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General Science
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों की आनुवंशिक तथा जैव रासायनिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ABO रक्त समूह प्रणाली कार्ल लैंडस्टीनर द्वारा खोजी गई थी, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर उपस्थित एंटीजन (A और B) कार्बोहाइड्रेट शर्करा श्रृंखलाएँ होती हैं, जिनका संश्लेषण 'I' जीन द्वारा एन्कोडेड ग्लाइकोसि-ट्रांसफेरेज़ एंजाइमों द्वारा नियंत्रित होता है।
- 2. 'बॉम्बे रक्त समूह' (Bombay Blood Group) फेनोटाइप वाले व्यक्तियों में 'H' एंटीजन का पूर्ण अभाव होता है क्योंकि उनमें FUT1 (फ्यूकोसिलट्रांसफेरेज़) जीन उत्परिवर्तित और निष्क्रिय होता है, जिसके कारण वे किसी भी सामान्य ABO रक्त समूह (A, B, AB, O) से रक्त प्राप्त नहीं कर सकते हैं और केवल बॉम्बे फेनोटाइप वाले व्यक्ति से ही रक्त ले सकते हैं।
- 3. Rh कारक (Rhesus factor) एक प्रोटीन एंटीजन है, और यदि Rh-नकारात्मक (Rh-) माता और Rh-धनात्मक (Rh+) भ्रूण के बीच गर्भधारण होता है, तो पहली गर्भावस्था में कोई समस्या नहीं होती क्योंकि माता का शरीर एंटी-Rh एंटीबॉडी नहीं बना पाता है, लेकिन दूसरी गर्भावस्था में 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' (Erythroblastosis fetalis) का गंभीर जोखिम उत्पन्न हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। ABO रक्त समूह प्रणाली में लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले एंटीजन ग्लाइकोलिपिड या ग्लाइकोप्रोटीन होते हैं जिनका नियंत्रण 'I' जीन करता है। बॉम्बे रक्त समूह (h/h फेनोटाइप) वाले व्यक्तियों में H-एंटीजन का अभाव होता है, जिससे वे मानक ABO समूहों के प्रति संवेदनशील होते हैं और उन्हें केवल बॉम्बे रक्त समूह की ही आवश्यकता होती है। इसके अलावा, Rh असंगति के कारण 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' (गर्भलेक्ता रक्ताणुकोरकता) की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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यांत्रिकी (Mechanics) और ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी संरक्षी बल (Conservative force) द्वारा किया गया कार्य पथ पर निर्भर नहीं करता है, बल्कि यह केवल प्रारंभिक और अंतिम स्थितियों की स्थितिज ऊर्जा के अंतर पर निर्भर करता है, और एक बंद लूप में इस बल द्वारा किया गया कुल कार्य शून्य होता है।
2. 'कार्य-ऊर्जा प्रमेय' (Work-Energy Theorem) के अनुसार, किसी वस्तु पर सभी बलों (संरक्षी और असंरक्षी दोनों) द्वारा किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के ठीक बराबर होता है, जो निर्देश तंत्र की जड़त्वीय प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।
3. अप्रत्यास्थ टक्कर (Inelastic collision) के दौरान संवेग संरक्षण का नियम और कुल ऊर्जा संरक्षण का नियम दोनों लागू होते हैं, किंतु सिस्टम की कुल गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं रहती है, और इसमें से एक निश्चित भाग ऊष्मा, ध्वनि या विरूपण ऊर्जा के रूप में क्षय हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Resistance) उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा प्रतिरोधकता (Resistivity) का मान चालक के पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करता है, न कि उसकी ज्यामितीय विमाओं पर।
2. जब प्रतिरोधकों को समांतर क्रम (Parallel Combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के किसी भी व्यक्तिगत प्रतिरोध के मान से कम होता है, और सभी प्रतिरोधकों के सिरों पर विभवांतर का मान समान रहता है।
3. किरचॉफ का प्रथम नियम (Kirchhoff's Current Law) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
4. किसी विद्युत बल्ब का फिलामेंट टंगस्टन का बना होता है क्योंकि इसका गलनांक बहुत कम होता है तथा उच्च तापमान पर यह आसानी से ऑक्सीकृत हो जाता है, जिससे न्यूनतम ऊर्जा हानि पर अधिकतम प्रकाश प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्मों (Colligative properties) और उत्प्रेरण के विशिष्ट सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में अपेक्षित अवनमन (Relative lowering of vapour pressure) विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों (जैसे $NaCl$ या $CaCl_2$) के लिए उनके वियोजन (Dissociation) की मात्रा के कारण हमेशा एक से अधिक होता है, जबकि संघन या डाइमेराइजेशन (Dimerization) प्रदर्शित करने वाले विलेय के लिए इसका मान एक से कम होता है।
3. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' के संदर्भ में, 'माइकलिस-मेंटेन का समीकरण' (Michaelis-Menten equation) एंजाइम-उत्प्रेरित अभिक्रिया के वेग और सब्सट्रेट की सांद्रता के बीच के संबंध को व्यक्त करता है, जिसमें अधिकतम वेग ($V_{max}$) तब प्राप्त होता है जब सभी एंजाइम अणु सब्सट्रेट के साथ संतृप्त हो जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिकांगों और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) और हरित लवक (Chloroplast) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं, जिनमें उनके अपने स्वयं के द्विमार्गी वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण करने की क्षमता होती है।
2. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' (निर्माण) चेहरा अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic reticulum) की तरफ स्थित होता है, जबकि 'trans' (परिपक्व) चेहरा प्लाज्मा झिल्ली की तरफ होता है, और यह ग्लाइकोसिलेशन तथा ग्लाइकोलिपिड के निर्माण का मुख्य स्थल है।
3. परॉक्सिसोम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो कैटालेज और ऑक्सीडेज एंजाइमों से समृद्ध होता है, और यह पादप कोशिकाओं में ग्लायॉक्सीलेट चक्र के माध्यम से वसा अम्लों के कार्बोहाइड्रेट में रूपांतरण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेता है।
4. लाइसोसोम (Lysosome) अंतःकोशिकी पाचन के लिए उत्तरदायी होते हैं और इनमें अम्लीय फॉस्फेटेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइम होते हैं, जिनकी सक्रियता का अनुकूलतम pH लगभग 7.4 (क्षारीय) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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ऊष्मागतिकी और तापमापी (Thermodynamics and Thermometry) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की अवधारणा को परिभाषित करता है और यह बताता है कि यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. 'स्थिर आयतन गैस तापमापी' (Constant-volume gas thermometer) अत्यधिक संवेदनशील और सटीक होते हैं क्योंकि गैसों का दाब ताप के साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है, और चार्ल्स के नियम के अनुसार नियत आयतन पर किसी गैस का दाब उसके परमताप के सीधे आनुपातिक होता है।
3. जल का त्रिक बिंदु (Triple point of water), जिस पर बर्फ, द्रव जल और जलवाष्प सह-अस्तित्व में होते हैं, का मान 273.16 K होता है, और इसका उपयोग केल्विन ताप पैमाने को परिभाषित करने के लिए एक निश्चित संदर्भ बिंदु के रूप में किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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