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General Science
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मानव शरीर में जैविक अणुओं, पोषण, विटामिन और उनके सह-एंजाइम (Coenzyme) रूपों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विटामिन B1 (थियामिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'थियामिन पाइरोफॉस्फेट' (TPP) है, जो कार्बोहाइड्रेट उपापचय के दौरान पाइरुवेट के एसिटाइल-CoA में ऑक्सीडेटिव विकार्बोक्सिलीकरण (Oxidative decarboxylation) के लिए आवश्यक होता है।
- 2. विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) के सक्रिय सह-एंजाइम रूप FMN (फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड) और FAD (फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड) हैं, जो कोशिकीय श्वसन की क्रेब्स चक्र प्रक्रिया के दौरान सक्सीनेट के फ्यूमरेट में ऑक्सीकरण को उत्प्रेरित करते हैं।
- 3. विटामिन B6 (पिरिडॉक्सिन) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'पिरिडॉक्सल फॉस्फेट' (PLP) है, जो अमीनो अम्लों के ट्रांसएमिनेशन (Transamination) और डीकार्बोक्सिलीकरण जैसी प्रतिक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूरी तरह से सही हैं। विटामिन विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण जैविक अणुओं और सह-एंजाइमों के निर्माण में मुख्य भूमिका निभाते हैं जो कोशिकीय उपापचय को संचालित करते हैं। उदाहरण के लिए, विटामिन B1 का सक्रिय रूप TPP पाइरुवेट डिहाइड्रोजनस कॉम्प्लेक्स के लिए आवश्यक है, विटामिन B2 से प्राप्त FAD/FMN इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला और क्रेब्स चक्र में भाग लेते हैं, और विटामिन B6 आधारित PLP अमीनो अम्ल उपापचय का एक अनिवार्य घटक है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और चुम्बकत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) का परिमाण उस परिपथ से गुजरने वाले चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की समय-दर के सीधे समानुपाती होता है।
2. लेंज का नियम (Lenz's Law) ऊर्जा संरक्षण के नियम का एक परिणाम है, जो यह बताता है कि प्रेरित धारा की दिशा हमेशा उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
3. जब किसी लंबी परिनालिका (Solenoid) में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के मान को दोगुना कर दिया जाता है, तो उसके भीतर उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता भी दोगुनी हो जाती है, और इसके भीतर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ समानांतर सीधी रेखाओं के रूप में होती हैं।
4. स्वप्रेरण गुणांक (Self-inductance) का SI मात्रक 'वेबर प्रति ऐम्पियर' या 'हेनरी' है, और यह किसी कुंडली की भौतिक ज्यामिति या आकार पर निर्भर नहीं करता है बल्कि केवल उसमें बहने वाली धारा पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में प्रकाश संश्लेषण के कैल्विन चक्र (C3 चक्र) और C4 पौधों की आंतरिक शारीरिकी (Kranz anatomy) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. C3 पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बन डाइऑक्साइड का प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन यौगिक (3-Phosphoglyceric acid) होता है, और इसमें RuBisCO एंजाइम कार्बोक्सिलेशन के साथ-साथ ऑक्सीजनेशन (Photorespiration) की क्रिया भी उत्प्रेरित करता है।
2. C4 पौधों में 'क्रान्ज शारीरिकी' (Kranz anatomy) पाई जाती है, जहाँ पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में PEP carboxylase एंजाइम द्वारा $CO_2$ का स्थिरीकरण होता है, जिससे मैलिक एसिड या ऑक्जेलोएसेटिक एसिड बनता है जो बाद में पूch-आच्छद (Bundle sheath) कोशिकाओं में स्थानांतरित हो जाता है।
3. प्रकाश श्वसन (Photorespiration) एक ऊर्जा-व्यर्थ करने वाली प्रक्रिया है जो C3 पौधों में उच्च प्रकाश तीव्रता, कम $CO_2$ और उच्च $O_2$ सांद्रता के कारण होती है, जबकि C4 पौधों में इस प्रक्रिया का अभाव होता है क्योंकि उनमें RuBisCO उच्च $CO_2$ सांद्रता वाले क्षेत्र में रहता है।
4. पादप हार्मोन 'साइटोकाइनिन' (Cytokinin) और 'एब्सिसिक एसिड' (ABA) दोनों प्रकाश संश्लेषण को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, जहाँ साइटोकाइनिन क्लोरोफिल के क्षس को रोकता है और हरित लवक के विकास को प्रेरित करता है, जबकि एब्सिसिक एसिड पर्णरंध्रों को खोलकर $CO_2$ के प्रवेश को अधिकतम करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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