त्वरित लिंक्स
General Science
1 views
केप्लर के ग्रहों की गति के नियमों और उपग्रहों की कक्षीय ऊर्जा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केप्लर का द्वितीय नियम (क्षेत्रफलों का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते हुए किसी पिंड का कोणीय संवेग (Angular momentum) संरक्षित रहता है, जिसका अर्थ है कि उपग्रह जब पृथ्वी के सबसे निकट (उपसौर/पेरीजी) होता है, तो उसकी चाल अधिकतम और दूर होने पर न्यूनतम होती है।
- 2. किसी दीर्घवृत्तीय कक्षा में परिक्रमा कर रहे उपग्रह की कुल यांत्रिक ऊर्जा ऋणात्मक होती है, जो यह दर्शाती है कि उपग्रह गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बंधा हुआ है, और दीर्घवृत्तीय कक्षा के किसी भी बिंदु पर उपग्रह की गतिज ऊर्जा (Kinetic energy), उसकी स्थितिज ऊर्जा (Potential energy) के परिमाण की आधी होती है।
- 3. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary satellite) की परिक्रमा की अवधि ठीक 24 घंटे होती है और यह हमेशा विषुवत वृत्त (Equator) के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जिसकी भू-सतह से ऊंचाई लगभग 36,000 किमी होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि केप्लर का द्वितीय नियम केंद्रीय बल (गुरुत्वाकर्षण बल) के अंतर्गत कोणीय संवेग संरक्षण के नियम का सीधा परिणाम है, जिससे उपग्रह पेरीजी पर तीव्र और अपोजी पर मंद गति करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि दीर्घवृत्तीय कक्षा में किसी भी बिंदु पर गतिज ऊर्जा ($K$), स्थितिज ऊर्जा ($U$) के परिमाण की आधी नहीं होती, बल्कि कुल ऊर्जा $E = K + U = -K$ होती है (अर्थात $K = -E$ और $U = -2K$, इसलिए स्थितिज ऊर्जा का परिमाण गतिज ऊर्जा का दोगुना होता है)। कथन 3 सही है क्योंकि भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन काल के समरूप 24 घंटे का आवर्तकाल रखते हैं, विषुवत तल में पश्चिम से पूर्व घूमते हैं और इनकी ऊंचाई भू-सतह से लगभग 35,786 किमी होती है। विकिपीडिया संदर्भ
Related Questions
→
हीरा क्या है?
→
चंद्रमा?
→
तरंग गति और ध्वनि तरंगों (Wave Motion and Sound) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी गैस में ध्वनि की चाल उस गैस के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है, बशर्ते दाब स्थिर रहे, जिसका अर्थ है कि समान ताप पर हल्की गैसों में ध्वनि की चाल भारी गैसों की तुलना में अधिक होती है।
2. लाप्लास (Laplace) के अनुसार, गैसों में ध्वनि का संचरण एक समतापीय (Isothermal) प्रक्रिया है, और उन्होंने न्यूटन के सूत्र में संशोधन करते हुए यह बताया कि गैसों की संपीड्यता के कारण यह प्रक्रिया रुद्धोष्म (Adiabatic) होती है।
3. जब कोई ध्वनि स्रोत किसी श्रोता की ओर गति करता है, तो श्रोता को सुनाई देने वाली ध्वनि की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति से अधिक प्रतीत होती है, और इस परिघटना को 'डॉप्लर प्रभाव' (Doppler effect) कहा जाता है, जो केवल प्रकाश तरंगों पर लागू होता है, यांत्रिक ध्वनि तरंगों पर नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र (Endocrine System) और विभिन्न हॉर्मोनों के नियंत्रण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस द्वारा स्रावित 'गोनाडोट्रोपिन-रिलीजिंग हॉर्मोन' (GnRH) अग्र पीयूष ग्रंथि (Anterior pituitary) को उत्तेजित करता है ताकि वह ल्यूटिनाइजिंग हॉर्मोन (LH) और फॉलिकल-स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) का स्रावण कर सके, जो जनन अंगों के विकास को नियंत्रित करते हैं।
2. एड्रिनल ग्रंथि का वल्कुट (Adrenal cortex) भाग 'कॉर्टिसोल' (Cortisol) हॉर्मोन का उत्पादन करता है, जो ग्लूकोनियोजेनेसिस, प्रोटीऑलिसिस और लाइपोलिसिस को प्रेरित करके रक्त में शर्करा के स्तर को बढ़ाता है तथा प्रतिरक्षी प्रतिक्रिया (Immune response) का दमन करता है।
3. थायराइड ग्रंथि की फोलिक्यूलर कोशिकाओं द्वारा स्रावित 'कैल्सीटोनिन' (Calcitonin) हॉर्मोन रक्त में कैल्शियम के स्तर को बढ़ाने का कार्य करता है, क्योंकि यह हड्डियों के अवशोषण (Bone resorption) को उत्तेजित करता है और वृक्कों द्वारा कैल्शियम के पुनअवशोषण को रोकता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
→
नाभिकीय भौतिकी और रेडियोधर्मिता के संदर्भ में, 'बीटा-क्षय' (Beta decay) और 'इलेक्ट्रॉन कैप्चर' (Electron capture) प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बीटा-ऋणात्मक ($eta^-$) क्षय के दौरान, नाभिक के भीतर एक न्यूट्रॉन एक प्रोटॉन, एक इलेक्ट्रॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो में परिवर्तित हो जाता है, जिससे परमाणु क्रमांक में एक की वृद्धि होती है।
2. इलेक्ट्रॉन कैप्चर की प्रक्रिया में, नाभिक के निकट की कक्षा (आमतौर पर K-शेल) का एक आंतरिक इलेक्ट्रॉन नाभिक द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है, जिससे एक प्रोटॉन न्यूट्रॉन में बदल जाता है और एक न्यूट्रिनो उत्सर्जित होता है।
3. बीटा-धनात्मक ($eta^+$) क्षय और इलेक्ट्रॉन कैप्चर दोनों ही प्रक्रियाओं में मूल परमाणु का द्रव्यमान संख्या (Mass number) परिवर्तित हो जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.