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General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण, विटामिन और उनके सह-एंजाइम (Coenzyme) रूपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विटामिन B1 (थiamin) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-CoA में ऑक्सीडेटिव विकार्बोक्सिलीकरण (Oxidative decarboxylation) के लिए आवश्यक होता है।
- 2. विटामिन B3 (नियासिन) का संश्लेषण मानव शरीर में आवश्यक अमीनो अम्ल 'ट्रिप्टोफैन' से हो सकता है, और इसके सक्रिय सह-एंजाइम रूप NAD+ तथा NADP+ कोशिकीय श्वसन में अपचयन-उपचयन (Redox) अभिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 3. विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) शरीर में कोलेजन प्रोटीन के हाइड्रॉक्सीलेशन (Hydroxylation) के लिए आवश्यक प्रोलील और लिसिल हाइड्रॉक्सीलेज एंजाइम्स के लिए एक रिड्यूसिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है, जिसकी कमी से स्कर्वी रोग होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सही हैं। विटामिन विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण सह-एंजाइम (Coenzyme) के रूप में कार्य करते हैं। विटामिन B1 (थियामिन) का सक्रिय रूप TPP पाइरुवेट डिहाइड्रोजनेज कॉम्प्लेक्स के लिए अनिवार्य है। नियासिन (विटामिन B3) का निर्माण ट्रिप्टोफैन से होता है जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार ऊर्जा चयापचय में सहायक है। विटामिन C कोलेजन के निर्माण और ऊतकों की मरम्मत के लिए एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और को-फैक्टर है।
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एलकेन्स, एल्कीन्स और एल्काइन्स जैसे एलिफैटिक हाइड्रोकार्बन के रासायनिक गुणों और प्रतिक्रिया तंत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) अत्यधिक निष्क्रिय होते हैं क्योंकि इनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध मजबूत $\sigma$ (सिग्मा) बंध होते हैं, और ये मुख्य रूप से मुक्त मूलक प्रतिस्थापन (Free-radical substitution) अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं, जैसे कि सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में हैलोजनीकरण।
2. एल्कीन्स (Alkenes) में कार्बन-कार्बन द्विबंध होता है जिसमें एक मजबूत सिग्मा बंध और एक कमजोर $\pi$ (पाई) बंध शामिल होता है, जिसके कारण ये आसानी से इलेक्ट्रॉनेस्नेही योगात्मक (Electrophilic addition) अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
3. एल्काइन्स (Alkynes) के त्रिक बंध में एक सिग्मा और दो पाई बंध होते हैं, और इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं, जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है।
4. मार्कोनीकॉव नियम (Markovnikov's rule) के अनुसार, असममित एल्कीन में किसी अभिकर्मक (जैसे HBr) के योग के दौरान, ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या अधिक होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जल प्रदूषण?
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प्रकाश तरंगें कैसी तरंगें हैं?
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