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History of India
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जून 1947 की माउंटबेटन योजना तथा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. माउंटबेटन योजना (3 जून योजना) के तहत भारत के विभाजन को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया गया था और इसके अंतर्गत पंजाब तथा बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों को अपनी-अपनी विधानसभाओं के विभाजन के पक्ष में मतदान करने का विकल्प दिया गया था।
  2. 2. ब्रिटिश भारत की रियासतों के संदर्भ में इस योजना में यह प्रावधान किया गया था कि वे या तो भारत डोमिनियन या पाकिस्तान डोमिनियन में शामिल हो सकती हैं, अथवा वे अपने लिए एक स्वतंत्र और संप्रभु अस्तित्व बनाए रखने का पूर्ण अधिकार रखती हैं, जिससे उन्हें किसी भी डोमिनियन में शामिल होना अनिवार्य नहीं था।
  3. 3. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में यह निर्णय लिया गया कि वहाँ का भविष्य तय करने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप NWFP के जनमत संग्रह में खान अब्दुल गफ्फार खान की अगुवाई में 'खुदाई खिदमतगार' संगठन ने पाकिस्तान में शामिल होने का खुलकर समर्थन किया था।
  4. 4. ब्रिटिश संसद द्वारा जुलाई 1947 में पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के द्वारा 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ, तथा दोनों डोमिनियंस के लिए गवर्नर-जनरल के पद का सृजन किया गया, जिसके तहत लॉर्ड माउंटबेटन को दोनों नए देशों का संयुक्त रूप से पहला गवर्नर-जनरल नियुक्त किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

उपर्युक्त कथनों में कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 और 4 असत्य हैं। कथन 3 इसलिए गलत है क्योंकि उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) के जनमत संग्रह में खान अब्दुल गफ्फार खान और उनके संगठन 'खुदाई खिदमतगार' ने इस जनमत संग्रह का पूर्ण बहिष्कार किया था, जिससे वहाँ पाकिस्तान के पक्ष में मतदान का मार्ग आसान हो गया था। कथन 4 इसलिए गलत है क्योंकि लॉर्ड माउंटबेटन केवल स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने थे, जबकि पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर-जनरल के रूप में मोहम्मद अली जिन्ना ने शपथ ली थी। माउंटबेटन योजना के तहत भारतीय स्वतंत्रता और विभाजन से जुड़ी रूपरेखा तैयार की गई थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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