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History of India
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ऋग्वैदिक काल और उत्तर-वैदिक काल के धार्मिक जीवन, संस्कारों तथा दार्शनिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऋग्वैदिक काल में प्रकृति की शक्तियों का मानवीकरण कर अनेक देवी-देवताओं की कल्पना की गई थी, जिनमें इंद्र को 'पुरंदर' (किले तोड़ने वाला) माना गया तथा अग्नि को मनुष्य और देवताओं के बीच मध्यस्थ के रूप में पूजा जाता था।
- 2. ऋग्वैदिक काल में मूर्तिपूजा का प्रचलन बड़े पैमाने पर था और प्रत्येक कबीले के लिए मंदिरों का निर्माण अनिवार्य रूप से किया जाता था, जहाँ देवताओं की भव्य प्रतिमाएँ स्थापित की जाती थीं।
- 3. उत्तर-वैदिक काल में ऋग्वैदिक काल के प्रमुख देवताओं (इंद्र और अग्नि) का महत्व कम हो गया, और उनके स्थान पर प्रजापति (सृष्टिकर्ता), रुद्र (शिव) और विष्णु सर्वोच्च देवताओं के रूप में स्थापित हो गए।
- 4. उत्तर-वैदिक काल के अंतिम चरण में रची गई उपनिषदों में कर्मकांड और यज्ञीय अनुष्ठानों की कठोरता का समर्थन करते हुए मोक्ष प्राप्ति का एकमात्र साधन केवल अश्वमेघ और राजसूय यज्ञों को ही बताया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ऋग्वैदिक काल में लोग प्रकृति की शक्तियों की पूजा करते थे और मूर्तिपूजा या मंदिरों का कोई साक्ष्य नहीं मिलता है; देवता अमानवीय रूपों में पूजे जाते थे, इसलिए कथन 2 गलत है। उपनिषदों में कर्मकांडों और यज्ञों की कठोरता की आलोचना की गई है और ज्ञान तथा आत्मविद्या (ब्रह्मविद्या) को मोक्ष का साधन बताया गया है, इसलिए कथन 4 गलत है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947 योजना) के तहत ब्रिटिश भारत के विभाजन का प्रस्ताव रखा गया था, जिसके अंतर्गत बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में यह निर्णय लिया जाना था कि क्या इन प्रांतों का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' (Indian Independence Act 1947) के प्रावधानों के अनुसार 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominions) की स्थापना की गई, जिन्हें ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से अलग होने का पूर्ण अधिकार दिया गया था।
3. पंजाब और बंगाल में सीमाओं के निर्धारण के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के ठीक पूर्व अपनी अंतिम सीमा रेखा की रिपोर्ट प्रकाशित कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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अकबर के काल में मुगल चित्रकला पर किस विदेशी कला का गहरा प्रभाव पड़ा?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश सेना के विभिन्न सैन्य अधिकारियों और उनके द्वारा विद्रोह को दबाने से संबंधित क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन और हडसन
2. कानपुर - कॉलिन कैंपबेल और हैवलॉक
3. लखनऊ - जेम्स आउट्राम और हेनरी लॉरेंस
4. झांसी - सर ह्यूरोज
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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औरंगजेब ने "संगीत के जनाजे" के बाद भी किस वाद्य यंत्र को अपना व्यक्तिगत शौक बनाए रखा?
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महात्मा गांधी के प्रारंभिक भारतीय आंदोलनों—विशेषकर चंपारण सत्याग्रह (1917), खेड़ा सत्याग्रह (1918) तथा अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918)—के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान, जहाँ यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा किसानों पर 'तिनकाठिया' प्रणाली थोपी गई थी, वहीं गांधीजी के इस आंदोलन की सफलता से प्रभावित होकर रविन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हें 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था।
2. खेड़ा सत्याग्रह में फसल बर्बाद होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा लगान वसूली पर अड़े रहने के कारण गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने (no-tax campaign) का स्पष्ट निर्देश दिया था और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल गांधीजी के संपर्क में आए थे।
3. अहमदाबाद मिल हड़ताल के दौरान गांधीजी ने प्लेग बोनस को लेकर मिल मालिकों और मजदूरों के बीच मध्यस्थता करते हुए पहली बार भारत में भूख हड़ताल (Hunger strike) का सफल हथियार के रूप में प्रयोग किया था, जिसके परिणामस्वरूप मजदूरों को 50 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्राप्त हुई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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