त्वरित लिंक्स
General Science
20 views
पदार्थ के सामान्य गुणों (पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज का सिद्धांत) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) उस बल के रूप में परिभाषित होता है जो द्रव के पृष्ठ पर खींची गई काल्पनिक रेखा की एकांक लंबाई पर लंबवत कार्य करता है, और तापमान बढ़ने के साथ अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है क्योंकि तापमान बढ़ने से अणुओं की उष्मीय ऊर्जा बढ़ती है और उनके बीच का संसंजक बल (Cohesive force) कमजोर हो जाता है।
- 2. 'श्यानता' (Viscosity) द्रवों का वह आंतरिक गुण है जिसके कारण द्रव की विभिन्न परतें अपनी आपेक्षिक गति का विरोध करती हैं, और गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ जाती है।
- 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब कोई वस्तु किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोई जाती है, तो वह अपने द्वारा हटाए गए तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और इस बल का केंद्र हटाए गए तरल के आयतन के गुरुत्व केंद्र पर कार्य करता है जिसे 'उत्प्लावन केंद्र' (Centre of buoyancy) कहा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पृष्ठ तनाव अणुओं के बीच लगने वाले संसंजक बलों के कारण होता है और तापमान बढ़ने पर उष्मीय ऊर्जा बढ़ने से यह कम हो जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है (क्योंकि उच्च ताप पर अणुओं का वेग और संवेग स्थानांतरण बढ़ता है), जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घटती है। कथन 3 पूरी तरह सही है, जिसमें आर्किमिडीज के सिद्धांत और उत्प्लावन केंद्र की भौतिक अवधारणा को स्पष्ट किया गया है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
पादप जगत के वर्गीकरण और पादप कार्यिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रकाश संश्लेषण की 'प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया' (Light Reaction) हरित लवक के ग्रेना (थाइलाकोइड) में संपन्न होती है, जहाँ जल के प्रकाशीय अपघटन से ऑक्सीजन, प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन मुक्त होते हैं, जबकि केल्विन चक्र (C3 चक्र) स्ट्रोमा में होता है।
2. 'जिब्रेलिन' एक ऐसा पादप हॉर्मोन है जो आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में पर्वसंधि (Internode) की लंबाई को बढ़ाकर तने के दीर्घीकरण को प्रेरित करता है तथा बीजों की प्रसुप्ति (Dormancy) को तोड़कर अंकुरण में सहायता करता है।
3. जिम्नोस्पर्म (अनावृतबीजी) पौधों में बीज आवरण से ढके होते हैं और इनमें संवहन ऊतक (ज़ाइलम और फ्लोएम) अनुपस्थित होते हैं, जो इन्हें ब्रायोफाइट्स से अलग करते हैं।
4. 'एब्सिसिक अम्ल' (ABA) को 'तनाव हॉर्मोन' कहा जाता है, जो प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों जैसे जल की कमी के दौरान पर्णरंध्रों (Stomata) को बंद करने और बीज की प्रसुप्ति को बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
भौतिक राशियों की विमाओं और व्युत्पन्न मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (Universal Gravitational Constant) का विमीय सूत्र $[M^{-1}L^3T^{-2}]$ होता है, और इसका एसआई (SI) मात्रक $ ext{N m}^2 ext{kg}^{-2}$ है।
2. पृष्ठ तनाव (Surface tension) का विमीय सूत्र बल और लंबाई के अनुपात से प्राप्त होता है, जो कि $[ML^0T^{-2}]$ के रूप में व्यक्त किया जाता है तथा इसका मात्रक $ ext{N m}^{-1}$ होता है।
3. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, और जब इसे मूल इकाइयों में व्यक्त किया जाता है, तो यह $ ext{kg m}^{-1} ext{s}^{-1}$ के तुल्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
मानव पोषण में विटामिन और उनके सह-एंजाइमी रूपों तथा रासायनिक नाम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विटामिन B$_1$ (थायमिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थायमिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुविक एसिड के ऑक्सीडेटिव डिकार्बोक्सिलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. विटामिन B$_3$ (नियासिन) 'निकोटिनामाइड एडेनिन डाइब्यूक्लियोटाइड' (NAD$^+$) और NADP$^+$ का एक आवश्यक घटक है, जिसकी कमी से 'पेलग्रा' (Pellagra) रोग होता है, जिसे '3D रोग' (डर्मेटाइटिस, डायरिया और डिमेंशिया) के रूप में जाना जाता है।
3. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) एक जल-विलेय विटामिन है जो शरीर में कोलेजन प्रोटीन के हाइड्रॉक्सिलेशन के लिए आवश्यक होता है, और इसकी गंभीर कमी से 'स्कर्वी' रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से रक्तस्राव और घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
4. विटामिन B$_{12}$ (सायानोकोबालामिन) यकृत में संचित होने वाला एकमात्र जल-विलेय विटामिन है, जिसमें कोबाल्ट धातु आयन पाया जाता है और इसकी कमी से 'परनीसियस एनीमिया' (Pernicious anemia) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
उपग्रहों की गति और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल ऊर्जा (यांत्रिक ऊर्जा) ऋणात्मक होती है, जो उसकी गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग होती है, और यह ऋणात्मक मान इस बात का प्रतीक है कि उपग्रह पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण रूप से बंधा हुआ है।
2. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) की कक्षीय चाल ध्रुवीय उपग्रहों की तुलना में अधिक होती है, क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह को पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थापित किया जाता है और इसका परिक्रमण काल ठीक 24 घंटे होता है।
3. भारहीनता (Weightlessness) की स्थिति में अंतरिक्ष यान के भीतर किसी वस्तु का आभासी भार शून्य होता है, क्योंकि अंतरिक्ष यान और उसमें स्थित वस्तु दोनों ही पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र के अधीन समान त्वरण से मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होते हैं।
4. पलायन वेग ($v_e$) का मान पिंड के द्रव्यमान पर निर्भर करता है, अर्थात अधिक द्रव्यमान वाले उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर भेजने के लिए कम पलायन वेग की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
→
मानव शरीर में होने वाले ऑटोइम्यून (स्वप्रतिरक्षी) रोगों और उनके रोग-शारीरिक (Pathophysiological) तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हाशीमोटो थायरॉयडाइटिस' (Hashimoto's thyroiditis) एक स्वप्रतिरक्षी विकार है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली थायरोग्लोबुलिन और थायराइड पेरोक्साइड एंजाइम के विरुद्ध एंटीबॉडी का उत्पादन करती है, जिससे क्रोनिक लिम्फैटिक थायरॉयडाइटिस और अंततः हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism) की स्थिति उत्पन्न होती है।
2. 'मायस्थेनिया ग्रेविस' (Myasthenia gravis) तंत्रिका-पेशी जंक्शन (Neuromuscular junction) को प्रभावित करने वाला एक विकार है, जिसमें एसिटylकोलाइन रिसेप्टर्स के विरुद्ध एंटीबॉडी उत्पन्न हो जाती हैं, जिससे कंकाल पेशियों में संकुचन का संचरण बाधित होता है और गंभीर पेशीय थकान (Muscle fatigue) होती है।
3. 'रूमेटाइड आर्थराइटिस' (Rheumatoid arthritis) एक प्रणालीगत ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें मुख्य रूप से लिम्फोसाइट्स और मैक्रोफेज साइनोवियल झिल्ली पर आक्रमण करते हैं, और यह रोग केवल अस्थिसंधियों (Joints) तक सीमित रहता है, इसका रक्त वाहिकाओं, फेफड़ों या अन्य अंगों पर कोई प्रणालीगत प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.