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General Science
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं में केंद्रक और कोशिका विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'मेटाफेज' (Metaphase) अवस्था के दौरान गुणसूत्र अपनी अधिकतम संघनन अवस्था में पहुँच जाते हैं, जिससे उनकी आकृति का अध्ययन सबसे स्पष्ट रूप से किया जा सकता है, और इस चरण में सभी गुणसूत्र कोशिका के मध्य रेखा पर 'मेटाफेज प्लेट' पर व्यवस्थित हो जाते हैं।
- 2. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की 'पैकाइटीन' (Pachytene) उप-अवस्था में समझात गुणसूत्रों के गैर-भ्रातृ अर्धगुणसूत्रों (Non-sister chromatids) के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' (Crossing over) कहा जाता है, और यह प्रक्रिया 'रेकॉम्बीनेज' (Recombinase) एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित होती है।
- 3. केंद्रिका (Nucleolus) एक झिल्ली-रहित संरचना है जो केंद्रक द्रव्य में स्थित होती है और यह राइबोसोमी आरएनए (rRNA) के संश्लेषण तथा उनके प्राथमिक असेंबली का प्रमुख केंद्र होने के कारण प्रोटीन संश्लेषण में अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। समसूत्री विभाजन (Mitosis) की मेटाफेज अवस्था में गुणसूत्र अत्यधिक संघनित होते हैं, जिससे इनका आकार स्पष्ट दिखाई देता है और वे इक्वेटोरियल प्लेट पर संरेखित होते हैं। अर्धसूत्री विभाजन की पैकाइटीन अवस्था में क्रॉसिंग ओवर की प्रक्रिया होती है, जो 'रेकॉम्बीनेज' एंजाइम की मदद से संपन्न होती है और आनुवंशिक विविधता लाती है। केंद्रिका (Nucleolus) एक झिल्ली-रहित संरचना है जो rRNA के संश्लेषण और राइबोसोम निर्माण के लिए उत्तरदायी है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विलयन के अणुसंख्यक गुणधर्म (Colligative properties) और रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्प्रेरण (Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय मिलाने पर वाष्प दाब में होने वाला अपेक्षिक अवनमन विलेय के मोल अंश के बराबर होता है, और यह एक अणुसंख्यक गुणधर्म है जो विलेय के कणों की प्रकृति पर निर्भर करता है, न कि उनकी संख्या पर।
2. क्वथनांक में उन्नयन ($\Delta T_b$) और हिमांक में अवनमन ($\Delta T_f$) दोनों ही molal सांद्रता (मोललता) के सीधे आनुपातिक होते हैं, तथा इनके आनुपातिक स्थिरांक क्रमशः मोलल उन्नयन स्थिरांक ($K_b$) और मोलल अवनमन स्थिरांक ($K_f$) कहलाते हैं, जो केवल विलायक की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।
3. समांगी उत्प्रेरण (Homogeneous catalysis) में उत्प्रेरक और अभिकारकों की भौतिक अवस्था (phase) समान होती है, जैसे सींबर प्रक्रिया में सल्फर डाइऑक्साइड का सल्फर ट्राइऑक्साइड में ऑक्सीकरण, जबकि विषमांगी उत्प्रेरण में उत्प्रेरक और अभिकारक भिन्न कलाओं में होते हैं।
4. एन्जाइम उत्प्रेरण (Enzyme catalysis) अत्यधिक विशिष्ट और प्रभावी होता है, तथा इसकी कार्यप्रणाली 'ताला-चाबी' मॉडल (Lock and key model) या प्रेरित फिट मॉडल पर आधारित होती है, जिसमें सक्रिय ऊर्जा (Activation energy) का मान उत्प्रेरक की उपस्थिति में बढ़ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गाय?
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वायुमंडल में कितनी परतें हैं?
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मानव शरीर के विभिन्न शारीरिक तंत्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की सूक्ष्म कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में स्थित ऑक्सीपिटिक या पैराइटल कोशिकाओं (Oxyntic cells) द्वारा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ-साथ 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) स्रावित किया जाता है, जो छोटी आंत में विटामिन B12 के अवशोषण के लिए अनिवार्य है।
2. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो ऑक्सीजन-युक्त (शुद्ध) रक्त को हृदय से फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि फुफ्फुस शिरा (Pulmonary vein) डीऑक्सीजनेटेड रक्त का वहन करती है।
3. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स (Synapse) के माध्यम से तंत्रिका आवेगों का संचरण मुख्य रूप से रासायनिक संदेशवाहकों यानी न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एसिटيلकोलाइन) के द्वारा होता है, जो प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से निकलकर पोस्ट-सिनेप्टिक रिसेप्टर्स से जुड़ते हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक तार का प्रतिरोध ($R$) उसकी लंबाई ($l$) के सीधे आनुपातिक और उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल ($A$) के व्युत्क्रमानुपाती होता है, तथा विशिष्ट प्रतिरोध या प्रतिरोधकता ($
ho$) का मान चालक के आयामों पर निर्भर न करके केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है।
2. किर्चॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी बंद लूप में कुल विद्युत वाहक बल (EMF) का बीजगणितीय योग उस लूप के विभिन्न भागों में उत्पन्न विभवांतरों के योग के बराबर होता है।
3. श्रेणीक्रम (Series combination) में जुड़े प्रतिरोधकों का तुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध से कम होता है, और इस संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
4. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह सेतु तब संतुलित (Balanced) कहा जाता है जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप नहीं होता है, जिससे $P/Q = S/R$ का संबंध प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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