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History of India
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19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में स्थापित सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापकों/नेतृत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. सत्यशोधक समाज (1873) — ज्योतिराव फुले
- 2. देव समाज (1887) — शिव नारायण अग्निहोत्री
- 3. सेवा सदन (1885) — रामाबाई राडे
- 4.
धर्म सभा (1830) — राधाकांत देव उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 सही है क्योंकि सत्यशोधक समाज की स्थापना 1873 में ज्योतिराव फुले द्वारा शूद्रों और अतिशूद्रों के अधिकारों के लिए की गई थी। युग्म 2 सही है, देव समाज की स्थापना 1887 में लाहौर में शिव नारायण अग्निहोत्री द्वारा की गई थी। युग्म 3 गलत है क्योंकि 'सेवा सदन' की स्थापना मुंबई में 1908 में बी.एम. मलाबारी और दयाराम गिदुमल द्वारा की गई थी, जबकि पंडिता रमाबाई ने 'आर्य महिला समाज' की स्थापना की थी। युग्म 4 सही है, राजा राममोहन राय के ब्रह्म समाज के विचारों का विरोध करने के लिए रूढ़िवादी हिंदुओं द्वारा 1830 में राधाकांत देव ने 'धर्म सभा' की स्थापना की थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं को भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने का अधिकार नहीं दिया गया था, बल्कि इन दोनों प्रांतों के विभाजन का निर्णय ब्रिटिश संसद द्वारा सीधे लंदन से लिया गया था।
2. इस योजना के अनुसार ब्रिटिश भारत के लिए प्रस्तावित सत्ता हस्तांतरण की तिथि 15 अगस्त 1947 निर्धारित की गई थी, तथा भारत और पाकिस्तान दोनों डोमिनियन के लिए संविधान सभाओं को उनके अपने संप्रभु संविधान के निर्माण हेतु पूर्ण विधायी संप्रभुता प्रदान की गई थी।
3. रियासतों (Princely States) के संबंध में माउंटबेटन योजना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि ब्रिटिश सर्वोपरित्ता (Paramountcy) की समाप्ति के पश्चात सभी रियासतें कानूनी रूप से स्वतंत्र हो जाएंगी और वे भौगोलिक निरंतरता के आधार पर या तो भारत में, या पाकिस्तान में, अथवा एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र होंगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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1857 के महान विद्रोह के विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश सेना द्वारा विद्रोह के दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - सर कॉलिन कैंपबेल
3. कानपुर - मेजर जनरल हैवलॉक
4. झाँसी - जेम्स आउट्राम
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुट्ठ निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें मगध, वत्स, अवंती और कोसल प्रमुख शक्तिशाली राजतंत्र थे, जबकि वज्जी और मल्ला संघ प्रणाली (गसंघ) पर आधारित थे।
2. मगध साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पाँच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण प्राकृतिक रूप से अत्यंत सुरक्षित थी, और बाद में रणनीतिक व व्यावसायिक दृष्टिकोण से अधिक महत्वपूर्ण होने के कारण पाटलिपुत्र को इसकी राजधानी बनाया गया।
3. बिम्बिसार (श्रेणिक) ने अपने साम्राज्य के विस्तार के लिए आक्रामक सैन्य विजयों के साथ-साथ वैवाहिक संधियों की नीति अपनाई, जिसके तहत उसने कौशल, मद्र और लिच्छवि राजवंशों की राजकुमारियों से विवाह कर अपनी स्थिति मजबूत की थी।
4. मगध के उत्कर्ष में उसके प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों का भी विशेष योगदान था, जिसमें इस क्षेत्र में भारी मात्रा में उपलब्ध तांबे के खदानों ने मगध की सेना को उन्नत अस्त्र-शस्त्र से लैस करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में ब्रिटिश सेना द्वारा विद्रोह के दमन और संबंधित नेतृत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था, और अंततः ब्रिटिश सेनापति जनरल कैंपबेल ने इस क्षेत्र में अत्यधिक क्रूरता के साथ विद्रोह का दमन किया।
2. बरेली में खान बहादुर खान ने रोहिलखंड क्षेत्र में विद्रोह का नेतृत्व किया और स्वयं को नवाब घोषित किया, किंतु बाद में ब्रिटिश कमिश्नर सर कॉलिन कैंपबेल और जनरल जोन्स के संयुक्त अभियानों द्वारा इस विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया गया और खान बहादुर खान को फांसी दे दी गई।
3. इलाहाबाद (प्रयाग) में लियाकत अली ने मौलानाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर कमान संभाली, किंतु कर्नल नील (Colonel Neill) ने अत्यधिक निर्दयता से इस विद्रोह को दबा दिया तथा लियाकत अली को पराजित कर शहर पर पुनः अधिकार कर लिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था और राजकोषीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार, केंद्रीय प्रशासन में सर्वोच्च नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी 'तीर्थ' या 'महामात्र' कहलाते थे, जिनकी संख्या अट्ठारह थी; इनमें 'समाहर्त्ता' राजस्व के संग्रहण और आय-व्यय के मुख्य नियंत्रक के रूप में कार्य करता था, जबकि 'सन्निधातृ' राजकीय कोषागार और भण्डारगृह का मुख्य संरक्षक होता था।
2. अशोक के शिलालेखों और यूनानी विवरणों के अनुसार, मौर्य काल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित था — तक्षशिला, सुवर्णगिरि, उज्जैन और तोसली, तथा इन प्रांतों का शासन सीधे सम्राट द्वारा नियुक्त साधारण अमत्यों द्वारा चलाया जाता था, जिसमें शाही राजवंश के राजकुमारों (कुमार/आर्यपुत्र) की नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं था।
3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार, पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था, जो छह समितियों में विभाजित थी और प्रत्येक समिति में पाँच सदस्य होते थे; यह परिषद उद्योग-धंधों, विदेशी यात्रियों की देखरेख, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और बिक्री मूल्य के दसवें भाग के रूप में कर-संग्रह जैसे कार्यों का निर्वहन करती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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