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History of India
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और आजाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों की स्थापना हुई थी, जिनमें बलिया (चित्तू पाण्डू के नेतृत्व में), ताम्रलि्क (बंगाल) और सतारा (प्रति सरकार) सबसे प्रमुख थीं, जहाँ समानांतर प्रशासन चलाया गया।
- 2. जापान की सहायता से गठित प्रथम 'आजाद हिंद फौज' (INA) की स्थापना का मूल विचार और इसका औपचारिक गठन रास बिहारी बोस के प्रयासों से टोक्यो सम्मेलन और बैंकॉक सम्मेलन के दौरान किया गया था, न कि सीधे तौर पर सुभाष चंद्र बोस द्वारा।
- 3. जब सुभाष चंद्र बोस ने जर्मनी से दक्षिण-पूर्व एशिया (सिंगापुर) की यात्रा की और रास बिहारी बोस से कमान अपने हाथ में ली, तब उन्होंने 'दिल्लीचलो' और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा' का प्रसिद्ध नारा देकर आईएनए को एक नई सैन्य ऊर्जा प्रदान की।
- 4. भारत छोड़ो आंदोलन और आजाद हिंद फौज दोनों ने मिलकर ब्रिटिश साम्राज्य की नींव को हिला दिया था, तथा वर्ष 1945 के अंत में लाल किले (Red Fort Trials) में INA के अधिकारियों—शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरदयाल सिंह ढिल्लों—पर चले मुकदमे के दौरान देश में अभूतपूर्व राष्ट्रवादी एकता देखने को मिली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस (INA) से जुड़े सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान ब्रिटिश दमन के बावजूद बलिया, ताम्रलि्क और सतारा में सफल समानांतर सरकारें स्थापित हुई थीं। इसके अलावा, कैप्टन मोहन सिंह और रास बिहारी बोस के प्रयासों से आजाद हिंद फौज की परिकल्पना व गठन हुआ था, जिसे बाद में सिंगापुर में सुभाष चंद्र बोस ने पुनर्गठित किया। लाल किले के मुकदमों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक नया मोड़ दिया था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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ऋग्वैदिक कालीन राजनीतिक संगठन और सामाजिक व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में 'विदथ' आर्यों की सबसे प्राचीन संस्था थी, जिसका प्रयोग धार्मिक, आर्थिक और सैन्य कार्यों के साथ-साथ विचार-विमर्श के लिए भी किया जाता था, और इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी होती थी।
2. राजा का पद वंशानुगत होने के बावजूद, 'सभा' और 'समिति' जैसी संस्थाएं राजा की निरंकुशता पर नियंत्रण रखती थीं, जहाँ 'समिति' में आम जन (विश) के लोग भाग लेते थे और यह राजा के निर्वाचन या उसकी सत्ता की पुष्टि करने का अधिकार रखती थी।
3. इस काल में समाज स्पष्ट रूप से कठोर वर्ण व्यवस्था पर आधारित था, जहाँ जन्म के आधार पर शूद्रों को अछूत माना जाता था और पुरोहित वर्ग (ब्राह्मण) को समाज में सर्वोच्च आर्थिक व राजनीतिक विशेषाधिकार प्राप्त थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस तथा आजाद हिंद फौज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उषा मेहता ने गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' (Congress Radio) का संचालन किया था, जिसके माध्यम से भूमिगत नेताओं के संदेश और ब्रिटिश दमन की खबरें प्रसारित की जाती थीं।
2. सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में 'अस्थायी आजाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की थी, जिसे जापान, जर्मनी और इटली सहित कुल नौ देशों की सरकारों ने आधिकारिक मान्यता दी थी।
3. आजाद हिंद फौज के सैनिकों ने मार्च 1944 में भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश कर मणिपुर के मोइरांग क्षेत्र में पहली बार स्वतंत्र भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
4. भारत छोड़ो आंदोलन के तुरंत बाद वायसराय लॉर्ड वेवेल ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए शिमला सम्मेलन (1945) बुलाया था, जिसमें सुभाष चंद्र बोस को भी आजाद हिंद फौज के प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक, आर्थिक और सैन्य सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में पहली बार शुद्ध अरबी के सिक्के—चांदी का 'टका' और तांबे का 'जीतल'—प्रचलित किए, तथा प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए 'तुर्कान-ए-चहलगानी' (चालीस गुलाम सरदारों का दल) का गठन किया।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने साम्राज्य की आर्थिक स्थिति पर नियंत्रण रखने और बड़ी स्थायी सेना के रखरखाव के लिए बाजार नियंत्रण प्रणाली लागू की, जिसके तहत 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' जैसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई तथा नगद वेतन के स्थान पर भूमि अनुदान (इकता) प्रथा को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया।
3. फिरोजशाह तुगलक ने किसानों के आर्थिक कल्याण के लिए कृषि विभाग 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना की और सिंचाई की सुविधा के लिए अनेक नहरों का निर्माण कराया, साथ ही शरियत के विरुद्ध वसूले जाने वाले 24 प्रकार के कष्टदायक करों को समाप्त कर केवल चार प्रकार के वैध कर—खराज, जकात, जिजिया और खुम्स—ही रखे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के गोवालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश प्रशासन ने 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिसके फलस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह नेतृत्वहीन हो गया और इसमें आम जनता की कोई सक्रिय भागीदारी नहीं देखी गई।
2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1941 में जर्मनी पहुँचकर 'फ्री इंडिया सेंटर' (Free India Center) की स्थापना की और बर्लिन रेडियो से भारतीयों को संबोधित करते हुए पहली बार 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर महात्मा गांधी को संबोधित किया था।
3. बैंकॉक सम्मेलन (1942) के उपरांत रास बिहारी बोस के प्रयासों से 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' की स्थापना हुई, और वर्ष 1943 में सिंगापुर में सुभाष चंद्र बोस ने 'अस्थायी सरकार - आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की घोषणा की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और सामाजिक-आर्थिक विशिष्टताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पाकालीन नगरों में सामान्यतः 'ग्रिड पद्धति' (Grid System) का अनुसरण किया जाता था, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और नगर दो या अधिक भागों (पश्चिमी दुर्ग और पूर्वी टीला) में विभाजित थे, किंतु अपवादस्वरूप 'धोलावीरा' नगर तीन भागों (किला, मध्यम नगर और निचला नगर) में विभाजित था और यहाँ अद्वितीय जल प्रबंधन प्रणाली के साक्ष्य मिले हैं।
2. लोथल और चान्हूदो दोनों ही सिंधु सभ्यता के प्रमुख औद्योगिक नगर थे, जहाँ मनके बनाने के कारखाने (Bead-making factories) पाए गए हैं, किंतु लोथल में कृत्रिम गोदीबाड़ा (Dockyard) के साक्ष्य मिलते हैं जबकि चान्हूदो एकमात्र ऐसा स्थल था जो बिना दुर्ग (Fortification) के बसा हुआ एक पूर्णतः शिल्प-उत्पादन केंद्र था।
3. सिंधु घाटी सभ्यता की मुहरों (Seals) पर सबसे अधिक उत्कीर्ण पशु 'एकसृंगीय जानवर' (Unicorn) है, तथा इस सभ्यता में लोहे और घोड़े के प्रयोग के स्पष्ट, व्यापक और निर्विवाद पुरातात्विक साक्ष्य सभी प्रमुख परिपक्व स्थलों से प्राप्त होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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