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General Science
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मानव शरीर में होने वाले संक्रामक रोगों और उनके रोगकारकों (Pathogens) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'खसरा' (Measles) एक अत्यधिक संक्रामक विषाणु जनित रोग है जो पैरामिक्सोविराइडै (Paramyxoviridae) कुल के आरएनए वायरस के कारण होता है और इसमें रोगी के शरीर पर विशिष्ट चकत्ते तथा कोप्लिक धब्बे (Koplik spots) दिखाई देते हैं।
- 2. 'मर्बर्ग वायरस रोग' (Marburg Virus Disease) एक दुर्लभ लेकिन घातक रक्तस्रावी बुखार है, जो फिलोविराइडै (Filoviridae) परिवार के विषाणु के कारण होता है और इसका प्राकृतिक संवाहक चमगादड़ (Rousettus aegyptiacus) हैं।
- 3. 'सिफिलिस' (Syphilis) एक जीवाणु जनित यौन संचारित संक्रमण है जो 'ट्रेपोनेमा पैलिडम' (Treponema pallidum) नामक स्पाइरोकीट जीवाणु के कारण होता है, जिसका उपचार मुख्य रूप से पेनिसिलिन जैसे प्रतिजैविकों द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। खसरा (Measles) एक गंभीर विषाणु जनित संक्रमण है जो आरएनए वायरस के कारण फैलता है। इसके निदान में मुँह के अंदर पाए जाने वाले 'कोप्लिक स्पॉट' एक प्रमुख नैदानिक लक्षण हैं। मार्बर्ग वायरस इबोला परिवार (Filoviridae) से संबंधित एक तीव्र रक्तस्रावी बुखार है, जिसके प्राकृतिक पोषक फल खाने वाले चमगादड़ हैं। सिफिलिस एक प्रसिद्ध जीवाणु जनित यौन संचारित रोग है जो ट्रेपोनेमा पैलिडम (Treponema pallidum) नामक जीवाणु से होता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र और श्वसन तंत्र के समन्वय तथा गैसों के परिवहन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान, ऑक्सीजन आंशिक दाब (Partial Pressure) के अंतर के कारण कूपिकाओं (Alveoli) से रक्त में विसरित होती है, जहाँ हीमोग्लोबिन के साथ इसका संयोजन एक उत्क्रमणीय प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से उच्च तापमान और कम pH (बोर प्रभाव) द्वारा अनुकूलित होती है।
2. रक्त द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन मुख्य रूप से प्लाज्मा में बाइकार्बोनेट आयनों ($HCO_3^-$) के रूप में होता है, और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के भीतर इस परिवर्तन को तीव्र करने के लिए 'कार्बोनिक एनहाइड्रैज' एंजाइम उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है।
3. सिस्टमिक केशिकाओं (Systemic capillaries) के स्तर पर, जहाँ ऊतकों में $CO_2$ का आंशिक दाब उच्च और $O_2$ का आंशिक दाब कम होता है, हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन का वियोजन बढ़ जाता है, जिसे 'हॉल्डेन प्रभाव' (Haldane effect) कहा जाता है।
4. मानव हृदय का पेसमेकर (SA Node) दाएँ आलिंद की ऊपरी दीवार पर स्थित होता है, जो स्वतः उत्तेजित होने की क्षमता रखता है और हृदय पेशियों में विद्युत आवेगों के प्रसार द्वारा कार्डियक साइकिल को नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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सोने की शुद्धता किसमें मापते हैं?
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परमाणु की संरचना?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuit) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता ($
ho$) केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, उसके आयामों पर नहीं।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी भी संधि पर मिलने वाली सभी विद्युत धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (लूप नियम या KVL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जो यह बताता है कि किसी बंद विद्युत परिपथ के चारों ओर विभव परिवर्तनों का बीजगणितीय योग लागू किए गए कुल विद्युत वाहक बल (EMF) के बराबर होता है।
4. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के सबसे बड़े व्यक्तिगत प्रतिरोध से भी अधिक होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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एलपीजी (LPG) और सीएनजी (CNG) जैसे ईंधन तथा उनके रासायनिक घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसे उच्च दबाव में आसानी से द्रवीकृत किया जाता है, और सुरक्षा की दृष्टि से इसमें गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टन' ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है।
2. संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) में मुख्य घटक मीथेन होता है, जो वायु की तुलना में हल्का होता है और इसके दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड का उत्सर्जन न्यूनतम होता है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल ईंधन माना जाता है।
3. 'सीटेन संख्या' (Cetane Number) डीजल ईंधन की दहन गुणवत्ता और उसके 'अपस्फोटन-रोधी' (Anti-knocking) गुणों का माप होती है, जिसमें उच्च सीटेन संख्या वाला ईंधन इंजन में तेजी से और सुचारू रूप से प्रज्वलित होता है।
4. पेट्रोलियम शोधन के दौरान भंजक आसवन (Cracking) प्रक्रिया का उपयोग उच्च आणविक द्रव्यमान वाले भारी हाइड्रोकार्बन को कम आणविक द्रव्यमान वाले उपयोगी गैसोलीन में तोड़ने के लिए किया जाता है, जिसमें उच्च तापमान और उत्प्रेरक का उपयोग होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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