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General Science
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नाभिकीय भौतिकी और रेडियोएक्टिव क्षय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी रेडियोएक्टिव नाभिक के क्षय स्थिरांक (Decay constant, $\lambda$) और उसकी अर्ध-आयु ($T_{1/2}$) के बीच सीधा संबंध होता है, और अर्ध-आयु का मान नाभिक के प्रारंभिक द्रव्यमान तथा बाह्य ताप व दाब की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
- 2. 'अल्फा क्षय' के दौरान जनक नाभिक से एक हीलियम नाभिक उत्सर्जित होता है, जिससे द्रव्यमान संख्या में 4 की और परमाणु क्रमांक में 2 की कमी आ जाती है, तथा यह प्रक्रिया मुख्य रूप से उन भारी नाभिकों में होती है जिनका न्यूट्रॉन-प्रोटॉन अनुपात अत्यधिक असंतुलित होता है।
- 3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) की श्रृंखला अभिक्रिया में यूरेनियम-235 पर मंद गति से चलने वाले न्यूट्रॉनों (Thermal neutrons) की बमबारी की जाती है, जो नाभिक को अस्थिर करके बेरियम और क्रिप्टन जैसे हल्के टुकड़ों में तोड़ देते हैं तथा अपार ऊर्जा के साथ औसतन 2 से 3 नए न्यूट्रॉन मुक्त करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्ध-आयु ($T_{1/2} = \frac{\ln 2}{\lambda}$) उसके क्षय स्थिरांक के व्युत्क्रमानुपाती होती है, किंतु अर्ध-आयु और क्षय स्थिरांक दोनों ही पूरी तरह से आंतरिक नाभिकीय गुण हैं और ये पदार्थ के प्रारंभिक द्रव्यमान, तापमान, दाब या किसी भी रासायनिक व भौतिक कारक से प्रभावित नहीं होते हैं। कथन 2 सही है, अल्फा क्षय ($\alpha$-decay) भारी नाभिकों में होता है जहाँ न्यूट्रॉन और प्रोटॉन का अनुपात असंतुलित होता है, और इसके निकलने से द्रव्यमान संख्या में 4 तथा परमाणु क्रमांक में 2 की कमी होती है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है। कथन 3 भी सही है; यूरेनियम-235 पर थर्मल न्यूट्रॉन की बमबारी से नाभिकीय विखंडन होता है जिसमें ऊर्जा और नए न्यूट्रॉन निकलते हैं जो श्रृंखला अभिक्रिया को बनाए रखते हैं।
Related Questions
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों की संरचना और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंतर्द्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum - ER) का खुरदरा भाग (RER) राइबोसोम की उपस्थिति के कारण प्रोटीन संश्लेषण और स्राव में सक्रिय रूप से संलग्न होता है, जबकि चिकना अंतर्द्रव्यी जालिका (SER) लिपिड, स्टेरॉयड हॉर्मोन और जन्तुओं में ग्लाइकोजन चयपचय के मुख्य स्थल के रूप में कार्य करता है।
2. गॉल्जीकाय (Golgi apparatus) मुख्य रूप से प्रोटीन और लिपिड के ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation and Glycolipidation) का प्रमुख स्थल है, जहाँ पदार्थों का संशोधन होकर उन्हें पुटिकाओं (Vesicles) के रूप में कोशिका के भीतर या बाहर लक्षित किया जाता है।
3. सूत्रकणिका (Mitochondria) के मैट्रिक्स में द्विरज्जुकीय वृत्ताकार डीएनए, 70S प्रकार के राइबोसोम और प्रोटीन संश्लेषण के लिए आवश्यक सभी एंजाइम पाए जाते हैं, जिसके कारण इसे 'अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग' (Semi-autonomous organelle) कहा जाता है।
4. लाइसोसोम (Lysosomes) में अम्लीय परिस्थितियों ($pH \approx 4.5 - 5.0$) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो केवल बाह्य पदार्थों का पाचन करते हैं और अंतःकोशिकीय पाचन में इनकी कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह?
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दर्पण का सूत्र?
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ऊष्मागतिकी के नियमों, तापमापी और ऊष्मा स्थानांतरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) 'ताप' (Temperature) की अवधारणा को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
2. 'स्टीफन-बोल्ट्ज़मैन नियम' के अनुसार, किसी आदर्श कृष्णिका (Black body) द्वारा प्रति एकांक क्षेत्रफल से प्रति सेकंड उत्सर्जित कुल विकिरण ऊर्जा उसके परम तापमान की चतुर्थ घात ($T^4$) के सीधे आनुपातिक होती है।
3. जल का 'त्रिक बिंदु' (Triple Point) वह विशिष्ट तापमान और दाब है जिस पर जल की तीनों अवस्थाएँ (ठोस, द्रव और गैस) सह-अस्तित्व में तापीय साम्य में होती हैं, और केल्विन पैमाने पर इसका मान ठीक 273.16 K होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भौतिक राशियों, मात्रकों और मापन (Units and Measurement) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पारसेक (Parsec) खगोलीय दूरी मापने की सबसे बड़ी इकाई है, जो उस चाप की दूरी को निरूपित करती है जो किसी वृत्त के केंद्र पर 1 आर्कसेकंड (1 arcsecond) का कोण अंतरित करता है जब चाप की लंबाई 1 खगोलीय इकाई (AU) होती है।
2. स्टीरेडियन (Steradian) एक व्युत्पन्न मात्रक है जो समतल कोण (Plane angle) को मापने के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि रेडियन एक पूरक मात्रक (Supplementary unit) है जिसका उपयोग ठोस कोण (Solid angle) को मापने के लिए किया जाता है।
3. प्लांक नियतांक ($h$) का विमीय सूत्र वही होता है जो कोणीय संवेग (Angular momentum) का होता है, और दोनों का SI मात्रक जूल-सेकंड ($J\cdot s$) है।
4. प्रकाश वर्ष (Light-year) समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है, और 1 प्रकाश वर्ष लगभग $9.46 \times 10^{15}$ मीटर के बराबर होता है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी विकिपीडिया संदर्भ में दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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