BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

General Science
1 views

मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और हाइपोथैलेमस-पिट्यूटरी अक्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हाइपोथैलेमस से स्रावित होने वाले 'रिलीजिंग हार्मोन्स' और 'इन्हिबिटरी हार्मोन्स' पोर्टल शिरा तंत्र के माध्यम से अग्र पीयूष ग्रंथि (Adenohypophysis) तक पहुँचकर उसके हार्मोन स्राव को नियंत्रित करते हैं।
  2. 2. ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हाइपोथैलेमस की तंत्रिका स्रावी कोशिकाओं (Neurosecretory cells) द्वारा संश्लेषित होते हैं और पश्च पीयूष ग्रंथि (Neurohypophysis) में संग्रहित होकर वहीं से रक्त में स्रावित होते हैं।
  3. 3. अधिवृक्क वल्कल (Adrenal cortex) का नियंत्रण मुख्य रूप से अग्र पीयूष ग्रंथि द्वारा स्रावित 'एड्रिनोकोर्टिकोट्रोफिक हार्मोन' (ACTH) के माध्यम से होता है, जो ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स के उत्पादन को प्रेरित करता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। हाइपोथैलेमस अंतःस्रावी तंत्र और तंत्रिका तंत्र के बीच मुख्य संयोजक के रूप में कार्य करता है। यह हाइपोथैलेमिक पोर्टल प्रणाली के माध्यम से अग्र पीयूष ग्रंथि को नियंत्रित करता है। ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) और वैसोप्रेसिन (ADH) का निर्माण हाइपोथैलेमस के केंद्रक (Nuclei) में होता है और इन्हें अक्षतंतु के जरिए पश्च पीयूष ग्रंथि में भेजा जाता है जहाँ से ये रक्त में निर्मुक्त होते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिवृक्क वल्कल (Adrenal cortex) से कोर्टिसोल जैसे ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स का स्रावण अग्र पीयूष ग्रंथि के ACTH द्वारा विनियमित होता है। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

चींटी? तंत्रिका तंत्र की इकाई? पृथ्वी की सतह के समीप परिक्रमा कर रहे किसी उपग्रह की कक्षीय चाल ($v_o$) और उसी उपग्रह को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से पूरी तरह बाहर भेजने के लिए आवश्यक पलायन चाल ($v_e$) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी उपग्रह की कक्षीय चाल पृथ्वी के द्रव्यमान और उसकी त्रिज्या पर निर्भर करती है, और यदि पृथ्वी की त्रिज्या को स्थिर रखते हुए इसके द्रव्यमान को चार गुना कर दिया जाए, तो उपग्रह की कक्षीय चाल ठीक दोगुनी हो जाएगी। 2. पलायन वेग उपग्रह के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता है, और पृथ्वी की सतह से किसी पिंड का पलायन वेग उसकी कक्षीय चाल का ठीक $\sqrt{2}$ गुना होता है। 3. यदि किसी उपग्रह की कक्षीय चाल में अचानक $\sqrt{2}$ - 1 गुना (अर्थात लगभग 41.4%) की आनुपातिक वृद्धि कर दी जाए, तो वह अपनी दीर्घवृत्तीय कक्षा को छोड़कर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से पलायन कर जाएगा। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विद्युत धारा, प्रतिरोध और विभिन्न परिपथ घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी चालक तार का प्रतिरोध उसके तापमान पर निर्भर करता है, और अधिकांश धात्विक चालकों के लिए तापमान बढ़ाने पर उनका प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (Semiconductors) का प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ घटता है। 2. किचहोफ का प्रथम नियम (धारा नियम) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जबकि द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम) आवेश संरक्षण के सिद्धांत का पालन करता है। 3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से अधिक होता है। 4. किसी सेल का टर्मिनल विभवांतर (Terminal Potential Difference) उसके आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance) के कारण, सेल से धारा लिए जाने की स्थिति में उसके विद्युत वाहक बल (EMF) से कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? ऊर्जा का मात्रक क्या है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.