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General Science
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और उनके ईंधनीय गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल (Single) सहसंयोजक होते हैं, और जब इनका अंशिक ऑक्सीकरण (Controlled oxidation) उत्प्रेरकों की उपस्थिति में कराया जाता है, तो ये विभिन्न प्रकार के ऑक्सीजन युक्त यौगिक जैसे ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड और carboxylic अम्ल बनाते हैं।
  2. 2. 'ऑकोटेन संख्या' (Octane number) पेट्रोल (गैसोलीन) की प्रज्वलन गुणवत्ता का माप है, और आइसो-ऑक्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 100 मानी जाती है) की तुलना में सीधी श्रृंखला वाले हाइड्रोकार्बन जैसे n-हेप्टेन (जिसकी ऑक्टेन संख्या 0 मानी जाती है) में 'अपस्फोटन' (Knocking) की प्रवृत्ति बहुत अधिक होती है।
  3. 3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, और इसे सुरक्षित भंडारण के लिए गंधहीन बनाया जाता है ताकि रिसाव होने पर इसकी तीव्र प्राकृतिक गंध से तुरंत पहचान की जा सके।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि एल्केन्स संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें कार्बन-कार्बन एकल बंध पाए जाते हैं, और उनके नियंत्रित ऑक्सीकरण से ऐल्कोहॉल, ऐल्डिहाइड और अम्ल प्राप्त होते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि ऑक्टेन संख्या ईंधनों की एंटी-नॉक (अपस्फोटन-रोधी) गुणवत्ता को दर्शाती है; n-हेप्टेन में नॉकिंग की प्रवृत्ति अत्यधिक होती है जबकि आइसो-ऑक्टेन में न्यूनतम होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि एलपीजी (LPG) मूल रूप से गंधहीन होती है, और रिसाव का पता लगाने के लिए इसमें जानबूझकर एथिल mercaptan (या गंधयुक्त यौगिक) मिलाया जाता है, न कि उसकी अपनी कोई तीव्र प्राकृतिक गंध होती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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