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General Science
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विशिष्ट ऊष्मा क्षमता (Specific Heat Capacity) और ऊष्मागतिकी के विभिन्न तापमान पैमानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. जल की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता अत्यधिक उच्च होने के कारण यह एक उत्कृष्ट शीतलक (Coolant) के रूप में कार्य करता है, जिसका अर्थ है कि यह न्यूनतम तापमान परिवर्तन के साथ बड़ी मात्रा में ऊष्मा को अवशोषित या विमुक्त कर सकता है।
  2. 2. केल्विन पैमाने पर व्यक्त किया जाने वाला तापमान निरपेक्ष तापमान (Absolute temperature) कहलाता है, और इस पैमाने पर 'त्रिक बिंदु' (Triple point) वह स्थिति है जहाँ जल की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) तापीय साम्यावस्था में सह-अस्तित्व में रहती हैं।
  3. 3. रुद्धोष्म प्रक्रिया (Adiabatic process) के दौरान निकाय और परिवेश के बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान हो सकता है, बशर्ते कि निकाय की कुल आंतरिक ऊर्जा नियत बनी रहे।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि जल की विशिष्ट ऊष्मा क्षमता बहुत अधिक होती है, जिससे यह विभिन्न औद्योगिक और जैविक प्रणालियों में एक प्रभावी शीतलक के रूप में कार्य करता है। कथन 2 सही है; ऊष्मागतिकी में केल्विन पैमाना एक निरपेक्ष पैमाना है और जल का त्रिक बिंदु (Triple point) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर जल की तीनों अवस्थाएं साम्य में होती हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'रुद्धोष्म प्रक्रिया' (Adiabatic process) वह thermodynamic प्रक्रम है जिसमें निकाय और उसके परिवेश के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान ($Q = 0$) नहीं होता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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