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General Science
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विद्युत चुंबकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) और प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) की जटिल परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम के अनुसार, किसी बंद कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर उस कुंडली में प्रेरित विद्युत वाहक बल (EMF) के परिमाण के समानुपाती होती है, और लेंस का नियम (Lenz's law) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का पालन करते हुए प्रेरित धारा की दिशा को इस प्रकार निर्धारित करता है कि वह उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।
- 2. 'स्वप्रेरण' (Self-induction) किसी कुंडली का वह गुण है जिसके कारण वह अपने ही भीतर प्रवाहित होने वाली धारा के परिवर्तन का विरोध करती है, और इसका एसआई मात्रक 'हेनरी' (Henry) है, जो कि वेबर प्रति ऐम्पियर के तुल्य होता है।
- 3. एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में प्राथमिक और द्वितीयक कुंडलियों के फेरों की संख्या का अनुपात वोल्टेज को परिवर्तित करता है, और यदि किसी ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि पूरी तरह शून्य मान ली जाए, तो द्वितीयक कुंडली से प्राप्त निर्गत शक्ति (Output power) प्राथमिक कुंडली को दी गई निवेश शक्ति (Input power) से अधिक हो जाती है ताकि धारा का मान बढ़ सके।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि फैराडे के नियम के अनुसार प्रेरित EMF चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर के बराबर होता है और लेंस का नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित होकर प्रेरित धारा की दिशा को स्पष्ट करता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि स्वप्रेरण (Self-induction) किसी कुंडली का अंतर्जात गुण है जो धारा परिवर्तन का विरोध करता है और इसका मात्रक हेनरी ($Wb/A$) होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार एक आदर्श ट्रांसफॉर्मर में निर्गत शक्ति (Output power) कभी भी निवेश शक्ति (Input power) से अधिक नहीं हो सकती, बल्कि आदर्श स्थिति में यह निवेश शक्ति के ठीक बराबर होती ($V_p I_p = V_s I_s$) है। विद्युत चुंबकीय प्रेरण के विस्तृत सिद्धांतों को समझने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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मानव अंतःस्रावी तंत्र में हॉर्मोन्स के नियंत्रण, उनकी रासायनिक प्रकृति और उससे संबंधित विकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्नाशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) में स्थित अल्फा कोशिकाएं 'ग्लूकागॉन' हॉर्मोन का स्राव करती हैं, जो एक ग्लाइकोजेनोलिसिस और ग्लूकोनियोजेनेसिस को प्रेरित करने वाला हाइपरग्लाइसेमिक कारक है।
2. एड्रेनल मेड्यूला द्वारा स्रावित 'एपिनेफ्रीन' (एड्रेनालाईन) और 'नॉरएपिनेफ्रीन' (नॉरएड्रेनालाईन) कैटेकोलामीन हॉर्मोन हैं, जो आपातकालीन परिस्थितियों (लड़ो या भागो प्रतिक्रिया) के दौरान हृदय स्पंदन, श्वसन दर और पुतली के फैलाव को बढ़ाते हैं।
3. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'ऑक्सीटोसिन' हॉर्मोन मुख्य रूप से वृक्क नलिकाओं पर कार्य करके जल के पुनरअवशोषण को नियंत्रित करता है, जबकि 'वैसोप्रेसिन' (ADH) गर्भाशय की पेशियों के संकुचन और दुग्ध निष्कासन को प्रेरित करता है।
4. पीयूष ग्रंथि का अग्र भाग (Adenohypophysis) 'ग्रोथ हॉर्मोन' (GH) का स्राव करता है, जिसकी अत्यधिक कमी से बच्चों में 'बौनापन' (Pituitary dwarfism) होता है और वयस्कता में इसके अतिस्राव से 'एक्रेमेगली' (Acromegaly) नामक विकार उत्पन्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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वायुदाब का मापक?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके ईंधनीय गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक होते हैं, और जब इनका अंशिक ऑक्सीकरण (Controlled oxidation) उत्प्रेरकों की उपस्थिति में कराया जाता है, तो ये विभिन्न प्रकार के ऑक्सीजन युक्त यौगिक जैसे ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड और carboxylic अम्ल बनाते हैं।
2. 'ऑकोटेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, और आइसो-ऑक्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 100 मानी जाती है) की तुलना में सीधी श्रृंखला वाले हाइड्रोकार्बन जैसे n-हेप्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 0 मानी जाती है) में 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति बहुत अधिक होती है।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे सुरक्षित भंडारण के लिए गंधहीन बनाया जाता है ताकि रिसाव होने पर इसकी तीव्र प्राकृतिक गंध से तुरंत पहचान की जा सके।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) के संदर्भ में, निम्नलिखित हार्मोन्स और उनके मुख्य कार्यों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की बीटा कोशिकाओं से स्रावित 'इंसुलिन' यकृत और पेशीय कोशिकाओं में ग्लूकोज को ग्लाइकोजेन के रूप में संग्रहित करने की प्रक्रिया यानी 'ग्लाइकोजेनेसिस' को प्रेरित करता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) का वल्कल भाग (Cortex) 'एल्डोस्टेरोन' का स्रावण करता है, जो वृक्क नलिकाओं से सोडियम आयनों और जल के पुनravsorption (पुनः अवशोषण) को बढ़ावा देता है तथा पोटेशियम आयनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करता है।
3. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) के पश्च भाग (Neurohypophysis) से संश्लेषित और स्रावित होने वाला 'मेलाटोनिन' हार्मोन शरीर की सर्काडियन रिदम (24-घंटे की जैविक घड़ी) और निद्रा-जागृति चक्र को मुख्य रूप से नियंत्रित करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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प्रकाशिकी (Optics) के सिद्धांतों और लेंस-दर्पण के व्यवहार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई प्रकाश किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है और उसका आपतन कोण माध्यमों के युग्म के लिए क्रांतिक कोण (Critical angle) से अधिक हो जाता है, तो किरण का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में पूर्ण रूप से परावर्तित हो जाती है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) कहते हैं।
2. एक उत्तल लेंस (Convex lens) को जब ऐसे द्रव में डुबोया जाता है जिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक से अधिक होता है, तो लेंस की फोकस दूरी बढ़ जाती है और उसकी प्रकृति अभिसारी से बदलकर अपसारी (Diverging) हो जाती है।
3. गोलीय दर्पणों के लिए, यदि वस्तु की स्थिति और फोकस दूरी ज्ञात हो, तो दर्पण सूत्र $\frac{1}{f} = \frac{1}{v} + \frac{1}{u}$ में 'u' (वस्तु दूरी) और 'v' (प्रतिबिंब दूरी) दोनों के मानों को हमेशा पारंपरिक चिह्न परिपाटी के अनुसार ऋणात्मक (-) ही लिया जाता है, चाहे दर्पण अवतल हो या उत्तल।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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