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General Science
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प्रकाशिकी (Optics) और प्रकाशीय उपकरणों के कार्यसिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जब किसी उत्तल लेंस को ऐसे पारदर्शी द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की अभिसारी प्रकृति उलट जाती है और वह एक अपसारी लेंस की भाँति व्यवहार करने लगता है।
- 2. खगोलीय दूरदर्शी (Astronomical Telescope) की आवर्धन क्षमता को बढ़ाने के लिए अभिदृश्यक लेंस (Objective lens) की फोकस दूरी बड़ी और नेत्रिका लेंस (Eyepiece) की फोकस दूरी छोटी होनी चाहिए, जबकि सूक्ष्मदर्शी (Microscope) के मामले में दोनों लेंसों की फोकस दूरी बहुत बड़ी और समान होनी चाहिए।
- 3. पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटना के लिए प्रकाश की किरण का सघन माध्यम से विरल माध्यम में जाना अनिवार्य है, तथा आपतन कोण का मान माध्यम के क्रांतिक कोण से अधिक होना चाहिए।
- 4. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की अंतिम आवर्धन क्षमता अभिदृश्यक द्वारा उत्पन्न आवर्धन और नेत्रिका द्वारा उत्पन्न आवर्धन के गुणनफल के बराबर होती है, जिसमें अभिदृश्यक द्वारा बना अंतिम प्रतिबिंब वास्तविक, सीधा और अत्यधिक आवर्धित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि जब किसी लेंस को ऐसे माध्यम में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ से अधिक होता है, तो लेंस की फोकल लंबाई का चिह्न बदल जाता है जिससे अभिसारी लेंस अपसारी बन जाता है। कथन 2 गलत है क्योंकि सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्यक और नेत्रिका दोनों की फोकस दूरियाँ बहुत छोटी होती हैं। कथन 3 सही है क्योंकि पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए प्रकाश का सघन से विरल माध्यम में जाना और आपतन कोण का क्रांतिक कोण से अधिक होना आवश्यक शर्त है। कथन 4 गलत है क्योंकि संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक द्वारा बना मध्यवर्ती प्रतिबिंब वास्तविक और उल्टा होता है, न कि सीधा। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मानव शरीर में प्रतिरक्षी अणुओं (Antibodies) की संरचना के संदर्भ में, प्रत्येक मूल 'Y'-आकार के अणु में कितने पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं (Polypeptide chains) पाई जाती हैं, और वे आपस में किस बंध द्वारा जुड़ी होती हैं?
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मानव रोगों और उनके संचरण या उपचार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एड्स (AIDS) उत्पन्न करने वाला विषाणु एचआईवी (HIV) एक रेट्रोवाइवायरस है, जो मुख्य रूप से शरीर की सहायक टी-लिम्फोसाइट्स ($CD_4^+$ T cells) को संक्रमित करता है और इसकी पुष्टि के लिए 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) परीक्षण किया जाता है।
2. मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम की संक्रामक अवस्था 'स्पोरोज़ोइट' (Sporozoite) होती है, जो मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करती है, और इसके उपचार के लिए कुनैन (Quinine) का उपयोग किया जाता है जो सिनकोना वृक्ष की छाल से प्राप्त होती है।
3. क्षय रोग (Tuberculosis) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है, और इसके उपचार के लिए डॉट्स (DOTS) प्रणाली के तहत 'मल्टी-ड्रग थेरेपी' दी जाती है जिसमें बीसीजी (BCG) का टीका निवारक के रूप में कार्य करता है।
4. हेपेटाइटिस बी एक विषाणु जनित रोग है जो केवल दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है, और यह यकृत को गंभीर रूप से प्रभावित करके सिरोसिस का कारण बनता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त स्कंदन (Blood Coagulation) की जैव रासायनिक क्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रक्त का थक्का जमने की कैसकेड प्रक्रिया (Blood clotting cascade) में 'प्रथम चरण' के रूप में प्रोथ्रोम्बिन को थ्रोम्बिन में बदलने के लिए 'थ्रोम्बोप्लास्टिन' (एंजाइम कॉम्प्लेक्स) और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की अनिवार्य उपस्थिति होती है, जो अंतःजात (Intrinsic) और बाह्यजात (Extrinsic) दोनों मार्गों का एक उभयनिष्ठ बिंदु है।
2. यकृत (Liver) द्वारा संश्लेषित 'हेपरिन' (Heparin) एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एंटीकोएगुulant (प्रतिस्कंधक) है, जो रक्त प्लाज्मा में मौजूद 'एंटीथ्रोम्बिन-III' की सक्रियता को कई गुना बढ़ाकर थ्रोम्बिन और सक्रिय कारकों (जैसे Xa) को निष्प्रभावी कर देता है, जिससे सामान्य रक्त वाहिकाओं के भीतर रक्त का स्वतः स्कंदन नहीं होता है।
3. रुधिर प्लाज्मा में पाए जाने वाले 'फाइब्रिनोजेन' (Fibrinogen) को सक्रिय थ्रोम्बिन एंजाइम द्वारा अघुलनशील फाइब्रिन मोनोमर्स में तोड़ा जाता है, और ये मोनोमर्स बाद में 'कारक XIII' (फाइब्रिन-स्थिरीकरण कारक) की उपस्थिति में एक मजबूत, क्रॉस-लिंक्ड त्रिविमीय जालक का निर्माण करते हैं जो रुधिर कोशिकाओं को फंसाकर पपड़ी (Clot) बनाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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