्तान) घोषित कर दिया था, किंतु जफर की भूमिका मुख्य रूप से एक प्रतीकात्मक और अनिच्छुक केंद्रबिंदु की थी, जिन्हें सैनिकों द्वारा इस पद को स्वीकार करने के लिए विवश किया गया था।
  2. 2. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक कमान जनरल बख्त खान के हाथों में थी, जो बरेली से आने वाली विद्रोही सेना का नेतृत्व कर रहे थे और जिन्हें जफर द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की गई थी।
  3. 3. दिल्ली पर पुन: अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेना ने सितंबर 1857 में कश्मीरी गेट पर भीषण आक्रमण किया, जिसमें ब्रिटिश अधिकारी जॉन निकलसन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
  4. 4. हुमायूं के मकबरे से ब्रिटिश अधिकारी मेजर विलियम हडसन द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बहादुर शाह जफर पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया और उन्हें निर्वासित कर रंगून भेज दिया गया, जहाँ वर्ष 1862 में उनकी मृत्यु हो गई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। 1857 के विद्रोह के दौरान दिल्ली को स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य केंद्र बनाया गया था। विद्रोही सिपाहियों ने वृद्ध मुगल सम्राट विकिपीडिया संदर्भ को भारत का शहंशाह घोषित किया, जिनकी स्थिति अनिच्छुक होते हुए भी प्रतीक रूप में सर्वमान्य थी। बरेली से आए जनरल बख्त खान ने वास्तविक सैन्य कमान संभाली थी। सितंबर 1857 में ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार के दौरान जॉन निकलसन मारे गए, और हुमायूं के मकबरे से विलियम हडसन द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर जफर पर मुकदमा चलाकर उन्हें रंगून भेज दिया गया।
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