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General Science
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प्रकाशिकी (Optics) के अंतर्गत लेंसों, दर्पणों और प्रकाश के अपवर्तन-परावर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जब कोई प्रकाश किरण किसी सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो जाता है, तो पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है, और इस घटना के दौरान परावर्तन के सामान्य नियम ($i = r$) पूरी तरह से लागू होते हैं।
- 2. एक पतले उत्तल लेंस को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति अपरिवर्तित रहती है किंतु उसकी फोकस दूरी अनंत हो जाती है जिससे वह समतल कांच की भांति व्यवहार करता है।
- 3. गोलीय दर्पणों के लिए दर्पण सूत्र ($\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$) केवल परपेक्सी (Paraxial) किरणों के लिए ही वैध होता है, अर्थात उन किरणों के लिए जो मुख्य अक्ष के अत्यंत निकट होती हैं और जिनका आपतन कोण बहुत छोटा होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total internal reflection) के दौरान प्रकाश किरणें उसी माध्यम में वापस लौटती हैं और परावर्तन के नियम ($i = r$) का पूर्ण पालन करती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि जब लेंस को ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस से अधिक हो, तो लेंस की प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है। कथन 3 सही है क्योंकि गोलीय दर्पणों का दर्पण सूत्र और लेंस मेकर सूत्र व्युत्पन्न करते समय केवल परपेक्सी (Paraxial) किरणों का ही संज्ञान लिया जाता है, बड़ी आपतन कोण वाली सीमांत किरणों (Marginal rays) के लिए यह सूत्र सन्निकट रूप से ही कार्य करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
Related Questions
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (ऐल्केन) में कार्बन परमाणु केवल एकल सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं, और इनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n}$ होता है।
2. ऐल्कीन (Alkenes) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्विबंध (Double bond) उपस्थित होता है, और इन्हें ओलेफिन भी कहा जाता है।
3. 'ऑक्टेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रस्फोटन-रोधी (Anti-knock) क्षमता का माप है, जिसमें उच्च प्रस्फोटन गुण वाले 'आइसो-ऑक्टेन' को 100 और निम्न प्रस्फोटन गुण वाले 'n-हेप्टेन' को 0 मान दिया जाता है।
4. द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से गंध के लिए 'एथिल मर्कैप्टेन' मिलाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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तरलों के यांत्रिकी गुणों और उनके व्यवहार—विशेषकर पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत—के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface tension) अणुओं के बीच प्रभावी संसंजक बलों (Cohesive forces) के कारण उत्पन्न होता है, और जब किसी द्रव में कोई अल्प विलेय अशुद्धि जैसे सर्फेक्टेंट मिलाई जाती है, तो यह पृष्ठ को आंशिक रूप से ढंककर द्रव के पृष्ठ तनाव को काफी हद तक कम कर देती है।
2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) द्रवों में आंतरिक घर्षण का माप है, और जहाँ गैसों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ घटती है, वहीं द्रवों की श्यानता तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ती है क्योंकि उच्च तापमान पर द्रवों के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ने से संसंजक बल मजबूत हो जाते हैं।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी तरल में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित तरल के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल विस्थापित तरल के गुरुत्व केंद्र (Centre of gravity) पर कार्य करता है, न कि डूबे हुए भाग के द्रव्यमान केंद्र पर।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रोटॉन खोज?
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यूकेरियोटिक कोशिका के कोशिका विभाजन (Cell Division) के दौरान अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) और समसूत्री विभाजन (Mitosis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्धसूत्री विभाजन-I की प्रोफेज-I अवस्था के 'डाइकाइनेसिस' (Diakinesis) उपचरण में टर्मिनलाइजेशन (Terminalization) की प्रक्रिया पूरी होती है, जिसमें chiasmata सिरों की ओर खिसक जाते हैं और केंद्रिका लुप्त हो जाती है।
2. 'माइटोटिक स्पिंडल' (Mitotic spindle) का निर्माण माइक्रोट्यूब्यूल्स (सूक्ष्म नलिकाओं) द्वारा होता है, और 'निकोडेमाइल' या 'कोलचिसिन' जैसे रसायन ट्यूबुलीन बहुलीकरण को रोककर सेल डिवीजन को मेटाफेज अवस्था में ही रोक देते हैं।
3. जंतु कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य विभाजन (Cytokinesis) 'कोशिका खांच' (Cell furrow) विधि द्वारा होता है, जिसमें एक्टिन और मयोसिन फिलामेंट्स से बने संकुचई वलय (Contractile ring) का अभिकेंद्रकीय संकुचन होता है, जबकि पादप कोशिकाओं में यह 'सेल प्लेट' (Cell plate) के निर्माण द्वारा केंद्र से परिधि की ओर होता है।
4. मियोसिस के दौरान होमोलोगous क्रोमोसोम का पृथक्करण हमेशा एनाफेज-II के दौरान होता है, जबकि सिस्टर क्रोमैटिड्स एनाफेज-I में अलग होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. पारsec (Parsec) - खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी इकाई, जो लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. पास्कल सेकंड (Pascal-second) - तरल पदार्थों की श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की SI इकाई है।
3. प्रकाश वर्ष (Light-year) - समय मापने की एक इकाई है जिसका उपयोग ब्रह्मांडीय आयु की गणना के लिए किया जाता है।
4. बार (Bar) - वायुमंडलीय दाब को मापने की इकाई है, जो 10^5 पास्कल के समतुल्य होती है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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