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General Science
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में पाए जाने वाले विभिन्न कोशिकांगों (Cell organelles) और उनके विशिष्ट कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सूत्रकणिका (Mitochondria) के आंतरिक झिल्ली पर 'ऑक्सीसोम' (F0-F1 कण) उपस्थित होते हैं, जो कोशिकीय श्वसन के दौरान एटीपी (ATP) संश्लेषण के मुख्य स्थल हैं, और चूँकि इस अंगक में स्वयं का वृत्ताकार डीएनए तथा 70S राइबोसोम होते हैं, इसे 'अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग' (Semi-autonomous organelle) कहा जाता है।
- 2. लिसोसॉम (Lysosome) एक ऐसा एकल-झिल्लीबद्ध कोशिकांग है जिसमें अम्लीय pH (लगभग 4-5) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे लाइपेज, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रैसेज) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो क्षतिग्रस्त कोशिकाओं या अवांछित macromolecules का पाचन करते हैं।
- 3. परॉक्सिसॉम (Peroxisome) एक झिल्ली-बद्ध कोशिकांग है जो मुख्य रूप से प्रकाश-श्वसन (Photorespiration) और हाइड्रोजन पेरोक्साइड के विषैले चयापचय में भाग लेता है, और यह जंतु कोशिकाओं में राइबोसोम के साथ मिलकर लिपिड का संश्लेषण भी करता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार, कथन 1 बिल्कुल सही है क्योंकि सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) को अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग माना जाता है क्योंकि इसमें स्वयं का डीएनए और 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं, तथा इसकी आंतरिक झिल्ली पर ऑक्सीसोम स्थित होते हैं जो ATP निर्माण में मदद करते हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि लिसोसॉम एकल झिल्ली से घिरा कोशिकांग है जिसमें अम्लीय वातावरण में सक्रिय रहने वाले जल-अपघट्य (Hydrolytic) एंजाइम होते हैं जो ऑटोफैगी और सेलुलर डिग्रेडेशन में भूमिका निभाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि परॉक्सिसॉम मुख्य रूप से हाइड्रोजन पेरोक्साइड के चयापचय और वसीय अम्ल के बीटा-ऑक्सीकरण से संबंधित है, जबकि लिपिड और स्टेरॉयड का मुख्य संश्लेषण मुख्य रूप से चिकनी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (SER) द्वारा होता है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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डीएनए फिंगरप्रिंटिंग और आनुवंशिक विविधता के संदर्भ में, 'VNTR' (वेरिएबल नंबर ऑफ टैंडम रिपीट्स) की कार्यप्रणाली और अनुप्रयोगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. VNTR जीनोम के उन क्षेत्रों से संबंधित होते हैं जहाँ छोटे न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम क्रमिक रूप से कई बार दोहराए जाते हैं, और इन दोहरावों की संख्या प्रत्येक व्यक्ति में अत्यधिक बहुरूपी (polymorphic) होती है, सिवाय एकसमान जुड़वां (identical twins) के।
2. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक में, रिस्ट्रिक्शन एंडोन्यूक्लีएज एंजाइमों द्वारा डीएनए को काटने के बाद प्राप्त खंडों को इलेक्ट्रोफोरेसिस द्वारा अलग किया जाता है, और VNTR जांच (probes) का उपयोग करके 'सदर्न ब्लॉटिंग' तकनीक के माध्यम से आनुवंशिक बहुरूपता की पहचान की जाती है।
3. VNTR अनुक्रम केवल कोडिंग डीएनए (एक्साइट्स) के भीतर ही पाए जाते हैं और प्रोटीन संश्लेषण में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेते हैं, जिसके कारण इनमें होने वाले उत्परिवर्तन जीवों के फेनोटाइप को तुरंत प्रभावित करते हैं।
4. VNTR आधारित डीएनए प्रोफाइलिंग का उपयोग फोरेंसिक विज्ञान में अपराधियों की पहचान करने, पितृत्व विवादों को सुलझाने और विभिन्न जातियों के बीच आनुवंशिक विविधता तथा विकासवादी संबंधों का अध्ययन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भूकंप की तीव्रता मापने का यंत्र?
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नाभिकीय भौतिकी और रेडियोएक्टिव क्षय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी रेडियोएक्टिव नाभिक के क्षय स्थिरांक (Decay constant, $\lambda$) और उसकी अर्ध-आयु ($T_{1/2}$) के बीच सीधा संबंध होता है, और अर्ध-आयु का मान नाभिक के प्रारंभिक द्रव्यमान तथा बाह्य ताप व दाब की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
2. 'अल्फा क्षय' के दौरान जनक नाभिक से एक हीलियम नाभिक उत्सर्जित होता है, जिससे द्रव्यमान संख्या में 4 की और परमाणु क्रमांक में 2 की कमी आ जाती है, तथा यह प्रक्रिया मुख्य रूप से उन भारी नाभिकों में होती है जिनका न्यूट्रॉन-प्रोटॉन अनुपात अत्यधिक असंतुलित होता है।
3. नाभिकीय विखंडन (Nuclear fission) की श्रृंखला अभिक्रिया में यूरेनियम-235 पर मंद गति से चलने वाले न्यूट्रॉनों (Thermal neutrons) की बमबारी की जाती है, जो नाभिक को अस्थिर करके बेरियम और क्रिप्टन जैसे हल्के टुकड़ों में तोड़ देते हैं तथा अपार ऊर्जा के साथ औसतन 2 से 3 नए न्यूट्रॉन मुक्त करते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में पोषण और जैव-रासायनिक उपापचय (Metabolism) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राइबोफ्लेविन (विटामिन $B_2$) का सक्रिय सह-एंजाइम रूप 'फ्लैविन एडेनिन डाइन्यूक्लियोटाइड' (FAD) और 'फ्लैविन मोनोन्यूक्लियोटाइड' (FMN) है, जो क्रेब्स चक्र के दौरान सक्सीनेट डीहाइड्रोजनेज एंजाइम को उत्प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. साइनोकोबालामिन (विटामिन $B_{12}$) में कोबाल्ट धातु आयन उपस्थित होता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय की पार्श्व कोशिकाओं (Parietal cells) द्वारा स्रावित 'इन्ट्रींसिक फैक्टर' (Intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
3. एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन $C$) एक जल-विलेय विटामिन है जो कोलेजन संश्लेषण के दौरान प्रोलिन और लाइसिन अवशेषों के हाइड्रॉक्सीलेशन के लिए उत्तरदायी प्रो-कोलेजन हाइड्रोक्सिलाइज एंजाइम को अपचयित अवस्था (Reduced state) में बनाए रखता है।
4. विटामिन D (कैल्सीफेरोल) एक जल-विलेय विटामिन है जिसका संश्लेषण सूर्य के पराबैंगनी विकिरणों द्वारा त्वचा में होता है, और यह आंत से कैल्शियम तथा फॉस्फेट के अवशोषण को पूरी तरह से रोकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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