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General Science
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मिश्र धातुओं (Alloys), उनकी संरचना और उनके विशिष्ट उपयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पीतल' (Brass) तांबे और जस्ते (Zinc) की एक मिश्र धातु है, जिसमें जस्ते का अनुपात आमतौर पर 30% से 40% तक होता है, और यह तांबे की तुलना में अधिक मजबूत तथा संक्षारण-प्रतिरोधी होती है।
- 2. 'कांस्य' (Bronze) मुख्य रूप से तांबे और टिन (Tin) की मिश्र धातु है, जिसका उपयोग प्राचीन काल से सिक्के, मूर्तियाँ और बर्तन बनाने के लिए किया जाता रहा है, और इसमें टिन की उपस्थिति से इसकी कठोरता और तन्यता बढ़ जाती है।
- 3. 'सोल्डर' (Solder) एक ऐसी मिश्र धातु है जो मुख्य रूप से सीसा (Lead) और बिस्मथ से मिलकर बनती है, और इसका गलनांक बहुत उच्च होता है जिसके कारण इसका उपयोग मुख्य रूप से भारी विद्युत उपकरणों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि पीतल (Brass) तांबे (Cu) और जस्ते (Zn) की एक प्रमुख मिश्र धातु है। इसमें संक्षारण के प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता होती है। कथन 2 सही है क्योंकि कांस्य (Bronze) तांबे और टिन (Sn) का एक मजबूत और टिकाऊ मिश्रण है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'सोल्डर' (Solder) मुख्य रूप से सीसा (Lead, Pb) और टिन (Sn) की मिश्र धातु होती है, न कि बिस्मथ की; इसका गलनांक बहुत **कम** होता है, जिससे इसका उपयोग दो धातुओं या विद्युत तारों को आपस में जोड़ने (वेल्डिंग/टांका लगाने) के लिए किया जाता है। मिश्र धातुओं के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic Properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी उदासीन गैसीय परमाणु द्वारा एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर ऊर्जा के मुक्त होने की प्रक्रिया 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी' कहलाती है, और आवर्त सारणी में फ्लोरीन (F) की इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी का ऋणात्मक मान अपने ही समूह के क्लोरीन (Cl) से अधिक होता है।
2. 'लैंथानाइड संकुचन' (Lanthanoid Contraction) का मुख्य कारण 4f-इलेक्ट्रॉनों का अत्यंत दुर्बल परिरक्षण प्रभाव (Shielding effect) है, जिसके परिणाम स्वरूप 5d श्रेणी के संक्रमण तत्वों (जैसे हाफ्नियम) का आकार ठीक उनके ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम) के लगभग समान हो जाता है।
3. ऑक्साइडों की प्रकृति के संबंध में, आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर तत्वों के ऑक्साइडों का अम्लीय गुण सामान्यतः बढ़ता है, जबकि समूह में ऊपर से नीचे आने पर धात्विक ऑक्साइडों की क्षारीय प्रकृति घटती जाती है।
4. उत्कृष्ट गैसों (Noble Gases) की आयनन एंथैल्पी अपने संबंधित आवर्त में सर्वाधिक होती है, जबकि उनकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी का मान धनात्मक होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन जोड़ने के लिए ऊर्जा देनी पड़ती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए आइंस्टीन को क्या मिला?
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भौतिक राशियों और उनके मापन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पार्सैक (Parsec) खगोलीय दूरियों को मापने की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई है, जो कि एक आकाशीय पिंड द्वारा पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या (1 खगोलीय इकाई) पर अंतरित 1 आर्कसेकंड का कोण बनाती है, और यह लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराबर होती है।
2. 'एम्पीयर' को विद्युत धारा के मात्रक के रूप में परिभाषित करते समय निर्वात में दो सीधे, अनंत लंबाई के और नगण्य अनुप्रस्थ काट वाले चालकों के बीच प्रति मीटर लंबाई पर लगने वाले चुंबकीय बल का मान $2 \times 10^{-7}$ न्यूटन निर्धारित किया गया है।
3. 'कैंडेला' दीप्त तीव्रता का एसआई मात्रक है, जिसे किसी निश्चित दिशा में 540 $\times$ $10^{12}$ हर्ट्ज़ आवृत्ति वाले एकवर्णी प्रकाश के स्रोत द्वारा उत्सर्जित दीप्त तीव्रता के आधार पर परिभाषित किया जाता है जिसकी विकिरण तीव्रता उस दिशा में $\frac{1}{683}$ वाट प्रति स्टेरडियन होती है।
4. समतलीय कोण का मात्रक 'रेडियन' और ठोस कोण का मात्रक 'स्टेरडियन' दोनों ही एसआई प्रणाली में व्युत्पन्न राशियाँ (Derived quantities) और व्युत्पन्न मात्रक माने जाते हैं, जिनका कोई विमीय सूत्र नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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किस गैस को 'मार्श गैस' कहा जाता है?
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