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General Science
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भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और एसआई (SI) मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J mol}^{-1} \text{K}^{-1}$
- 2. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity): विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{kg m}^{-1} \text{s}^{-1}$
- 3. प्लांक नियतांक (Planck's Constant): विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ और एसआई मात्रक $\text{J s}$
- 4.
स्टीफन-बोल्ट्जमैन नियतांक (Stefan-Boltzmann Constant): विमीय सूत्र $[MT^{-3}K^{-4}]$ और एसआई मात्रक $\text{W m}^{-2} \text{K}^{-4}$ उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भौतिकी में विभिन्न भौतिक राशियों के मात्रक और उनकी विमाएं (Dimensions) माप विज्ञान और विश्लेषण का आधार हैं। सार्वत्रिक गैस समीकरण ($PV = nRT$) के अनुसार, $R = \frac{PV}{nT}$ होता है, जिसका विमीय सूत्र $[ML^2T^{-2}K^{-1}mol^{-1}]$ और मात्रक $\text{J mol}^{-1} \text{K}^{-1}$ है। न्यूटन के श्यानता के सूत्र $F = - \eta A \frac{dv}{dx}$ से श्यानता गुणांक ($\eta$) की विमा $[ML^{-1}T^{-1}]$ और मात्रक $\text{kg m}^{-1} \text{s}^{-1}$ (या पास्कल-सेकंड) प्राप्त होती है। ऊर्जा और आवृत्ति के संबंध $E = h\nu$ से प्लांक नियतांक ($h$) की विमा $[ML^2T^{-1}]$ और मात्रक $\text{J s}$ होती है। अंततः, स्टीफन-बोल्ट्जमैन नियम ($E = \sigma T^4$) के अनुसार $\sigma$ का विमीय सूत्र $[MT^{-3}K^{-4}]$ और एसआई मात्रक $\text{W m}^{-2} \text{K}^{-4}$ होता है। इस प्रकार, दिए गए चारों युग्म पूरी तरह सही सुमेलित हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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मिट्टी प्रदूषण?
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विद्युत परिपथों और चालकों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी धात्विक चालक का विद्युत प्रतिरोध तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ता है, क्योंकि उच्च तापमान पर इलेक्ट्रॉनों और आयनों के बीच टकराव (collisions) की आवृत्ति बढ़ जाती है, जिससे श्रांति काल (relaxation time) कम हो जाता है।
2. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में कुछ पदार्थों का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और उनका चुंबकीय प्रकटन (magnetic susceptibility) आदर्श प्रतिचुंबकीय व्यवहार प्रदर्शित करते हुए -1 हो जाता है, जिसे 'माइस्नर प्रभाव' कहा जाता है।
3. किर्चॉफ का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम या KVL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद विद्युत परिपथ के प्रत्येक भाग में प्रवाहित धाराओं और उनके संगत प्रतिरोधों के गुणनफल का बीजगणितीय योग उस लूप में कुल विद्युत वाहक बलों के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।
4. मिश्रधातुओं (जैसे मैंगनीन या कांस्टेंटन) का उपयोग मानक प्रतिरोधक बनाने के लिए किया जाता है क्योंकि उनकी प्रतिरोधकता उच्च होती है और उनका प्रतिरोध ताप गुणांक (temperature coefficient of resistance) बहुत कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) की आनुवंशिक व जैव रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा की गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की सतह पर पाए जाने वाले विशिष्ट ग्लाइकोप्रोटीन एंटीजन (A और B) तथा रक्त प्लाज्मा में उपस्थित प्राकृतिक एंटीबॉडी (Anti-A और Anti-B) के बीच होने वाली प्रति-प्रतिक्रिया (Agglutination) रक्त आधान की सुरक्षा को निर्धारित करती है।
2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group) सबसे पहले वर्ष 1952 में मुंबई में खोजा गया था, जिसमें व्यक्ति के लाल रक्त कोशिकाओं पर 'H एंटीजन' की पूर्ण अनुपस्थिति होती है, जिसके कारण ऐसे दुर्लभ व्यक्ति किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) के व्यक्ति को रक्त दान तो कर सकते हैं, किंतु केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त प्राप्त कर सकते हैं।
3. Rh कारक (Rhesus factor) एक अन्य महत्वपूर्ण प्रोटीन है जो RBC की सतह पर उपस्थित होता है; यदि किसी Rh-धनात्मक (Rh+) व्यक्ति का रक्त किसी Rh-ऋणात्मक (Rh-) व्यक्ति को आधान (Transfusion) किया जाए, तो पहली बार में ही तीव्र रक्त का थक्का जमने (Hemolysis) जैसी घातक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न हो जाती है क्योंकि शरीर में पहले से ही इसके विरुद्ध पर्याप्त एंटीबॉडीज मौजूद होती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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डॉपलर प्रभाव (Doppler Effect) और ध्वनि तरंगों के संचरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब एक ध्वनि स्रोत और एक श्रोता के बीच अपेक्षित गति होती है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति में परिवर्तन का आभास होता है, जिसे डॉपलर प्रभाव कहा जाता है। यदि स्रोत और श्रोता एक-दूसरे के पास आते हैं, तो वास्तविक आवृत्ति से अधिक आवृत्ति सुनाई देती है।
2. ध्वनि तरंगों में डॉपलर प्रभाव केवल प्रकाश तरंगों की तरह सममित (Symmetric) होता है, जिसका अर्थ है कि चाहे स्रोत स्थिर हो और श्रोता गतिमान हो, अथवा श्रोता स्थिर हो और स्रोत समान वेग से गतिमान हो, दोनों ही स्थितियों में श्रोता द्वारा अनुभव की जाने वाली आभासी आवृत्ति का मान सर्वथा समान होता है।
3. पराध्वनिक (Supersonic) चाल से चलने वाले जेट विमान जब आकाश में गति करते हैं, तो वे एक तीव्र प्रघाती तरंग (Shock wave) उत्पन्न करते हैं, जिससे अत्यंत तेज और विनाशकारी ध्वनि उत्पन्न होती है जिसे 'सोनीक बूम' (Sonic boom) कहा जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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आवर्त सारणी के तत्वों के आवर्ती गुणों और उनकी विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश ($Z_{eff}$) में वृद्धि होती है, जिसके कारण प्रथम आयनन एन्थैल्पी का मान सामान्यतः बढ़ता है, हालांकि नाइट्रोजन ($N$) की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अपने ठीक बाद आने वाले ऑक्सीजन ($O$) तत्व से अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण नाइट्रोजन के अर्ध-पूरित (Half-filled) $2p$ कक्षकों का अतिरिक्त स्थायित्व है।
2. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) का मान हमेशा ऋणात्मक होता है, और किसी भी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर हमेशा ऊर्जा का उत्सर्जन ही होता है, चाहे परमाणु का आकार या इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कुछ भी हो।
3. हैлोजेन समूह में फ्लोरीन ($F$) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के अगले तत्व क्लोरीन ($Cl$) की तुलना में अधिक होता है, क्योंकि फ्लोरीन का आकार बहुत छोटा होता है, जिसके कारण अंतःइलेक्ट्रॉनी प्रतिकर्षक (Interelectronic repulsion) बल का मान बढ़ जाता है।
4. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid contraction) के कारण $5d$ श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे Hafnium, $Hf$) की परमाणु और आयनिक त्रिज्याएँ अपने ठीक ऊपर स्थित $4d$ श्रेणी के तत्वों (जैसे Zirconium, $Zr$) के लगभग बराबर हो जाती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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