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General Science
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मानव शरीर के तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आमाशय की जठर भित्ति (Gastric mucosa) में पाई जाने वाली पेप्टिक या मुख्य कोशिकाएं (Chief cells) निष्क्रिय 'पेप्सिनोजेन' का स्राव करती हैं, जो हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में बदल जाता है, और यह एंजाइम प्रोटीन को प्रोटीज तथा पेप्टोन में जलअपघटित करता है।
  2. 2. फुफ्फुसीय वेंटिलेशन (Pulmonary ventilation) के दौरान, बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों (External intercostal muscles) और डायाफ्राम का संकुचन वक्ष गुहा के आयतन को बढ़ाता है और अंतराफुफ्फुसीय दाब (Intra-pulmonary pressure) को वायुमंडलीय दाब से अधिक कर देता है, जिससे वायु फेफड़ों के भीतर बलपूर्वक प्रवेश करती है।
  3. 3. तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के माध्यम से आवेगों का संचरण होता है, और रासायनिक सिनेप्स पर जब एक्शन पोटेंशियल पहुँचता है, तो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली पर वोल्टेज-संवेदी कैल्शियम आयन चैनल खुल जाते हैं, जिससे न्यूरोट्रांसमीटर से भरे पुटिकाएं (Vesicles) एक्सोसाइटोसिस द्वारा सिनेप्टिक क्लेफ्ट में मुक्त होते हैं।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि जठर म्यूकोसा की मुख्य (चीफ/ज़ाइमोजीन) कोशिकाएं निष्क्रिय पेप्सिनोजेन स्रावित करती हैं जो HCl द्वारा सक्रिय होकर प्रोटीन पाचन में सहायक होती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि डायाफ्राम और बाह्य अंतरपर्शुक पेशियों के संकुचन से वक्ष गुहा का आयतन बढ़ता है और अंतराफुफ्फुसीय दाब वायुमंडलीय दाब की तुलना में कम (ऋणात्मक) हो जाता है, जिससे वायु फेफड़ों के अंदर प्रवाहित होती है। कथन 3 सही है; रासायनिक सिनेप्स पर कैल्शियम आयनों का अंतर्वाह न्यूरोट्रांसमीटर के विमोचन को प्रेरित करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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