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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuits) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी चालक का 'विशिष्ट प्रतिरोध' या प्रतिरोधकता (Resistivity) केवल पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करती है, चालक की लंबाई या उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर नहीं।
- 2. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से कम होता है।
- 3. 'किरचॉफ का धारा नियम' (KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि (Junction) पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि किसी चालक की प्रतिरोधकता (Resistivity) उसके पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, उसके आयामों (लंबाई या क्षेत्रफल) पर नहीं। कथन 2 गलत है क्योंकि श्रेणीक्रम (Series) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है, यानी कुल प्रतिरोध बढ़ जाता है। कथन 3 सही है क्योंकि किरचॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ट्रिपैनोसोमा ब्रूसी (Trypanosoma brucei) एक प्रोटोजोआ परजीवी है जो 'त्सेत्से मक्खी' (Tsetse fly) के काटने से मनुष्यों में फैलता है और इसके कारण 'African sleeping sickness' (अफ़्रीकी निद्रा रोग) उत्पन्न होता है।
2. रैबीज एक विषाणु जनित रोग है जो मुख्य रूप से लाइज़ावायरस (Lyssavirus) के कारण होता है, और यह संक्रमित पशुओं (जैसे कुत्ते, चमगादड़) की लार से तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हुए केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुंचता है।
3. विब्रियो कॉलेरा (Vibrio cholerae) एक ग्राम-नेगेटिव, कॉमा-आकार का जीवाणु है जो दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, तथा इसके द्वारा उत्पादित एक्सोटॉक्सिन आंतों की उपकला कोशिकाओं से अत्यधिक मात्रा में जल और इलेक्ट्रोलाइट्स के स्राव को प्रेरित करता है।
4. एलिसा (ELISA) परीक्षण मुख्य रूप से प्राथमिक रूप से 'बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस' की पुष्टि के लिए किया जाने वाला एक मानक नैदानिक परीक्षण है, जबकि एचआईवी संक्रमण के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' को केवल प्रारंभिक स्क्रीनिंग टेस्ट माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative Force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों पर निर्भर करता है, और इस प्रकार के बल के अंतर्गत एक बंद पथ में किया गया कुल कार्य सदैव शून्य होता है।
2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है, और यह प्रमेय केवल संरक्षी बलों के लिए ही मान्य है, असांरक्षी बलों जैसे घर्षण बल के लिए नहीं।
3. जब कोई निकाय प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) से गुजरता है, तो न केवल रैखिक संवेग संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है, बशर्ते इस प्रक्रिया में कोई भी यांत्रिक ऊर्जा ऊष्मा या ध्वनि के रूप में क्षय न हो।
4. अपकेंद्री बल (Centrifugal Force) एक वास्तविक बल है जो जड़त्वीय निर्देश तंत्र (Inertial Frame of Reference) में वृत्ताकार गति कर रहे पिंड पर केंद्र की ओर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भोजन के पाचन के दौरान, अग्न्याशय (Pancreas) द्वारा स्रावित 'ट्रिप्सिनोजेन' (Trypsinogen) आंत में उपस्थित 'एंटेरोकाइनेज' एंजाइम द्वारा सक्रिय ट्रिप्सिन में बदलता है, जो प्रोटीन को प्रोटीज और पेप्टोन में तोड़ता है।
2. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary circulation) में, ऑक्सीजन-विहीन (Deoxygenated) रक्त दाएँ निलय से फुफ्फुसीय धमनी के माध्यम से फेफड़ों में जाता है, जहाँ गैसीय विनिमय 'एल्विओलाई' (Alveoli) की पतली झिल्ली के पार विसरण द्वारा होता है।
3. तंत्रिका तंत्र में 'क्रिया विभव' (Action Potential) के संचरण के दौरान, जब अक्षतंतु (Axon) का विक्रुवीकरण (Depolarization) होता है, तो वोल्टेज-संवेदनशील सोडियम चैनल खुल जाते हैं और $Na^+$ आयन तेजी से कोशिका के भीतर प्रवेश करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के नियम के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, चयन, जीन प्रवाह (Gene flow) और आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) जैसी विकासात्मक शक्तियां प्रभावी न हों।
2. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) के सिद्धांत को वीजमैन (August Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसके अनुसार शरीर की दैहिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत नहीं होते हैं।
3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के डार्विनियन सिद्धांत में औद्योगिक वर्णकता (Industrial Melanism) का क्लासिक उदाहरण 'बिस्टन बेथुलेरिया' (Peppered moth) कीट पर आधारित है, जो 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) का एक उत्कृष्ट प्रमाण प्रस्तुत करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) और अनुप्रस्थ तरंगों (Transverse waves) की गति एवं विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी ठोस माध्यम में अनुप्रस्थ तरंगें और अनुदैर्ध्य तरंगें दोनों संचालित हो सकती हैं, क्योंकि ठोस माध्यमों में प्रत्यास्थता के साथ-साथ कठोरता (Shear modulus) का गुण भी विद्यमान होता है।
2. जब कोई ध्वनि तरंग (जो कि एक अनुदैर्ध्य तरंग है) वायु से जल में प्रवेश करती है, तो उसकी आवृत्ति अपरिवर्तित रहती है, किंतु तरंगदैर्ध्य और वेग दोनों के मान में आनुपातिक रूप से वृद्धि हो जाती है।
3. लाप्लास द्वारा न्यूटन के ध्वनि की चाल के सूत्र में किए गए संशोधन के अनुसार, वायु में ध्वनि का संचरण एक रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रिया है, क्योंकि संपीडन और विरलन की प्रक्रिया इतनी तीव्र होती है कि उत्पन्न होने वाली ऊष्मा परिवेश में स्थानांतरित नहीं हो पाती है।
4. डॉप्लर प्रभाव के अनुसार, जब ध्वनि स्रोत और श्रोता दोनों एक ही दिशा में समान चाल से गति करते हैं, तो श्रोता द्वारा सुनी जाने वाली आभासी आवृत्ति में कोई परिवर्तन नहीं होता है और वह वास्तविक आवृत्ति के बराबर ही रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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