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General Science
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आवर्त सारणी और तत्वों के रासायनिक गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी परमाणु की 'विद्युतऋणात्मकता' (Electronegativity) एक आवर्ती गुण है जो किसी सहसंयोजक बंध में बंधे इलेक्ट्रॉन युग्म को अपनी ओर आकर्षित करने की क्षमता को दर्शाती है, और पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन के बाद ऑक्सीजन की विद्युतऋणात्मकता सबसे अधिक होती है।
  2. 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, जिसका अर्थ है कि किसी विलगित गैसीय परमाणु में इलेक्ट्रॉन के प्रवेश करने पर ऊर्जा सदैव उत्सर्जित ही होती है, चाहे परमाणु का आकार या उसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कुछ भी हो।
  3. 3. आधुनिक आवर्त सारणी में 'संक्रमण तत्व' (Transition elements) d-ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं, जिनमें आंशिक रूप से भरे हुए d-कक्षक होते हैं, और वे परिवर्तनीय संयोजकता (Variable valency) तथा रंगीन आयन बनाने का प्रमुख गुण प्रदर्शित करते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विद्युतऋणात्मकता किसी अणु में सहसंयोजक बंध के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति है, जिसमें पॉलिंग पैमाने पर फ्लोरीन (3.98) के पश्चात ऑक्सीजन (3.44) सर्वाधिक विद्युतऋणात्मक तत्व है। कथन 2 गलत है क्योंकि इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान हमेशा ऋणात्मक नहीं होता है; कुछ तत्वों (जैसे उत्कृष्ट गैसें या नाइट्रोजन) के लिए यह धनात्मक भी हो सकता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन प्रवेश कराने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है। कथन 3 सही है क्योंकि d-ब्लॉक के संक्रमण तत्वों में (n-1)d कक्षक आंशिक रूप से भरे होते हैं, जिससे ये परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाएं और रंगीन यौगिक बनाते हैं। आवर्त सारणी के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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