BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
1 views

आनुवंशिकी और जैव विकास (Genetics and Evolution) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हार्डी-वीनबर्ग संतुलन (Hardy-Weinberg Equilibrium) के नियम के अनुसार, एक बड़े यादृच्छिक रूप से संभोग करने वाले जनसंख्या में एलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं, बशर्ते उस पर उत्परिवर्तन, चयन, जीन प्रवाह (Gene flow) और आनुवंशिक अपवाह (Genetic drift) जैसी विकासात्मक शक्तियां प्रभावी न हों।
  2. 2. लामार्कवाद (Lamarckism) के 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of Acquired Characters) के सिद्धांत को वीजमैन (August Weismann) के 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Continuity of Germplasm) ने पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिसके अनुसार शरीर की दैहिक कोशिकाओं (Somatic cells) में होने वाले परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत नहीं होते हैं।
  3. 3. प्राकृतिक चयन (Natural Selection) के डार्विनियन सिद्धांत में औद्योगिक वर्णकता (Industrial Melanism) का क्लासिक उदाहरण 'बिस्टन बेथुलेरिया' (Peppered moth) कीट पर आधारित है, जो 'दिशात्मक चयन' (Directional selection) का एक उत्कृष्ट प्रमाण प्रस्तुत करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। हार्डी-वीनबर्ग सिद्धांत यह बताता है कि आदर्श स्थितियों में जनसंख्या की जीन आवृत्तियाँ स्थिर रहती हैं। अगस्त वीजमैन ने चूहों की पूंछ काटकर प्रयोग द्वारा यह सिद्ध किया कि दैहिक परिवर्तनों की वंशागति नहीं होती, जिससे जननद्रव्य का सिद्धांत प्रतिपादित हुआ। इसके अलावा, औद्योगिक क्रांति के दौरान 'बिस्टन बेथुलेरिया' (Peppered moth) में होने वाला परिवर्तन विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्राकृतिक चयन और दिशात्मक चयन का सबसे सटीक प्रमाण माना जाता है।
Share:

Related Questions

भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. पारsec (Parsec) - खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी इकाई, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है। 2. पास्कल सेकंड (Pascal-second) - तरल पदार्थों की श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की SI इकाई है। 3. प्रकाश वर्ष (Light-year) - समय मापने की एक इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांडीय आयु की गणना के लिए किया जाता है। 4. बार (Bar) - वायुमंडलीय दाब को मापने की इकाई है, जो 10^5 पास्कल के समतुल्य होती है। उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? ऊर्जा संरक्षण का नियम क्या है? कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है? आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) और उनके रासायनिक व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि होती है, जिसके कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि ऑक्सीजन की तुलना में नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $2p$ कक्षकों का अतिरिक्त स्थायित्व पाया जाता है। 2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान सभी तत्वों के लिए हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर हमेशा ऊर्जा का उत्सर्जन ही होता है, चाहे उस परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास या आकार कुछ भी हो। 3. हैलोजन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में अधिक (अधिक ऋणात्मक) होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है जिसके कारण अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक बल का मान कम हो जाता है। 4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid contraction) के कारण $5d$ श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे हाफ्नियम, $Hf$) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित $4d$ श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, $Zr$) के लगभग बराबर हो जाती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? मानव शरीर में जैविक अणुओं और सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपापचय तथा उनकी रासायनिक भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पाइरिडॉक्सिन (विटामिन $B_6$) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'पाइरिडॉक्सल फॉस्फेट' (PLP) अमीनो अम्लों के ट्रांसमिनेशन, डीकार्बोक्सिलेशन और रासेमीकरण जैसी प्रतिक्रियाओं के लिए अनिवार्य रूप से उत्तरदायी होता है। 2. साइनोकोबलामिन (विटामिन $B_{12}$) में कोबाल्ट धातु आयन कोरिन रिंग प्रणाली के केंद्र में स्थित होता है, और यह मुख्य रूप से मेथिलीन-टेट्राहाइड्रोफोलेट रिडक्टेस के साथ मिलकर डीएनए संश्लेषण के लिए आवश्यक थाइमीडिलाइट सिंथेस को सीधे उत्प्रेरित करता है। 3. एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन $C$) कोलेजन तंतुओं के हाइड्रॉक्सीलेशन (प्रोलिन और लाइसिन अवशेषों के) के लिए आवश्यक प्रोलील हाइड्रॉक्सीलेज़ एंजाइम में उपस्थित आयरन ($Fe^{2+}$) को अपचयनित अवस्था में बनाए रखने वाला एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। 4. बायोटिन (विटामिन $B_7$) विभिन्न कार्बोक्सिलेज एंजाइमों (जैसे एसिटाइल-CoA कार्बोक्सिलेज) के लिए एक सह-एंजाइम के रूप में कार्य करता है, जो एटीपी-निर्भर प्रतिक्रियाओं में बाइकार्बोनेट आयन ($HCO_3^-$) के स्थानांतरण और कार्बन डाइऑक्साइड के स्थिरीकरण को सुगम बनाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.